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राजघाट पुल की रात में होगी मरम्मत, 14 जून से एक सप्ताह तक रहेगा रूट डायवर्जन...

राजघाट पुल की रात में होगी मरम्मत, 14 जून से एक सप्ताह तक रहेगा रूट डायवर्जन...
Jun 10, 2026, 07:56 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : जिले को चंदौली और बिहार से जोड़ने वाले ऐतिहासिक राजघाट पुल की मरम्मत का कार्य 14 जून से शुरू किया जाएगा. पुल पर बढ़ते यातायात दबाव और संरचनात्मक खामियों को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने मरम्मत की योजना बनाई है. ट्रैफिक पुलिस ने दिन के समय कार्य कराने की अनुमति देने से इनकार करते हुए रात में मरम्मत कराने की स्वीकृति प्रदान की है. निर्धारित योजना के अनुसार मरम्मत कार्य प्रतिदिन रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक किया जाएगा. इस दौरान पुल पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा, जबकि पैदल यात्रियों को आने-जाने की अनुमति होगी. ट्रैफिक पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर एक सप्ताह के लिए अनुमति दी है. आवश्यकता पड़ने पर कार्य अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है.


करीब 100 वर्ष पुराने राजघाट पुल की स्थिति को लेकर पिछले वर्ष रेलवे और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया था. जांच के दौरान पुल की सड़क पर कई स्थानों पर गड्ढे, क्षतिग्रस्त सतह तथा विस्तार जोड़ (एक्सपेंशन ज्वाइंट) सहित अन्य संरचनात्मक कमियां सामने आई थीं. विशेषज्ञों ने समय रहते मरम्मत नहीं होने पर बरसात के मौसम में जोखिम बढ़ने की आशंका जताई थी. राजघाट पुल पूर्वांचल के प्रमुख संपर्क मार्गों में शामिल है और इससे प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. ऐसे में दिन के समय मरम्मत कार्य शुरू होने पर यातायात बाधित होने और लंबा जाम लगने की संभावना को देखते हुए रात में कार्य कराने का निर्णय लिया गया है.


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उल्लेखनीय है कि जनवरी में भी पुल की मरम्मत के लिए यातायात प्रतिबंध लागू किया गया था, लेकिन भारी जाम और जन असुविधा के कारण कार्य बीच में रोककर वाहनों का आवागमन बहाल करना पड़ा था. अब मानसून से पहले पुल को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से पुनः मरम्मत अभियान शुरू किया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार लोक निर्माण विभाग और ट्रैफिक पुलिस के समन्वय से मरम्मत कार्य कराया जाएगा तथा वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू कर लोगों को होने वाली असुविधा को न्यूनतम रखने का प्रयास किया जाएगा.

