Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

राहुल गांधी समेत तीन सांसदों की मुश्किल बढ़ी वाराणसी में संत की तहरीर पर मुकदमा दर्ज...

राहुल गांधी समेत तीन सांसदों की मुश्किल बढ़ी  वाराणसी में संत की तहरीर पर मुकदमा दर्ज...
Aug 01, 2026, 11:01 AM
|
Posted By Diksha Mishra


वाराणसी : संसद परिसर में भगवा के अपमान से काशी के संतों में नाराजगी देखी जा रही है. बता दें कि बीते दिनों बिहार के पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने संसद के बाहर अयोध्या के चंदा चोरी को लेकर गेरुआ वस्‍त्र धारण कर स्‍वांग रचा गया था. इसके बाद से ही देश भर में साधु संतों की ओर से प्रत‍िक्र‍ियाएं दी जा रही हैं. इसके विरोध में सडकों पर उतरकर वाराणसी में आवाज बुलंद की जा रही है. इसी क्रम में आज शन‍िवार को पातालपुरी मठ के महंत जगदगुरु बालक देवाचार्य ने कोतवाली में सनातन के अपमान को लेकर मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया.


इसके पूर्व संतों ने मीड‍िया से बात की और बताया क‍ि संसद में संतों का अपमान किया गया है ज‍िसको लेकर वह सभी आक्रोश‍ित हैं. इस मामले में मुकदमा कराने के ल‍िए पुल‍िस प्रशासन को श‍िकायती पत्र दि‍या जा रहा है. प्रार्थना पत्र मिलने के बाद डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने कहा क‍ि संतों द्वारा एक यहां प्रार्थना पत्र थाना कोतवाली में दिया गया है. जिसमें आरोप है कि सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ कथित वीडियो सामने आए हैं जिसमें एक व्यक्ति हैं राजेश रंजन, उनके द्वारा संतों की वेशभूषा धारण करके संसद के बाहर प्रदर्शन किया गया है, उसके इस कृत्य से सनातन धर्म का अपमान किया गया है. संत समाज से प्रार्थना पत्र ले लिया गया है अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है. इस प्रार्थना पत्र में राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का नाम संतों ने दिया है.

XYZ


ALSO READ : रामनगर की विश्‍व प्रसिद्ध रामलीला में इन्‍हें मिली राम और सीता की भूमिका, इस दिन होगा श्री गणेश...


