रूसी तेल विवाद पर भारत का कड़ा रुख, कहा- किसी देश की परमिशन पर निर्भर नहीं

रूसी तेल को लेकर अमेरिका की हालिया टिप्पणी के बाद भारत में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस पूरे विवाद के बीच अब सरकार की ओर से साफ और सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत कभी भी किसी देश की अनुमति पर निर्भर होकर तेल नहीं खरीदता और आगे भी अपनी जरूरतों के अनुसार फैसले लेता रहेगा।
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सूत्रों के मुताबिक अधिकारी ने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति पूरी तरह से राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। जहां भी कच्चा तेल सस्ता और उपलब्ध होगा, भारत वहां से खरीदारी करेगा। इसमें किसी बाहरी दबाव या अनुमति की जरूरत नहीं है।
दरअसल, इससे पहले अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रूसी तेल प्रतिबंधों को लेकर बयान देते हुए कहा था कि भारत ने इस मामले में सही भूमिका निभाई है और वाशिंगटन ने भारत को रूसी तेल खरीद जारी रखने के लिए 30 दिन की छूट दी है। हालांकि भारत सरकार के सूत्रों ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की नीतियां किसी देश की अनुमति से तय नहीं होतीं। यूक्रेन युद्ध के बाद भी भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रूस से तेल खरीदना जारी रखा है। सरकार का कहना है कि देश की प्राथमिकता अपने नागरिकों के लिए सस्ती ऊर्जा सुनिश्चित करना है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय दबाव से हटकर भारत अपनी आर्थिक और रणनीतिक जरूरतों के अनुसार फैसले लेता रहेगा।



