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सोयाबीन के तेल और टायर के टुकड़ों से बनेगी सड़क, आइआइटी बीएचयू ने तलाशी तकनीक...

सोयाबीन के तेल और टायर के टुकड़ों से बनेगी सड़क, आइआइटी बीएचयू ने तलाशी तकनीक...
Jun 19, 2026, 07:28 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : दुनिया में हो रहे युद्ध की वजह से सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बिटुमेन की सप्लाई पर भी काफी प्रभाव पड़ा है. इससे भारत भी अछूता नहीं है, इसलिए विकास की राह पर तेज रफ्तार से बढ़ रहे देश में बिटुमेन की खपत को कम करने पर लगातार प्रयास हो रहे हैं. इसी क्रम में आइआइटी बीएचयू के सिविल इंजीनियर विभाग ने नई तकनीक विकसित की है. इसके तहत बिटुमेन में सोयाबीन का तेल और टायर के टुकड़े मिलाकर बिटुमेन की खपत को कम किया गया है. इस तकनीक को पेटेंट करने के लिए आवेदन किया गया है.


कच्‍चे तेल का अंतिम उत्‍पाद बिटुमेन


क्रूड आयल की सप्लाई युद्ध की वजह से काफी ज्यादा प्रभावित हुई है. क्रूड आयल पृथ्वी के भीतर मृत जीवों और पौधों के अवशेषों के अपघटन से लाखों वर्षों में बनता है. इसे फैक्ट्रियों में 'प्रभाजी आसवन' (Fractional Distillation) प्रक्रिया से गुजार कर अलग-अलग तापमान पर पेट्रोल, डीजल, और एलपीजी गैस में तोड़ा जाता है. इसका अंतिम उत्पाद होता है बिटुमेन, यह चिपचिपा, काला और गाढ़ा तरल या अर्ध-ठोस रूप है जिसे डामर भी कहा जाता है. इसका उपयोग सड़क निर्माण के लिए किया जाता है. भारत में शहर से लेकर गांव तक की सड़कों का विस्तार हो रहा है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सामने बड़ी चुनौती सस्ती और मजबूत सड़कें बनाना है.


सस्‍ती और बेहतर सड़क


इसके लिए आइआइटी बीएचयू से भी मदद ली जा रही है. इसका सिविल इंजीनियरिंग विभाग लगातार इस पर काम कर रहा है. इसके तहत नया प्रयोग किया गया है. सड़क निर्माण के लिए बिटुमेन के साथ सोयाबीन का तेल और टायर के टुकड़े मिलाया गया. इस मिश्रण का इस्तेमाल सड़क के निर्माण में किया जाएगा. जिससे सड़क निर्माण की लागत कम हो जाएगी और सड़क बेहतर भी बनेगी. इस प्रयोग को लैब में सफलता प्राप्त हुई है. इस शोध को मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है.


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इतने प्रतिशम बिटुमेन का प्रयोग होगा कम


सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के चेयर बीएचयू के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अंकित गुप्ता के अनुसार देश की सड़कों के निर्माण में बिटुमेन का प्रयोग किया जाता है. कुछ कम दूरी की सड़कें प्लास्टिक की भी बनी हैं(. अभी तक सड़क निर्माण में बिटुमेन के साथ सोयाबीन का तेल व टायर के टुकड़े के मिश्रण का उपयोग नहीं किया गया है. जबकि इस तकनीक से सड़क निर्माण सस्ता हो जाएगा. इसे समझते हुए उनके दल ने शोध किया और पाया बिटुमेन के साथ 20 प्रतिशत तक सोयाबीन का तेल व टायर के टुकड़े मिलाकर सड़क का निर्माण किया जा सकता है. इस तरह 20 प्रतिशत बिटुमेन का उपयोग कम हो जाएगा. अभी तक यह माना जाता रहा है कि बिटुमेन में तीन प्रतिशत तक प्लास्टिक मिलाना बेहतर होता है. सोयाबीन का तेल व टायर के टुकड़े जितनी प्रतिशत बिटुमेन में मिलाई जाएगी बिटुमेन की लागत उतनी कम होगी, जिससे सड़क की लागत भी कम हो जाएगी.