अधिवक्‍ताओं में उबाल, राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत


सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत अन्य सांसदों के खिलाफ शिकायत दी गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संसद परिसर में सनातनी वेश धारण कर सनातन धर्म का उपहास किया गया, जिससे करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. शिकायतकर्ता अधिवक्‍ता बिनीत कुमार सिंह, जो बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष हैं, ने कैंट थाने में दी गई अपनी तहरीर में कहा है कि उन्हें सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों के जरिए एक वीडियो एवं तस्वीरों की जानकारी मिली. उनका आरोप है कि सांसद पप्पू यादव ने संसद परिसर में सनातनी वेश धारण कर सनातन धर्म का मजाक बनाया, जबकि राहुल गांधी सहित अन्य सांसद इस दौरान उनका सहयोग करते और हंसते दिखाई दिए. तहरीर में कहा गया है कि इस घटना से उनकी व्यक्तिगत धार्मिक आस्था के साथ-साथ करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं आहत हुई हैं. शिकायतकर्ता ने इसे हिंदू धर्म, सनातन परंपरा और साधु-संतों के वेश का उपहास बताते हुए संबंधित सांसदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
वाराणसी : नागपंचमी पर्व को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जैतपुरा स्थित ऐतिहासिक नागकुआं क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर मेला क्षेत्र में सफाई, प्रकाश, जल निकासी और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नागरिक सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी न रहे।नगर आयुक्त ने पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए निर्बाध स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के निर्देश दिए। उन्होंने जलकल और सिविल विभाग के जेई को व्यवस्थाओं को समय से दुरुस्त करने को कहा।ALSO READ: कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथनागकुआं के निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त ने औसानगंज वार्ड का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में सफाई समेत अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागपंचमी के मेला क्षेत्र और आसपास के वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद, जलकल विभाग के जेई, सिविल विभाग के जेई, सफाई निरीक्षक अवनीश दुबे समेत नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
वाराणसीः बीएचयू में पालतू कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल 11 साल के अभिनव से चार दिन बाद रविवार को मिलने प्रो. श्रद्धा सिंह अपने पति के साथ ट्रामा सेंटर पहुंचीं. उन्होंने बच्चे के माता-पिता से हाथ जोड़कर माफी मांगी और भविष्य में कुत्ता नहीं रखने की बात कही. हालांकि बच्चे के माता-पिता ने उनसे नाराजगी जताई. मां ने तो सीधे सवाल कर दिया कि अब क्यों आईं हैं. पिता ने शिकायत किया कि बच्चा अब भी बोल नहीं पा रहा है.ALSO READ: BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकालाप्रोफेसर और उनके पति ने कुत्ते के टीकाकरण का कार्ड दिखाया. साथ ही कहा कि भविष्य में कुत्ता घर में नहीं रखने की बात भी कही। बता दें कि बीते 13 अगस्त की सुबह बीएचयू ट्रामा सेंटर में सीनियर नर्सिंग आफिसर प्रेमाराम दोनों बेटों 11 वर्षीय अभिनव और 13 वर्षीय हर्ष के साथ बीएचयू परिसर में मार्निंग वाक पर निकले थे. वापस लौटने के दौरान कुछ दूर निकल चुके बड़े बेटे को लेने के लिए आगे बढ़ गए. वहीं छोटा बेटा परिसर की ही जोधपुर कालोनी स्थित घर की ओर अकेला जाने लगा. इसी दौरान हिंदी विभाग की प्रो. श्रद्धा सिंह के पालतू कुत्ते ने अभिनव पर हमला कर दिया. वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से बच्चे को कुत्ते से बचाया. गंभीर हालत में उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया. बच्चे को कुत्ते ने इतनी बुरी तरह से काटा था कि उसके सिर व चेहरे पर 50 टांके लगाने पड़े. वहीं आरोप है कि प्रो. श्रद्धा सिंह बच्चे की मदद करने की बजाय वहां से चली गईं. उन्होंने बच्चे पर कुत्ते द्वारा हमले से भी इनकार किया था. वहीं बीएचयू प्रशासन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
वाराणसी : बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के नवनियुक्त प्रभारी पर 11 साल से तैनात केयरटेकर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। केयर टेकर का आरोप है कि मुझ पर कुछ कर्मचारियों के खिलाफ गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाया गया।केयर टेकर ने दावा किया कि दबाव में काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद 28 जुलाई को कुलपति से शिकायत की। इसके अगले ही दिन मुझे ट्रॉमा सेंटर आने से रोक दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी शोकॉज नोटिस के काम से हटा दिया गया।मामले में केयर टेकर ने कुलपति को ई-मेल के जरिए शिकायत करने के साथ सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर प्रभारी बदलाव के लिए आए थे, लेकिन उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाने का आरोपBHU ट्रॉमा सेंटर में 2014 से केयरटेकर के पद पर तैनात सुनील यादव ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है। कहा- 20 जुलाई को नए प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. अजीत कुमार के आने के बाद से मुझे परेशान किया जा रहा था।सुनील ने कहा- कुछ कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने के लिए मुझ पर दबाव बनाया जा रहा था। लिखना था कि वे समय पर ड्यूटी नहीं आते और काम नहीं करते, जबकि कर्मचारी नियमित रूप से काम कर रहे थे।ALSO READ: बीएचयू शिक्षा संकाय का 109वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गयासुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।सुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।मना किया तो ट्रामा में प्रवेश पर रोक लगा दीसुनील ने बताया कि उन्होंने ऐसा लिखने से इनकार किया तो उन पर दबाव बनाया गया और कहा गया कि वह सौरभ सिंह के आदमी हैं। इसके बाद उन्होंने 28 जुलाई को पत्र के माध्यम से कुलपति से शिकायत की। उनका आरोप है कि 29 जुलाई को जब वह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और बताया कि उनके प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।सुनील का कहना है कि उन्हें काम से हटाने से पहले कोई शो-कॉज नोटिस नहीं दिया गया। उन्हें सीधे कहा गया कि वह अगले दिन से काम पर न आएं। उन्होंने इस कार्रवाई को नियमों के खिलाफ बताते हुए मामले में शिकायत की है।सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में शिकायतसुनील यादव ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर ई-मेल के जरिए कुलपति से शिकायत की। इसके बाद जनसुनवाई, सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत दर्ज कराई है।उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर में वर्चस्व की लड़ाई के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। सुनील के मुताबिक, वह 11 साल से काम कर रहे हैं और उन्हें बदले की भावना से हटाया गया है, जिससे उन पर मानसिक दबाव बना हुआ है।सुनील ने दावा किया कि जब उन्होंने कार्रवाई का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि वीसी ने निर्देश दिया है कि जो भी गलत दिखाई दे, उसे हटा दिया जाए।