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वाराणसी में मांस-मछली दुकानों के विस्थापन के मुद्दे पर सड़क पर उतरा 'साझा संस्कृति मंच', सौंपा ज्ञापन...

वाराणसी में मांस-मछली दुकानों के विस्थापन के मुद्दे पर सड़क पर उतरा 'साझा संस्कृति मंच', सौंपा ज्ञापन...
Jun 11, 2026, 09:36 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : मांस, मछली और मुर्गे की दुकानों को पूरी तरह हटाकर शहर से बाहर भेजने के फैसले के खिलाफ आज 'साझा संस्कृति मंच' ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम शिवानी सिंह को सौंपा. मंच ने चेतावनी दी कि स्वच्छता और सुंदरीकरण की आड़ में गरीबों की रोजी-रोटी छीनने और बनारस के बहुसांस्कृतिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा.


ज्ञापन सौंपते हुए मंच के प्रतिनिधियों ने कहा कि शहर से 5 से 10 किलोमीटर दूर सुदूर इलाकों में दुकानों को शिफ्ट करना असल में इस व्यापार को पूरी तरह ठप करने की साज़िश है. यह संविधान के अनुच्छेद 19(1)(g) (व्यापार की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 21 (पसंद के भोजन का अधिकार) का खुला उल्लंघन है. बिना किसी पूर्व परामर्श या संवाद के लिया गया नगर निगम का यह फैसला पूरी तरह अलोकतांत्रिक है.


ये स्वच्छता नहीं, कॉर्पोरेट के लिए 'मार्केट ड्रिवन तिकड़म'


साझा संस्कृति मंच ने नगर निगम की कार्यवाही पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि

"एक तरफ गरीब खुदरा दुकानदारों को उजाड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बड़े होटलों, मॉल्स और जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को धड़ल्ले से मांस-मछली बेचने की खुली छूट है. यह साफ तौर पर हिंदू-मुस्लिम राजनीति का मोहरा बनाकर गरीब व्यापारियों को तबाह करने और पूरा बाजार कॉर्पोरेट घरानों की झोली में डालने का खेल है."


मार्च और ज्ञापन कार्यक्रम में शामिल हुए नेताओं ने कहा कि बनारस सिर्फ एक शहर नहीं, एक साझी संस्कृति है. यहाँ मल्लाह समाज की पीढ़ियों की आजीविका मछली मारने और बेचने पर टिकी है. शहर में रहने वाले लगभग एक लाख बंगाली समाज के खान-पान और पूजा-पाठ के रीति-रिवाजों में मछली अनिवार्य हिस्सा है. यही नहीं, बनारस की प्राचीन औघड़-तांत्रिक साधना में भी मांस का धार्मिक महत्व है. इस विविधता को नकार कर शहर पर एकतरफा खान-पान थोपना बनारस के मिजाज के खिलाफ है.


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मंच ने स्पष्ट किया कि वे स्वच्छता के विरोधी नहीं हैं. सरकार को अगर समस्या खुले में मांस काटने से है, तो इसका समाधान विस्थापन नहीं बल्कि नियमन है. नगर निगम दुकानों को आधुनिक बनाए, काले/रंगीन शीशे और रेफ्रिजरेशन की व्यवस्था अनिवार्य करे, लेकिन रोजगार न छीने.

उन्‍होंने मांग की कि शहर से बाहर पूरी तरह शिफ्ट करने के एकतरफा आदेश पर तत्काल रोक लगाई जाए. सुंदरीकरण के नाम पर मांस व्यापारियों का उत्पीड़न बंद हो. कचरा प्रबंधन और बंद शीशों के पीछे बिक्री जैसे स्वच्छता के नियम कड़ाई से लागू किए जाएं, न कि दुकानें बंद कराई जाएं. कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि इस संवेदनशील फैसले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया और रोजगार व भोजन की आजादी पर वार जारी रहा, तो बनारस की जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी.


