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साइकिएट्रिक सोसायटी का राष्ट्रीय सम्मेलन, मनोचिकित्‍सकों ने बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति पर जताई चिंता

साइकिएट्रिक सोसायटी का राष्ट्रीय सम्मेलन, मनोचिकित्‍सकों ने बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति पर जताई चिंता
Jul 25, 2026, 11:06 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : सेंट्रल साइकिएट्रिक सोसायटी का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार से काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के मनोरोग विभाग के तत्वावधान में डा. उडुप्पा सभागार में आरंभ हुआ. उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने युवाओं में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की. सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों, मेडिकल कॉलेजों और शोध संस्थानों के मनोचिकित्सक एकत्रित हुए हैं, जो इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए तंत्रिका गतिविधियों के संचालन और नियंत्रण पर चर्चा करेंगे.


उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह पहला अवसर है जब उन्होंने किसी एसोसिएशन को विभिन्न जोन में विभाजित होते देखा है. उन्होंने बताया कि यह सेंट्रल ज़ोन है, जिसमें चार राज्य शामिल हैं. इससे बेहतर भागीदारी और अधिक कार्यक्रमों का आयोजन संभव होगा. उन्होंने न्यूरो-मॉड्यूलेशन तकनीकों और प्रैक्टिकल डेमो के प्रयासों की सराहना की, जो न केवल छात्रों और पेशेवरों के लिए लाभकारी होंगे, बल्कि कई मरीजों को भी फायदा पहुँचाएंगे.


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प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि यह जानकर खुशी होती है कि उनका विभाग 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' है, जिससे उन मरीजों को मदद मिलेगी जिन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता है. उन्होंने स्पेशलाइज़ेशन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आज साइकियाट्रिस्ट के लिए कई रास्ते खुले हैं. उन्होंने डॉक्टरों और मेडिकल प्रोफेशनल्स को प्रोत्साहित किया कि वे अपनी रुचि के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करें, जिससे उन्हें पहचान मिलेगी और वे बेहतर रिसर्च और पब्लिकेशन कर सकेंगे.


उद्घाटन सत्र में बीएचयू के मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अच्युत कुमार पाण्डेय, सोसायटी के जोनल अध्यक्ष डा. सौरभ टंडन, डीन मेडिसिन प्रो. संजय गुप्ता, निदेशक चिकित्सा विज्ञान संस्थान प्रो. एसएन संखवार, सोसायटी अध्यक्ष डा. ओमप्रकाश सिंह, चिकित्सा अधीक्षक सर सुंदरलाल चिकित्सालय प्रो. पुनीत, और प्रभारी आचार्य ट्रामा सेंटर प्रो. अजीत कुमार सिंह सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे. इस सम्मेलन में विशेषज्ञों के बीच होने वाली चर्चा से उम्मीद है कि सभी प्रतिभागियों को लाभ होगा. कुलपति ने कहा कि यदि सभी को इससे फायदा होता है, तो इसमें जो भी धन खर्च हुआ है, उसका सही उपयोग हुआ है. उन्होंने सभी प्रतिभागियों के लिए शुभकामनाएँ दीं और आशा व्यक्त की कि उनका अनुभव बीएचयू और आइएमएस बीएचसू में सकारात्मक रहेगा.

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
वाराणसी: मंडुआडीह थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार तड़के बरेका (बीएलडब्ल्यू) आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, लहरतारा निवासी एक महिला की तहरीर पर 24 जुलाई को आरोपी किशन कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण सचान कर रहे हैं। पुलिस टीम ने 25 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे आरोपी किशन कुमार (30), निवासी लहरतारा, को बीएलडब्ल्यू आवासीय परिसर से गिरफ्तार कर लिया।ALSO READ : गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजापूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती से उसकी मित्रता थी और दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह वाराणसी छोड़कर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सचान, उपनिरीक्षक विवेक यादव, फैंटम-48 के कांस्टेबल अमित कुमार तिवारी तथा कांस्टेबल संदीप शाह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम  पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
वाराणसी: गुरु पूर्णिमा पर्व पर पड़ाव स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह के अवधूत भगवान राम आश्रम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। 28 और 29 जुलाई को होने वाले आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने शनिवार को आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान एडीसीपी ने यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।ALSO READ : काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.पुलिस प्रशासन ने गुरु पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए विशेष ट्रैफिक एवं पार्किंग प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रमुख मार्गों पर यातायात का सुचारु संचालन, पार्किंग स्थलों का निर्धारण तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे गुरु पूर्णिमा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग में शनिवार को 48वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में 'दहेज मुक्त भारत' विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में शिक्षकों ने दहेज प्रथा को सामाजिक बुराई बताते हुए युवाओं से इसके खिलाफ जनजागरण का आह्वान किया।मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. शैफाली वर्मा ठकराल ने कहा कि दहेज प्रथा केवल सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, समानता और मानवीय गरिमा के विरुद्ध अपराध है। उन्होंने विद्यार्थियों से दहेज न लेने और न देने का संकल्प लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।प्रो. रश्मि सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी है। उन्होंने युवाओं से दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।डॉ. मुकेश कुमार पंथ ने कहा कि शिक्षित समाज ही दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। वहीं डॉ. कंचन शुक्ला ने समाज में समानता, महिला सम्मान और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर बल दिया।ALSO READ : दालमंडी ध्वस्तीकरण के दौरान सरकारी कर्मचारियों से मारपीट का आरोप, चौक थाने में प्राथमिक दर्जभाषण प्रतियोगिता में जाह्नवी गुप्ता, विकास कुमार, विकास यादव, दीपाली यादव और मोहम्मद आरिफ सहित अन्य विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने 'दहेज मुक्त भारत' का सामूहिक संकल्प लिया।कार्यक्रम का स्वागत डॉ. प्रतिभा सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पूर्णिमा श्रीवास्तव ने किया