"काशी विद्यापीठ कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने मिर्जापुर के महाविद्यालयों में परीक्षाओं का किया औचक निरीक्षण"

वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने शुक्रवार को मिर्जापुर जिले के सम्बद्ध महाविद्यालयों में चल रही परीक्षाओं एवं विभागों का औचक निरीक्षण किया. कुलपति प्रो. त्यागी ने राजदीप महाविद्यालय, जीडी बिनानी पीजी कॉलेज एवं रामलाल सिंह पीजी कॉलेज का औचक निरीक्षण करने के साथ ही परीक्षा के कापियों के रखरखाव की व्यवस्था की भी जांच की.कुलपति ने पारदर्शी, शुचितापूर्ण एवं नकल विहीन परीक्षा कराने हेतु आवश्यक निर्देश दिया। साथ ही परीक्षार्थियों की सुविधाओं को भी परखा. वहीं, विभागों के निरीक्षण के दौरान कुलपति ने अन्य जरूरी दस्तावेजों का परीक्षण किया. साथ ही संकाय में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बात कही.
भूगोल एवं भू सूचना विभाग में विशेष व्याख्यान आयोजित

भूगोल एवं भू सूचना विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 21 दिवसीय व्याख्यान माला के अंतर्गत शुक्रवार को विशेष व्याख्यान हुआ. मुख्य वक्ता भूगोल विभाग, केवी कॉलेज, मिर्जापुर के अध्यक्ष डॉ प्रीतम कुमार सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए पर्यटन क्षेत्र को विस्तार देना अति आवश्यक है, क्योंकि पर्यटन एक पर्यावरणीय सकारात्मक क्षेत्र है.इसके अंतर्गत सम पोषणीय पर्यटन को बढ़ावा देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि भारत की पहचान विश्व में अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के कारण है. अतः पर्यटन के विकास में हमें इन विरासतों का संरक्षण और परिवर्तन करना अति आवश्यक है.साथी साथ ही पर्यटन का उद्देश्य रोजगार प्रदान करना, अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पर्यावरण को सुरक्षित करना होना चाहिए और पर्यटन को एक उद्योग के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है.
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दूसरे सत्र में डॉ. शिवानंद यादव, विभागाअध्यक्ष, हरिश्चंद्र महाविद्यालय ने शून्य परिकल्पना, वैकल्पिक परिकल्पना, सार्थकता स्तर, काई परीक्षण पर व्याख्यान दिया. उन्होंने काई वर्ग परीक्षण को सूत्र के माध्यम से समझाया। साथ ही निराकरणीय परिकल्पना को स्वीकृत या अस्वीकृत करने की विधि को विस्तार पूर्वक समझाया.उन्होंने कहा कि सांख्यिकी परीक्षण एक सरल प्रक्रिया है, जिससे वह अपने शोध में उनका उपयोग कर सकें। स्वागत व्याख्यान माला की संयोजक डॉ. वंदना सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन संकायअध्यक्ष प्रो. अखिलेश चंद्र यादव ने किया.



