राहुल गांधी ने संसद में उठाया डोकलाम का मुद्दा, रक्षा मंत्री ने दिया जवाब

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के साथ संसद के बजट सत्र का आज चौथा दिन शुरू हुआ. इस मौके पर लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने डोकलाम का मुद्दा उठाया है. जिस पर जमकर हंगामा होने लगा. राहुल गांधी ने डोकलाम मुद्दे के बहाने एक किताब का हवाला देकर केंद्र की मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की. जिसमें उन्होंने कहा 4 चीनी टैंक डोकलाम भारत की धरती पर आ रहे थे. वे कुछ 100 मीटर की दूरी पर थे, ये बात कंपलीट हुई नहीं कि, सदन में मौजूद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इन बयानों का विरोध करते हुए कहा, जिस किताब के आधार पर राहुल केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगा रहे हैं, वो अभी तक प्रकाशित ही नहीं हुई है. इसलिए ये कैसे मान लिया जाए कि उस किताब में ये सब लिखा है जो राहल ने कहा?, बेहतर होगा कि जो किताब पब्लिश हुई है. उसका ही जिक्र करें नहीं तो छोड़ दें. इसे सुनते ही विपक्षी पार्टियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया.

ओम बिरला बोले- राहुल जी नियम से चले
स्पीकर ओम बिरला ने कहा, राहुल जी आप सदन में नेता विपक्ष हैं, सांसद प्रियंका ने एक बात कही थी तो उन्होंने ऑथेंटिक स्तर पर प्रस्तुत किया था. आपसे भी यही अपील है'. हालांकि, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने जो कहा वो बिलकुल भी सही कहा हैं. आप सदन में इसका जवाब दें, आप सदन में है, विपक्ष के नेता हैं सही नियम से चलें, हालांकि,सदन में अपनी बात रखने का हर किसी को अधिकार है. लेकिन नियम से चलना भी अनिवार्य है. जिस पर राहुल ने पलटवार कर कहा, 'ये सौ प्रतिशत ऑथेंटिक है, नरवणे की किताब में रक्षामंत्री और प्रधानमंत्री का जिक्र है, मैं वही बता रहा हूं.

अखिलेश ने राहुल का किया समर्थन
संसद में इस गहमागहमी के बीच समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी का समर्थन किया. जहां उन्होंने कहा कि अगर देश की बात है तो विपक्ष के नेता को वो बात सदन में पढ़ देने की अनुमति दे देना चाहिए. चीन का सवाल सेंसेटिव है. वहीं कंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि वह मैग्जीन की रिपोर्ट है, राहुल ने खुद कह दिया है कि पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है, अब बात ही खत्म हो जाती है, जो बुक पब्लिश ही नहीं है उसका जिक्र कैसे कर सकते हैं. इसी बीच किरेन रिजिजू ने कहा कि हम सदन में सुनने के लिए ही बैठे हैं. अध्यक्ष रूलिंग दे चुके हैं. लेकिन, फिर भी वे पढ़ रहे हैं. ऐसे कैसे चलेगा. वहीं, के सी वेणुगोपाल ने कहा कि ये लोग राहुल जी को बोलने नहीं दे रहे हैं.



