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संत रविदास जयंती - काशी में अनुयायियों का उमड़ने लगा रेला, मेला क्षेत्र मिनी पंजाब में तब्‍दील

संत रविदास जयंती - काशी में अनुयायियों का उमड़ने लगा रेला, मेला क्षेत्र मिनी पंजाब में तब्‍दील
Jan 29, 2026, 10:07 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : संत रविदास जयंती को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. इस असवर पर शामिल होने के लिए देश-विदेश से आने वाले अनुयायियों का रेला उमड़ने लगा है. सीर गोवर्धन मिनी पंजाब जैसा प्रतीत होने लगा है. नगवां स्थित संत रविदास पार्क में दो दिवसीय सांस्कृतिक अनुष्ठान होंगे. इसी क्रम में 30 व 31 जनवरी को गायन, वादन और नृत्य की धारा प्रवाहित होगी. अनूप जलोटा जैसे नामचीन कलाकार संत रविदास की महिमा का गान करेंगे. 50 से अधिक कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे.


SHANT RAVI DASH MANDIR


‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ थीम


उपशास्त्रीय गायिका डॉ. सोमा घोष, कार्यक्रम संयोजक शुभंकर डे, आयोजन समिति के सदस्य अजय गुप्ता व अंकिता खत्री ने बुधवार को भेलूपुर स्थित एक होटल में पत्रकारों को बताया कि संत रविदास महोत्सव ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ थीम पर आयोजित किया जा रहा है. पहले दिन सुबह आठ बजे से रात 9:30 बजे विभिन्न सत्रों में महोत्सव की आभा निखरेगी. शुरुआत पं. दुर्गाप्रसाद प्रसन्ना के शहनाई वादन से होगी. पं. देवाशीष डे का शास्त्रीय गायन, उमेश भाटिया के निर्देशन में संत रविदास की जीवनी पर आधारित नाट्य मंचन, शिल्पायन के विद्यार्थियों का भजन, डॉ. मंजरी पांडेय के संयोजन में कवि सम्मेलन होगा. लोक कलाकारों का दल धोबिया नृत्य की प्रस्तुति देगा.

समापन पर 31 जनवरी को रात में 8:30 बजे से अनूप जलोटा के भजनों की अमृतधारा बहेगी. अंशुमान महाराज और मितेश मिश्रा के सरोद और सितार की जुगलबंदी, पं. गणेश प्रसाद मिश्र का गायन, मिर्जापुर के लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी.


सैकडों पुलिसकर्मी, सीसीटीवी, ड्रोन एवं तकनीकी निगरानी


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माघी पूर्णिमा एवं संत रविदास जयंती के पावन अवसर पर जनसुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं लोकशांति बनाए रखने के उद्देश्य से अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा ने सीरगोवर्धन स्थित संत रविदास मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण एवं संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया गया.संत रविदास मंदिर, सीरगोवर्धन स्थित हेलीपैड स्थल, पार्किंग स्थल, श्रद्धालुओं के आवागमन मार्ग, जुलूस मार्ग, ठहराव स्थल एवं अन्य संवेदनशील स्थलों का सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से विस्तृत भ्रमण किया गया और आवश्‍यक निर्देश दिए गए.


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1. मंदिर परिसर, हेलीपैड एवं पार्किंग स्थल की सुरक्षा व्यवस्था


 संत रविदास मंदिर परिसर, हेलीपैड क्षेत्र एवं सभी चिन्हित पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, पीएसी एवं महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.

 हेलीपैड क्षेत्र को हाई सिक्योरिटी जोन घोषित करते हुए अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा प्रवेश-निकास बिंदुओं पर कड़ी चेकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.

 पार्किंग स्थलों पर वाहनों की सुव्यवस्थित कतारबद्ध पार्किंग, अलग-अलग वाहन श्रेणियों (बस/चार पहिया/दो पहिया) हेतु पृथक पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.


2. श्रद्धालुओं के आवागमन एवं भीड़ प्रबंधन व्यवस्था


 श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुचारु आवागमन हेतु मंदिर परिसर एवं जुलूस मार्गों पर प्रभावी बैरिकेडिंग, रस्सी व्यवस्था एवं क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के निर्देश दिये गये.


 जुलूस मार्ग पर छतों, ऊँचे भवनों एवं संकरी गलियों की पूर्व जांच कर संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये.

 मंदिर परिसर, जुलूस मार्ग, पार्किंग स्थल एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील रखते हुए उनके माध्यम से 24×7 निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.

 भीड़ की स्थिति एवं जुलूस की गतिविधियों पर निगरानी हेतु ड्रोन कैमरों के माध्यम से एरियल सर्विलांस कराने के निर्देश दिये गये.

 सभी निगरानी इनपुट को कंट्रोल रूम से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.


 जुलूस मार्ग, मंदिर परिसर, हेलीपैड क्षेत्र, पार्किंग स्थल, भीड़-संवेदनशील चौराहों एवं प्रमुख भवनों की छतों पर रूफटॉप ड्यूटी लगाए जाने के निर्देश दिये गये.