आइआइटी बीएचयू और बिटुमेन फोरम के बीच एमओयू


वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में तो यह अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बिटुमेन (डामर) पेट्रोलियम का गाढ़ा और चिपचिपा रूप है. सड़क निर्माण में यह एक मजबूत बाइंडर (गोंद) की तरह काम करता है, जो पत्थर, बजरी और रेत को आपस में मजबूती से जोड़कर पानी-रोधी और टिकाऊ डामर कंक्रीट बनाता है. प्रो. अंकित गुप्ता ने बताया कि आइआइटी बीएचयू में परिवहन एवं राजमार्ग अनुसंधान के अंतर्गत एलाइन्मेंट आप्टिमाइजेशन, सतत निर्माण तकनीक, उन्नत पेवमेंट डिजाइन, पर्यावरणीय पहलू, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम, सड़क सुरक्षा विश्लेषण तथा लाइफ-साइकिल परफार्मेंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है. संस्थान का शोध कार्य देश में विकसित किए जा रहे ग्रीनफील्ड एवं हाई-स्पीड कारिडोर की योजना एवं क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है. इसके लिए आइआइटी बीएचयू और बिटुमेन फोरम के बीच एमओयू भी हुआ है.

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
वाराणसी: मंडुआडीह थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार तड़के बरेका (बीएलडब्ल्यू) आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, लहरतारा निवासी एक महिला की तहरीर पर 24 जुलाई को आरोपी किशन कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण सचान कर रहे हैं। पुलिस टीम ने 25 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे आरोपी किशन कुमार (30), निवासी लहरतारा, को बीएलडब्ल्यू आवासीय परिसर से गिरफ्तार कर लिया।ALSO READ : गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजापूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती से उसकी मित्रता थी और दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह वाराणसी छोड़कर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सचान, उपनिरीक्षक विवेक यादव, फैंटम-48 के कांस्टेबल अमित कुमार तिवारी तथा कांस्टेबल संदीप शाह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम  पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
वाराणसी: गुरु पूर्णिमा पर्व पर पड़ाव स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह के अवधूत भगवान राम आश्रम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। 28 और 29 जुलाई को होने वाले आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने शनिवार को आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान एडीसीपी ने यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।ALSO READ : काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.पुलिस प्रशासन ने गुरु पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए विशेष ट्रैफिक एवं पार्किंग प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रमुख मार्गों पर यातायात का सुचारु संचालन, पार्किंग स्थलों का निर्धारण तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे गुरु पूर्णिमा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग में शनिवार को 48वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में 'दहेज मुक्त भारत' विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में शिक्षकों ने दहेज प्रथा को सामाजिक बुराई बताते हुए युवाओं से इसके खिलाफ जनजागरण का आह्वान किया।मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. शैफाली वर्मा ठकराल ने कहा कि दहेज प्रथा केवल सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, समानता और मानवीय गरिमा के विरुद्ध अपराध है। उन्होंने विद्यार्थियों से दहेज न लेने और न देने का संकल्प लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।प्रो. रश्मि सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी है। उन्होंने युवाओं से दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।डॉ. मुकेश कुमार पंथ ने कहा कि शिक्षित समाज ही दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। वहीं डॉ. कंचन शुक्ला ने समाज में समानता, महिला सम्मान और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर बल दिया।ALSO READ : दालमंडी ध्वस्तीकरण के दौरान सरकारी कर्मचारियों से मारपीट का आरोप, चौक थाने में प्राथमिक दर्जभाषण प्रतियोगिता में जाह्नवी गुप्ता, विकास कुमार, विकास यादव, दीपाली यादव और मोहम्मद आरिफ सहित अन्य विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने 'दहेज मुक्त भारत' का सामूहिक संकल्प लिया।कार्यक्रम का स्वागत डॉ. प्रतिभा सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पूर्णिमा श्रीवास्तव ने किया