पुलिस भर्ती परीक्षा का सपना अधूरा: जौनपुर जाते समय सड़क हादसे में युवती की मौत...
पुलिस भर्ती परीक्षा का सपना अधूरा: जौनपुर जाते समय सड़क हादसे में युवती की मौत...
वाराणसी : उत्तरप्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रही एक युवती की बुधवार को दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई. हादसे के बाद परिवार में मातम पसर गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई. मृतका की पहचान वाराणसी के लोहता थाना क्षेत्र के सरवनपुर गांव निवासी अर्चना यादव के रूप में हुई है.जानकारी के अनुसार अर्चना अपने भाई के साथ जौनपुर में आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा देने के लिए जा रही थी. रास्ते में जलालपुर थाना क्षेत्र के पास किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी. दुर्घटना इतनी भीषण थी कि अर्चना की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद भाई बाल-बाल बच गया. हादसे की सूचना के बाद परिजन मौके पर पहुंच गए. बेटी की मौत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.also read:वाराणसी में चचेरे भाई की जगह पुलिस भर्ती परीक्षा देने पहुंचा फर्जी अभ्‍यर्थी गिरफ्तार,बताया जा रहा है कि अर्चना पुलिस सेवा में भर्ती होकर अपना भविष्य संवारने का सपना देख रही थी, लेकिन परीक्षा केंद्र तक पहुंचने से पहले ही एक हादसे ने उसकी जिंदगी छीन ली. स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया. परिजनों ने किसी प्रकार की लिखित शिकायत नहीं दी है. पुलिस मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है. बतादें कि मंगलवार की सुबह भी फूलपुर थाना क्षेत्र में भी सडक हादसे में पिता-पुत्री की मौत हो गई थी. युवती अपने पिता और पडोसी के संग जौनपुर पुलिस भर्ती परीक्षा देने जा रही थी.
वाराणसी में चचेरे भाई की जगह पुलिस भर्ती परीक्षा देने पहुंचा फर्जी अभ्‍यर्थी गिरफ्तार,
वाराणसी में चचेरे भाई की जगह पुलिस भर्ती परीक्षा देने पहुंचा फर्जी अभ्‍यर्थी गिरफ्तार,
वाराणसी : उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन एक फर्जी अभ्‍यर्थी के पकडे जाने का मामला सामने आया. यह कामयाबी उस समय मिली जब मंगलवार को पहली पाली में अपने चचेरे भाई की जगह परीक्षा देने पहुंचे फर्जी अभ्यर्थी राजकुमार शाह को राजातालाब पुलिस ने परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार कर लिया. बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेज की जांच के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद केंद्र प्रभारी ने आरोपी को पुलिस को सौंप दिया. आरोपी बलिया के बांसडीह थाना क्षेत्र के महाराजपुर चांदपुर का निवासी है.राजातालाब के परीक्षा केंद्र पर सुबह की पहली पाली में परीक्षार्थियों के प्रवेश के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेज की जांच चल रही थी. शक होने पर केंद्र प्रशासन ने अभ्यर्थी राजकुमार शाह को रोककर पूछताछ की, जिसके बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. परीक्षार्थी राजकुमार शाह ने बताया कि वह अपने चचेरे भाई दीपक कुमार के स्थान पर पुलिस भर्ती परीक्षा देने आया था. केंद्र प्रभारी की सूचना के बाद पहुंची राजातालाब पुलिस उसे अपने साथ थाने ले गई. आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है. पुलिस यह पता लगा रही है कि कहीं किसी सॉल्वर गिरोह से तो नहीं जुड़ा है. एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. उसके चचेरे भाई की भी गिरफ्तारी होगी.also read:बौद्ध भिक्षु संग सारनाथ पहुंचे देसी नस्‍ल के श्‍वान ने लूटी वाहवाही, देश-विदेश में की पदयात्रा...जीके में उलझे अभ्यर्थी, रीजनिंग के सवालों में लगा ज्यादा समययूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन भी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ दिखी. गोरखपुर, गाजीपुर, मऊ, देवरिया, बिहार आदि जगहों से आए परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी. दो पालियों में हुई परीक्षा के लिए पंजीकृत 44064 में से 31702 ने परीक्षा दी जबकि दोनों पालियों में कुल 12362 ने परीक्षा छोड़ दी। उधर, केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम दिखे. अभ्यर्थियों के अनुसार सामान्य ज्ञान और रीजनिंग के सवाल बहुत कठिन थे. इस वजह से इसको हल करने में समय अधिक लग गया.परीक्षा का बुधवार को तीसरा दिन है.
बौद्ध भिक्षु संग सारनाथ पहुंचे देसी नस्‍ल के श्‍वान ने लूटी वाहवाही, देश-विदेश में की पदयात्रा...
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वाराणसी : विश्व में शांति को लेकर वियतनामी भिक्षु पन्नकारा एक देसी नस्‍ल के श्‍वान आलोक के साथ बुधवार की सुबह भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ में धम्म शिक्षण केंद्र पहुंचे, जहां पर बौद्ध भिक्षुओं ने परंपरानुसार उनका स्वागत किया. इस अवसर पर उन्होंने संंबोधत भी किया. प्रेम दया और करुणा के साथ इस यात्रा के सहयात्री रहे श्‍वान ने भी सारनाथ में लोगों के बीच वाहवाही लूटी.धम्म शिक्षण केंद्र के प्रभारी भिक्षु चंदिमा ने बताया कि बौद्ध भिक्षु पन्नकारा थाईलैंड से नई दिल्ली होते हुए सारनाथ पहुंचे. वह सुबह सारनाथ धम्म शिक्षण केंद्र पहुंचे, जहां उनका भारतीय देसी नस्ल का कुत्ता आलोक भी साथ मौजूद रहा और आकर्षण का केंद्र बना. मूलगंध कुटी मंदिर के विहाराधिपति भिक्षु आर सुमित्ता नन्द थेरो ने बताया कि भिक्षु पन्नकारा सुबह 8 बजे मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में धम्म देशना पाठ भी किया, जिसमें लगभग एक दर्जन बौद्ध भिक्षु शामिल रहे. वियतनाम मूल के अमेरिकन बौद्ध भिक्षु ने विश्व शांति के लिए 108 दिन में देश -विदेश में लगभग 3500 किलोमीटर की पदयात्रा की है. इस यात्रा के दौरान एक बार कलकत्ता से बोध गया तक पदयात्रा करते समय उनके साथ एक भारतीय देसी नस्‍ल का कुत्ता मिल गया, जो शुरू से ही उनके साथ जुड़कर पदयात्रा करने लगा. इसके बाद उन्होंने उसे भी साथ में ले लिया और उसका नाम आलोक रखा.also read:नरेन्‍द्र मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर बनाया नया रिकार्ड, काशी में हुए विविध आयोजन...आलोक को म‍िली वैश्‍व‍िक पहचानबौद्ध भिक्षुओं के साथ अंतरमहाद्वीपीय पीस वॉक में शामिल होकर आलोक ने हजारों किलोमीटर की यात्रा की और अमेरिका में 2,300 मील लंबी शांति यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर भी खूब लोकप्रियता हासिल की. अब आलोक भारत लौट आया है, जहां नई दिल्ली में उसका विशेष सम्मान किया गया. आलोक एक रेस्क्यू किया गया देसी डॉग है. वह बौद्ध भिक्षुओं के साथ अंतरमहाद्वीपीय शांति यात्रा का हिस्सा रहा.आलोक की पहचान शांत‍ि और सदभाव सेबौद्ध धर्मावलंब‍ियों के साथ जुड़ाव के बाद इस यात्रा के माध्यम से आलोक शांति का संदेश देने वाला बड़ा पहचान बन गया है. वह सोशल मीड‍िया पर भी चर्चा में रहता है. आलोक की यात्रा ने यह भी दिखाया कि कैसे एक साधारण कुत्ता भी विश्व शांति के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन सकता है. पशु का कोई धर्म नहीं लेक‍िन ज‍िस मकसद से बौद्ध मतावलंबी न‍िकले और उनके साथ आलोक चल पड़ा वह अनोखा और रोचक व‍िषय के रूप में देश ही नहीं व‍िदेश में भी पहचान बनाने में सफल हुआ है.