वाराणसी: ग्राम चौपाल में डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, एसआईआर पर दी जानकारी
वाराणसी: ग्राम चौपाल में डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, एसआईआर पर दी जानकारी
वाराणसी : जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार की अध्यक्षता में विकास खंड आराजी लाइन के अंतर्गत ग्राम पंचायत नागेपुर में ग्राम चौपाल–गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना रहा.ग्राम चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर केंद्र एवंप्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली और उनके क्रियान्वयन की समीक्षा की.उन्होंने एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए.ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल रही है और वे उनका लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए.जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाने पर जोर दिया और बताया कि इसके माध्यम से पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज संभव है.उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि, तथा वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही महिला सशक्तिकरण योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात कही.एसआईआर कार्यों को लेकर किया गया संवादचौपाल के बाद जिलाधिकारी ने एसआईआर (Special Intensive Revision) कार्यों को लेकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने एएसडी/अनकलेक्टेबल/अनमैप्ड मतदाताओं, फार्म-6, 6ए, 7 एवं 8 (घोषणा-पत्र सहित) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर कार्यों की समय-सीमा एक माह बढ़ा दी गई है.जिलाधिकारी ने लोगों से अपीलजिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर मतदाता सूची का अवलोकन कर अपने नाम का सत्यापन अवश्य करें तथा आवश्यकता होने पर दावा/आपत्ति दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष पूर्ण कर चुके नागरिक फार्म-6 भरकर बीएलओ के पास जमा कर सकते हैं या https://voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.ALSO READ : काशी में संविधान संवाद सम्मेलन: कांग्रेस सांसदों ने लोकतंत्र और काशी की अस्मिता की रक्षा का लिया संकल्पइस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, डीसी मनरेगा पवन कुमार सिंह, अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.
काशी में संविधान संवाद सम्मेलन: कांग्रेस सांसदों ने लोकतंत्र और काशी की अस्मिता की रक्षा का लिया संकल्प
काशी में संविधान संवाद सम्मेलन: कांग्रेस सांसदों ने लोकतंत्र और काशी की अस्मिता की रक्षा का लिया संकल्प
वाराणसी : कांग्रेस ने रविवार को वाराणसी के शास्त्रीघाट पर ‘संविधान संवाद सम्मेलन’ का आयोजन किया. इस सम्मेलन में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई नेता और सांसद शामिल हुए, सम्मेलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता, नागरिक अधिकारों की रक्षा, धर्मनिरपेक्षता और संघीय ढांचे की सुरक्षा करना था. इसके साथ ही सम्मेलन में काशी की अस्मिता और सांस्कृतिक-धार्मिक पहचान पर उठाए जा रहे खतरे पर भी चर्चा हुई.कांग्रेस नेताओं ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यों से लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों को खतरा उत्पन्न हुआ है. उन्होंने जनता से लोकतंत्र की रक्षा और एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया.सम्मेलन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे:• मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास के नाम पर रानी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़ने का विरोध• प्रयागराज में संत अविमुक्तेश्वरानंद के साथ दुर्व्यवहार• काशी की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा• धार्मिक असहिष्णुता और सामाजिक न्याय के मुद्देकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि यह रैली केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि काशीवासियों की अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाने का माध्यम है.उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने क्षेत्र से हटाना चाहते हैं, तो धूप में बैठकर संघर्ष करना होगा.पवन खेड़ा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस अवसर पर जोर दिया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनता को एकजुट होना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की सुरक्षा पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है.ALSO READ : BHU और ICPS का एआई-साइबर सुरक्षा कोर्स, फीस 5000 रुपये, मिलेंगे दो क्रेडिट अंकइस सम्मेलन में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई नेता और सांसद शामिल हुए.जिनमें किशोरी लाल शर्मा, पवन खेड़ा, तनुज पुनिया, राकेश राठौर, इमरान मसूद, कुंवर उज्जवल रमण सिंह, सुप्रिया श्रीनेत आदि प्रमुख रहे.कांग्रेस का यह प्रयास है कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझा जाए और उनके समाधान के लिए कदम उठाए जाएँ.
BHU और ICPS का एआई-साइबर सुरक्षा कोर्स, फीस 5000 रुपये, मिलेंगे दो क्रेडिट अंक
BHU और ICPS का एआई-साइबर सुरक्षा कोर्स, फीस 5000 रुपये, मिलेंगे दो क्रेडिट अंक
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने इंस्टीट्यूट ऑफ कॉन्स्टिट्यूशनल एंड पार्लियामेंट्री स्टडीज (ICPS) के साथ मिलकर एआई और साइबर सुरक्षा पर शॉर्ट टर्म क्रेडिट बेस्ड सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है. इस कोर्स के तहत छात्रों को दो क्रेडिट अंक भी मिलेंगे.कोर्स की मुख्य बातें:• अवधि: 23 फरवरी से 27 फरवरी, 5 दिन• कुल कक्षा समय: 30 घंटे• स्थान: नई दिल्ली स्थित संसद भवन की लाइब्रेरी (ऑफलाइन)• ऑफलाइन फीस: 5000 रुपये (छात्र/रिसर्च स्कॉलर), 7000 रुपये (प्रोफेशनल)• ऑनलाइन फीस: 4000 रुपये (छात्र/रिसर्च स्कॉलर), 8000 रुपये (प्रोफेशनल)• अंतिम आवेदन तिथि: 16 फरवरी 2026इस कोर्स में पूर्व न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, एकेडमिशियन और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी पढ़ाएंगे.छात्रों को एआई और साइबर सुरक्षा के कानूनी, नैतिक और संवैधानिक पहलुओं के व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नीतिगत और गवर्नेंस से जुड़ी चुनौतियों से निपटने का प्रशिक्षण मिलेगा.कैसे करें आवेदन:छात्र और पेशेवर ICPS की वेबसाइट पर जाकर QR कोड स्कैन करके आवेदन कर सकते हैं. फॉर्म भरने और फीस जमा करने के बाद पंजीकरण पूरा होगा.ALSO READ : वाराणसी में कोडीन युक्त न्यू फेंसाडिल कफ सीरप की तस्करी, पुलिस ने 5 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कियाइस कोर्स की शुरुआत BHU और ICPS के बीच हुए समझौते के तहत की गई है. यह पहल छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए कानून व्यवस्था में एआई और तकनीक के इस्तेमाल को समझने का अनूठा अवसर साबित होगी.