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PSLV C62 Mission Launch: इसरो का मिशन फेल, अंतरिक्ष में गायब हुआ 'अन्वेषा'

PSLV C62 Mission Launch: इसरो का मिशन फेल, अंतरिक्ष में गायब हुआ 'अन्वेषा'
Jan 12, 2026, 11:10 AM
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Posted By Preeti Kumari

PSLV C62 Mission Launch: इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन यानि (ISRO) 2026 के पहले ऑर्बिटल मिशन की लॉन्चिंग सफलतापूर्वक हो गई. लेकिन सैटेलाइट तैनात नहीं हो सका. PSLV-C62 रॉकेट श्री हरिकोटा से लॉन्च किया गया. यह मिशन सतीश धवन स्पेस सेंटर के फर्स्ट लॉन्च पैड से उड़ान भरा था. इस मिशन का मुख्य हिस्सा EOS-N1 अन्वेषा है, जो डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन द्वारा विकसित एक हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट है. अन्वेषा सैटेलाइट एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन एप्लीकेशन के लिए डिज़ाइन किया गया था. बता दें, इसरो की अन्वेषा सैटेलाइट की लॉन्चिंग कुछ खराबी तकनीकियों के चलते फेल हो गई है. तीसरे स्टेज के बाद रॉकेट ने दिशा बदली. चौथा स्टेज नहीं शुरू हो पाया, जिसके कारण सैटेलाइट सेपरेट नहीं हुआ और सारे पेलोड अंतरिक्ष में खो गए. DRDO द्वारा विकसित EOS-N1 अन्वेषा सैटेलाइट की शुरुआती तस्वीरें सामने आई हैं. जो काफी अद्भुत है.


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अन्वेषा सैटेलाइट की लॉन्चिंग फेल होने पर इसरों का बयान


अन्वेषा सैटेलाइट की लॉन्चिंग फेल होने पर इसरो चीफ ने एक बड़ा बयान जारी कर बताया कि, "तीसरे स्टेज में दिक्कत आई और दिशा में परिवर्तन हो गया. डेटा एनालिसिस किया जा रहा है, जो भी अपडेट आएगा उसकी जानकारी उसी के आधार पर दी जाएगी." इसरो ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया, "PSLV-C62 मिशन में PS3 स्टेज के आखिर में एक गड़बड़ी हुई. इसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है." ऑटोमैटिक लॉन्च सीक्वेंस शुरू हो गया है, लॉन्च कंट्रोल सेंटर में कंप्यूटर ने PSLV का कमांड संभाल लिया है.


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ऑर्बिट में AI लैब


हैदराबाद की MOI-1 अब एक्टिव है और कम्युनिकेट कर रही है. दुनिया का सबसे हल्का स्पेस टेलीस्कोप ले जाने वाला यह सिस्टम, यूज़र्स को रियल-टाइम आपदा विश्लेषण के लिए अंतरिक्ष में AI प्रोसेसिंग पावर किराए पर लेने की सुविधा देता है. वहीं हाई-परफॉर्मेंस सॉलिड थर्ड स्टेज (HPS3) ने अपना बर्न पूरा कर लिया है और अलग हो गया है. यह इंजीनियरों के लिए 'देखने लायक' एक बड़ा पल था, और इसकी सफलता मिशन कंट्रोल टीम के लिए एक बड़ी राहत है. लेकिन चिंता वाली बात यह है कि डेटा आने में देरी हो रही है, जिससे कमांड सेंटर में सन्नाटा छा गया है.


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अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स की उम्र बढ़ाने और स्पेस डेब्री (कचरा) कम करने की दिशा में भारत ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. OrbitAid Aerospace अपना पहला सैटेलाइट AayulSAT लॉन्च कर चुका है. यह सैटेलाइट अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स को ईंधन भरने की टेक्नोलॉजी दिखाएगा. यह भारत का पहला कॉमर्शियल इन-ऑर्बिट डॉकिंग और रिफ्यूलिंग इंटरफेस होगा.

