गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं विभाग की प्राथमिकता: अपर निदेशक

वाराणसी : अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, वाराणसी मंडल डॉ. नरेन्द्र देव शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को मंडलीय स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडल के सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अधिकारी उपस्थित रहे. डॉ. शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी जनपदों को शत-प्रतिशत लक्ष्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए.
बैठक में आकांक्षात्मक ब्लॉकों-चंदौली के चहनिया, जौनपुर के मछलीशहर व रामपुर तथा गाजीपुर के देवकली, बाराचवर, सादात, बिरनो, मरदह एवं रेवतीपुर-की विशेष समीक्षा की गई. इन ब्लॉकों में गर्भवती महिलाओं का प्रथम त्रैमासिक पंजीकरण, संस्थागत प्रसव, कम वजन के शिशुओं की पहचान, एनक्यूएएस प्रमाणीकरण, हाईपरटेंशन व डायबिटीज का चिन्हीकरण व उपचार, टीबी रोगियों का सफल इलाज, चार एएनसी जांच और शून्य से एक वर्ष तक बच्चों के पूर्ण टीकाकरण जैसे 10 प्रमुख सूचकांकों पर लक्ष्यानुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए.
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के शत-प्रतिशत गोल्डन कार्ड बनाए जाने पर जोर देते हुए डॉ. शर्मा ने जीरो पॉवर्टी लाइन की सूची के आधार पर सभी पात्र परिवारों के कार्ड एक सप्ताह के भीतर प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए. रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत महिला हिंसा से जुड़े मामलों में समय से चिकित्सीय परीक्षण कराने तथा कन्या सुमंगला योजना में पात्र लाभार्थियों को समय से लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए.
ALSO READ : कैथी पीपा पुल से गंगा में गिरी कार, सवारों को मल्लाहों ने बचाया
यूपी हेल्थ डैशबोर्ड रैंकिंग (नवंबर 2025 तक) की समीक्षा में वाराणसी 11वें, जौनपुर 14वें, चंदौली 25वें और गाजीपुर 47वें स्थान पर रहा, जबकि वाराणसी मंडल प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा. अपर निदेशक ने राज्य औसत से कम प्रगति वाले सूचकांकों में सुधार कर सभी जनपदों को शीर्ष 10 में स्थान पाने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत गाजीपुर और जौनपुर में पुरुष व महिला नसबंदी की उपलब्धि कम पाए जाने पर विशेष प्रयास के निर्देश दिए गए. साथ ही एनक्यूएएस और कायाकल्प कार्यक्रमों में अधिक से अधिक स्वास्थ्य इकाइयों को शामिल कर प्रमाणीकरण प्राप्त करने पर जोर दिया गया. डॉ. शर्मा ने कहा कि आम जनता को त्वरित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है.



