राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा की शिष्टाचार भेंट

वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल से राजभवन में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास, शोध, पाण्डुलिपि संरक्षण, आधारभूत सुविधाओं और भावी योजनाओं को लेकर विस्तार से सार्थक विमर्श हुआ।
कुलपति प्रो. शर्मा ने कुलाधिपति को विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न शैक्षणिक एवं विकासात्मक गतिविधियों और वर्तमान योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था, पाठ्यक्रमों में नवाचार, अनुसंधान एवं प्रकाशन तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
भेंट के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों, आधारभूत सुविधाओं के उन्नयन और आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों के विकास पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से विश्वविद्यालय में संरक्षित दुर्लभ एवं प्राचीन पाण्डुलिपियों के संरक्षण, डिजिटलीकरण और अभिलेखीकरण के प्रयासों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
कुलपति ने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा की इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखने के साथ आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी और शोधार्थियों तक पहुंचाने के लिए विश्वविद्यालय निरंतर प्रयास कर रहा है।
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राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शैक्षणिक गुणवत्ता के निरंतर उन्नयन, अनुसंधान के विस्तार तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रभावी पहल करने का मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय की गौरवशाली सांस्कृतिक एवं ज्ञान परंपरा को आधुनिक शैक्षणिक आवश्यकताओं से जोड़ते हुए उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया।
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कुलाधिपति के मार्गदर्शन और प्रेरणा के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत शिक्षा, अनुसंधान और सांस्कृतिक विरासत के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि यह भेंट विश्वविद्यालय की भावी विकास यात्रा को नई दिशा और गति देने वाली रही।



