संत रविदास जयंती - काशी में अनुयायियों का उमड़ने लगा रेला, मेला क्षेत्र मिनी पंजाब में तब्दील

वाराणसी : संत रविदास जयंती को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. इस असवर पर शामिल होने के लिए देश-विदेश से आने वाले अनुयायियों का रेला उमड़ने लगा है. सीर गोवर्धन मिनी पंजाब जैसा प्रतीत होने लगा है. नगवां स्थित संत रविदास पार्क में दो दिवसीय सांस्कृतिक अनुष्ठान होंगे. इसी क्रम में 30 व 31 जनवरी को गायन, वादन और नृत्य की धारा प्रवाहित होगी. अनूप जलोटा जैसे नामचीन कलाकार संत रविदास की महिमा का गान करेंगे. 50 से अधिक कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे.

‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ थीम
उपशास्त्रीय गायिका डॉ. सोमा घोष, कार्यक्रम संयोजक शुभंकर डे, आयोजन समिति के सदस्य अजय गुप्ता व अंकिता खत्री ने बुधवार को भेलूपुर स्थित एक होटल में पत्रकारों को बताया कि संत रविदास महोत्सव ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ थीम पर आयोजित किया जा रहा है. पहले दिन सुबह आठ बजे से रात 9:30 बजे विभिन्न सत्रों में महोत्सव की आभा निखरेगी. शुरुआत पं. दुर्गाप्रसाद प्रसन्ना के शहनाई वादन से होगी. पं. देवाशीष डे का शास्त्रीय गायन, उमेश भाटिया के निर्देशन में संत रविदास की जीवनी पर आधारित नाट्य मंचन, शिल्पायन के विद्यार्थियों का भजन, डॉ. मंजरी पांडेय के संयोजन में कवि सम्मेलन होगा. लोक कलाकारों का दल धोबिया नृत्य की प्रस्तुति देगा.
समापन पर 31 जनवरी को रात में 8:30 बजे से अनूप जलोटा के भजनों की अमृतधारा बहेगी. अंशुमान महाराज और मितेश मिश्रा के सरोद और सितार की जुगलबंदी, पं. गणेश प्रसाद मिश्र का गायन, मिर्जापुर के लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी.
सैकडों पुलिसकर्मी, सीसीटीवी, ड्रोन एवं तकनीकी निगरानी

माघी पूर्णिमा एवं संत रविदास जयंती के पावन अवसर पर जनसुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं लोकशांति बनाए रखने के उद्देश्य से अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा ने सीरगोवर्धन स्थित संत रविदास मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण एवं संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया गया.संत रविदास मंदिर, सीरगोवर्धन स्थित हेलीपैड स्थल, पार्किंग स्थल, श्रद्धालुओं के आवागमन मार्ग, जुलूस मार्ग, ठहराव स्थल एवं अन्य संवेदनशील स्थलों का सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से विस्तृत भ्रमण किया गया और आवश्यक निर्देश दिए गए.
ALSO READ : शहर के छह वार्डों का इंदौर नगर निगम की तर्ज पर होगा कायाकल्प, जानिए खास योजना
1. मंदिर परिसर, हेलीपैड एवं पार्किंग स्थल की सुरक्षा व्यवस्था
संत रविदास मंदिर परिसर, हेलीपैड क्षेत्र एवं सभी चिन्हित पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, पीएसी एवं महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.
हेलीपैड क्षेत्र को हाई सिक्योरिटी जोन घोषित करते हुए अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा प्रवेश-निकास बिंदुओं पर कड़ी चेकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.
पार्किंग स्थलों पर वाहनों की सुव्यवस्थित कतारबद्ध पार्किंग, अलग-अलग वाहन श्रेणियों (बस/चार पहिया/दो पहिया) हेतु पृथक पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.
2. श्रद्धालुओं के आवागमन एवं भीड़ प्रबंधन व्यवस्था
श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुचारु आवागमन हेतु मंदिर परिसर एवं जुलूस मार्गों पर प्रभावी बैरिकेडिंग, रस्सी व्यवस्था एवं क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के निर्देश दिये गये.
जुलूस मार्ग पर छतों, ऊँचे भवनों एवं संकरी गलियों की पूर्व जांच कर संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये.
मंदिर परिसर, जुलूस मार्ग, पार्किंग स्थल एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील रखते हुए उनके माध्यम से 24×7 निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.
भीड़ की स्थिति एवं जुलूस की गतिविधियों पर निगरानी हेतु ड्रोन कैमरों के माध्यम से एरियल सर्विलांस कराने के निर्देश दिये गये.
सभी निगरानी इनपुट को कंट्रोल रूम से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.
जुलूस मार्ग, मंदिर परिसर, हेलीपैड क्षेत्र, पार्किंग स्थल, भीड़-संवेदनशील चौराहों एवं प्रमुख भवनों की छतों पर रूफटॉप ड्यूटी लगाए जाने के निर्देश दिये गये.



