लखनऊ समेत 20 शहरों में बारिश, चौपट हुई किसानों की उपजाऊ फसल

यूपी में बिन मौसम बारिश हो रही है. आज 1 अप्रैल बुधवार को राजधानी लखनऊ-अमेठी समेत 20 शहरों में झमाझम बारिश हुई. मगर ये बारिश रुक-रुककर हो रही है. बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं भी चल रही हैं. वहीं फर्रुखाबाद में देर रात बारिश के साथ-साथ ओले भी गिरे. मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 40 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम बिगड़ा है. पिछले 24 घंटे की बात करें तो बीते मंगलवार शाम मथुरा, जालौन और कन्नौज में ओले गिरे. कल कानपुर समेत 10 शहरों में बारिश हुई। बांदा सबसे गर्म शहर रहा. यहां का तापमान 41.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया.

लखनऊ में हुई तेज बारिश
लखनऊ में तड़के 3 बजे से बारिश हो रही है। इससे पहले, तेज आंधी चली. वहीं, प्रयागराज में आधी रात 2 बजे तेज आंधी के साथ हल्की बारिश हुई. इससे भी दुख की बात तो यह है कि, फर्रुखाबाद में तो बारिश के इस कहर से किसानों की फसल बर्बाद हो गई है. दिन रात मेहनत कर गेहूं की फसल को तैयार किया था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनकी मेहरनत रंग लाने के बजाय उन्हें एक दिन मायूस कर देगी. अपनी गेंहू की फसल को बर्बाद होता देख किसान भाईयों की हालत बद से बत्तर हो चुकी है. क्योंकि ये वहीं फसल है जिससे अन्नदताता अपना जीवन चलाते है.

फसल की कटाई करने में लगे किसान
इसी के चलते अब किसान जल्द से जल्द अपनी फसल की कटाई करने में लगे हुए है. जिसका नतीजा अंबेडकरनगर जिले में साफ देखने को मिल रहा है. यहां भी तेज बारिश से गेहूं की फसल पुरी तरह से खराब हो गई है, जिससे परेशान हुए किसान अपनी फसल को काटनेमें लगे हुए हैं. उनका कहना है कि दुख इस बात का है कि पकी हुई फसलें ऐसे समय पर खराब हो गईं है, जब उनकी कटाई करनी थी.

फसल खराब होने पर मायूस हुए किसान
फर्रुखाबाद के किसान दिनेश शाक्य की 11 बीघा तंबाकू की फसल भीग गई है. जिससे वो काफी परेशान हो चुके हैं. संभल के किसान मेहमद हसन ने बताया कि इस बार फसल अच्छी हुई थी, लेकिन बारिश की वजह से गेहूं की करीब 50 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई. मसूर की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है. फर्रुखाबाद के किसान दिनेश शाक्य ने बताया कि 11 बीघा में तंबाकू की फसल काटकर सुखाने के लिए खेत में फैला दी थी, लेकिन बीती रात हुई बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया.

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अब तंबाकू के लाल पड़ने का खतरा है, जिससे बाजार में उचित कीमत नहीं मिल पाएगी. जालौन के किसान सुमित का कहना है कि शुरुआत में बड़ी मुश्किल से खाद और बीज मिले. जैसे-तैसे गेहूं की फसल तैयार की, लेकिन ओले और बारिश ने उनकी पकी हुई फसल को बर्बाद कर दिया. जालौन की महिला किसान रश्मि का कहना है कि इस बार चने की फसल अच्छी होने की उम्मीद थी, लेकिन बारिश ने उस पर पानी फेर दिया. फसल पूरी तरह जमीन पर बिछकर खराब हो गई है.



