रेलवे फाटकों पर मंडराया बिजली का संकट, स्टेशन निदेशक ने विद्युत MD से की मुलाकात

वाराणसी - रेलवे फाटकों पर अंधेरों का राज है. बिजली संकट के चलते रात्रिकालीन ड्यूटी रेल कर्मियों के लिए भारी पड रही है. इन्हीं मुद्दों को लेकर स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता और सहायक विद्युत अभियंता संकल्प उपाध्याय ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार से उनके कार्यालय में गुरुवार को मुलाकात की. बैठक के दौरान रेल सुरक्षा और परिचालन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से मंथन किया गया. इस संबंध में सकरात्मक सुझाव भी सामने आए.
मुख्य रूप से लखनऊ मंडल, उत्तर रेलवे के अंतर्गत विभिन्न स्थानों जैसे प्रतापगढ़ और जौनपुर में स्थित 22 रेलवे फाटकों के विद्युतीकरण का मुद्दा प्रमुख रहा. अधिकारियों ने बताया कि इन फाटकों के विद्युतीकरण के लिए आवश्यक शुल्क रेलवे की ओर से निगम को पूर्व में ही जमा कराया जा चुका है. इसके बावजूद कई स्थानों पर अब तक विद्युत आपूर्ति प्रारंभ नहीं हो सकी है, जिससे परिचालन संबंधी व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ रही हैं.

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि रेलवे फाटकों पर विद्युतीकरण न होने से गेटमैन को रात्रिकालीन ड्यूटी और प्रतिकूल मौसम में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. प्रकाश और विद्युत उपकरणों के अभाव में उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ-साथ रेल परिचालन की समग्र सुरक्षा भी प्रभावित होती है. विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होने से न केवल गेटमैन की कार्य-स्थितियां बेहतर होंगी, बल्कि संरक्षा मानकों में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा.
प्रबंध निदेशक शंभू कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कनिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर अविलंब पूरा किया जाए. उन्होंने आश्वस्त किया कि समन्वय स्थापित कर शीघ्र ही सभी 22 रेलवे फाटकों पर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कार्रवाई की जाएगी. बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई और दोनों पक्षों ने रेल संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर सहमति व्यक्त की.



