पूर्वोत्तर रेलवे मंडलीय चिकित्सालय में सुरक्षित गर्भपात सेवाओं और MTP अधिनियम-2021 पर कार्यशाला आयोजित...

वाराणसी. पूर्वोत्तर रेलवे के मंडलीय चिकित्सालय, वाराणसी में चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मचारियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से 'कॉम्प्रिहेन्सिव एबॉर्शन केयर (CAC)' तथा मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) संशोधन अधिनियम-2021 विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.जे. चौधुरी की अध्यक्षता में मंडलीय चिकित्सालय और आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.जे. चौधुरी ने कहा कि सुरक्षित मातृ स्वास्थ्य और परिवार नियोजन सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखना स्वास्थ्य सेवाओं की प्राथमिकता है। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से महिलाओं की गरिमा, गोपनीयता और अधिकारों का सम्मान करते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया।

कार्यशाला का संचालन आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन, लखनऊ के वरिष्ठ प्रशिक्षण अधिकारी प्रकाश चंद ने किया। उन्होंने कॉम्प्रिहेन्सिव एबॉर्शन केयर (CAC), सुरक्षित एवं कानूनी गर्भपात सेवाओं, परामर्श, गर्भपात के बाद देखभाल, परिवार नियोजन तथा एमटीपी (संशोधन) अधिनियम-2021 के प्रमुख प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही गर्भपात सेवाओं के उचित अभिलेखीकरण (डॉक्यूमेंटेशन) के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कार्यशाला में बताया गया कि संशोधित एमटीपी अधिनियम महिलाओं को सुरक्षित और कानूनी गर्भपात सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करता है। इससे असुरक्षित गर्भपात के कारण होने वाली मातृ मृत्यु और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं में कमी लाने के साथ महिलाओं की गोपनीयता एवं प्रजनन अधिकारों की सुरक्षा को भी मजबूती मिलती है।
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इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.आर. सिंह, डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. कल्पना दुबे, वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनिका शुक्ला सहित मंडलीय चिकित्सालय के चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे। प्रतिभागियों ने कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता करते हुए सुरक्षित मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और नवीनतम कानूनी प्रावधानों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।