नारी शक्ति वंदन : जन-जन तक पहुँचा अधिकारों का संदेश, स्कूटी रैली बनी प्रेरणा...
नारी शक्ति वंदन : जन-जन तक पहुँचा अधिकारों का संदेश, स्कूटी रैली बनी प्रेरणा...
वाराणसी : सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम–प्रचार अभियान” के अंतर्गत आयोजित स्कूटी रैली को कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के उस शाश्वत आदर्श का पुनर्स्थापन है, जिसमें नारी को ‘शक्ति’, ‘सृजन’ और ‘संस्कार’ का मूल स्रोत माना गया है.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाकर लोकतंत्र को अधिक समावेशी, सुदृढ़ और संवेदनशील बना रहा है.रैली के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि “इस स्कूटी रैली का प्रमुख उद्देश्य नारी सम्मान और अधिकारों के प्रति व्यापक जन-जागरण करना है, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग में महिलाओं के प्रति समानता, सुरक्षा और सम्मान की भावना विकसित हो. यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, स्वावलंबन और नेतृत्व क्षमता के विकास का भी सशक्त माध्यम है.भाजपा की जिला महिला मोर्चा की कार्यालय प्रभारी सोनिया जैन बतौर मुख्य अतिथि ने कहा कि “इस प्रकार की रैलियाँ समाज में सकारात्मक सोच का संचार करती हैं, रूढ़ियों को तोड़ती हैं और युवतियों एवं महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग होकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करती हैं. जब नारी शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनती है, तभी सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होता है.Also Read :दवा कारोबार के नाम पर 60.54 लाख की धोखाधड़ी, दंपती समेत तीन पर मुकदमा...रैली विश्वविद्यालय के मुख्य भवन से प्रारंभ होकर राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, चौकाघाट होते हुए पुनः मुख्य परिसर में सम्पन्न हुई. इस अवसर पर प्रो जितेन्द्र कुमार,आयुर्वेद महाविद्यालय की प्रचार्या डॉ. नीलम गुप्ता,प्रो विधु द्विवेदी, प्रो दिनेश कुमार गर्ग,नोडल अधिकारी प्रो. विद्या कुमारी चंद्रा सहित अनेक महिलाओं एवं छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया. यह आयोजन नारी सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का प्रेरणादायी प्रयास रहा.
दवा कारोबार के नाम पर 60.54 लाख की धोखाधड़ी, दंपती समेत तीन पर मुकदमा...
दवा कारोबार के नाम पर 60.54 लाख की धोखाधड़ी, दंपती समेत तीन पर मुकदमा...
वाराणसी : पूर्वांचल की सबसे बड़ी दवा मंडी सप्तसागर से जुड़े दस कारोबारियों के साथ 60.54 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. आरोप है कि एक दंपती ने क्रेडिट पर दवाएं खरीदने के बाद भुगतान नहीं किया और दबाव बनाने पर फर्जी हस्ताक्षर वाला चेक दे दिया. कोतवाली पुलिस ने सम्मिलित तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. कारोबारियों के अनुसार बड़ा गणेश क्षेत्र स्थित ‘प्रथम फार्मा’ के प्रोप्राइटर मोना मद्धेशिया, उनके पति मनीष मद्धेशिया और बेटे प्रथम मद्धेशिया ने अलग-अलग फर्मों से दवाएं उधार पर लीं, लेकिन दिसंबर 2025 से भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया. इस दौरान दुकान खुली रही और दवाओं की बिक्री जारी रही.पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने भुगतान के लिए दबाव बनाया तो मनीष ने अपनी पत्नी मोना के नाम से एक चेक दिया, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया. इसके बाद 26 जनवरी 2026 को हुई पंचायत में फरवरी तक भुगतान करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अप्रैल तक भी कोई रकम वापस नहीं की गई. एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि कारोबारियों की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.Also Read: झंडा विवाद को लेकर हिंसा के बाद एक्‍शन में पुलिस, गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्जइस मामले में सौरभ अग्रवाल की फर्म अग्रवाल एंड अग्रवाल के 2,55,099 रुपये, विष्णु कुमार गुप्ता की विष्णु एजेंसी के 8,39,349 रुपये और देवानंद कुकरेजा की नारायण एंटरप्राइजेज के 7,16,365 रुपये फंसे हैं. अन्य पीड़ितों को मिलाकर कुल ठगी की रकम 60 लाख 54 हजार रुपये बताई गई है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की भूमिका स्पष्ट कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
झंडा विवाद को लेकर हिंसा के बाद एक्‍शन में पुलिस, गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज
झंडा विवाद को लेकर हिंसा के बाद एक्‍शन में पुलिस, गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज
वाराणसी : चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में झंडा और पोस्टर विवाद को लेकर हिंसा के बाद पुलिस एक्‍शन में आ गई है. बता दें कि पुलिस ने जब भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, तो गांव के अंदर की ओर से अचानक पथराव शुरू हो गया. हालात बिगड़ते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ी, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया. पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए 11 नामजद और करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. आरोपियों पर हत्या के प्रयास, दंगा, सरकारी कार्य में बाधा समेत 12 गंभीर धाराएं लगाई गई हैं.फिलहाल पुलिस ने 6 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. गांव में अभी भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.बता दें कि अंबेडकर जयंती के बाद झंडा हटाने और लगाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे हालात बेकाबू हो गए. प्रदर्शन कर रहे दलित समाज के लोगों ने बाबतपुर-चौबेपुर मार्ग पर जाम लगा दिया. स्थिति तब और बिगड़ गई जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की. इसी दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इस पथराव में विदुष सक्सेना (एसीपी सारनाथ) गंभीर रूप से घायल हो गए, उनके सिर में चोट आई. इसके अलावा चोलापुर थाने के दो दरोगा भी जख्मी हो गए। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया.Also Read: हीट वेव के खतरे को देखते हुए जिला अस्‍पताल में खास इंतजाम, नहीं लगानी पड़ेगी कतार ...मामले की शुरुआत गांव के मुख्य द्वार पर झंडा लगाने को लेकर हुई. जानकारी के मुताबिक, रामनवमी के दिन यहां भगवा झंडा लगाया गया था. इसके बाद अंबेडकर जयंती पर भीम आर्मी और बसपा समर्थकों ने भगवा झंडा हटाकर नीला झंडा लगा दिया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों झंडे हटवा दिए थे, लेकिन शुक्रवार को फिर से भगवा झंडा लगाए जाने पर विवाद भड़क गया. इसे लेकर एक पक्ष ने विरोध शुरू कर दिया, जो धीरे-धीरे उग्र प्रदर्शन में बदल गया. घटना की सूचना मिलते ही चोलापुर, चौबेपुर, फूलपुर और बड़ागांव समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. साथ ही पीएसी और आरआरएफ की टीमें भी तैनात कर दी गईं, ताकि हालात को काबू में रखा जा सके.