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जिला मुख्यालय पर मार्च और ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम में प्रमुख रूप से धनंजय त्रिपाठी, सतीश सिंह, रामजन्म यादव, डॉ अनूप श्रमिक, संजीव सिंह, विनय राय मुन्ना, नेविश, अबब्दुला, नीरज, अंनत, डॉ छेदी लाल निराला , मनीष शर्मा, नीति, सलमा, ओमप्रकाश मिश्रा, ध्रुव, लता, शाहिद जमाल, गौतम, धन्नजय इत्यादि शामिल रहे.

वाराणसी की 30 महिलाएं बनी 'सोलर दीदी', नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे
वाराणसी की 30 महिलाएं बनी 'सोलर दीदी', नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे
वाराणसी : भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत संचालित 'सोलर दीदी' अभियान के तहत वाराणसी में 30 महिलाओं को रोजगार प्रदान किया गया. आर्क सूर्य शक्ति प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आयोजित चयन एवं नियुक्ति कार्यक्रम में चयनित महिलाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए. साथ ही उन्हें सौर ऊर्जा से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण, कार्य प्रणाली और जनजागरूकता अभियान से जुड़ी जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई.कार्यक्रम में आर्क सूर्य शक्ति प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अभिषेक सिंह 'चंचल' ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण किसी भी विकसित राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है. 'सोलर दीदी' अभियान महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका भी प्रदान कर रहा है. चयनित महिलाएं अब लोगों को योजना की जानकारी देंगी और सोलर संयंत्र लगाने के लिए प्रेरित करेंगी.अभिषेक सिंह ने बताया कि आर्क परिवार फाउंडेशन समाज सेवा के अपने संकल्प के तहत सौर ऊर्जा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का कार्य लगातार कर रहा है. संस्था ऐसे परिवारों तक पहुंच रही है, जो जानकारी के अभाव या आर्थिक कारणों से सोलर संयंत्र नहीं लगवा पा रहे हैं. फाउंडेशन उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, सरकारी सब्सिडी, बैंक ऋण और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी देने के साथ आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराता है. जरूरतमंद परिवारों को संस्था अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग भी प्रदान करती है.ALSO READ: कैंट स्टेशन के बाहर महिलाओं से अश्लील हरकत, एंटी रोमियो टीम ने दो युवकों को किया गिरफ्तारउन्होंने कहा कि फाउंडेशन कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से उद्योग जगत को भी स्वच्छ ऊर्जा अभियान से जोड़ने का प्रयास कर रहा है. उनका मानना है कि सरकार, उद्योग, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही भारत ऊर्जा आत्मनिर्भर और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार राष्ट्र बन सकता है. उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा अपनाना केवल बिजली बिल कम करने का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी भी है.
कैंट स्टेशन के बाहर महिलाओं से अश्लील हरकत, एंटी रोमियो टीम ने दो युवकों को किया गिरफ्तार
कैंट स्टेशन के बाहर महिलाओं से अश्लील हरकत, एंटी रोमियो टीम ने दो युवकों को किया गिरफ्तार
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र में कैंट रेलवे स्टेशन के सामने महिलाओं से अश्लील हरकत और अभद्र इशारे करने वाले दो युवकों को एंटी रोमियो टीम ने गिरफ्तार किया है। वहीं मौके पर मौजूद आठ अन्य युवकों को उनके परिजनों को बुलाकर चेतावनी और माफीनामा लेने के बाद सुपुर्द कर दिया गया।पुलिस के अनुसार, पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी रोमियो टीम को सूचना मिली कि कैंट रेलवे स्टेशन के सामने पिलर संख्या 57 से 60 के बीच कुछ युवक आने-जाने वाली महिलाओं को अश्लील इशारे कर परेशान कर रहे हैं। सूचना के आधार पर सादे कपड़ों में पहुंची टीम ने मौके पर जांच की तो शिकायत सही पाई गई।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अवनीश पांडेय (20 वर्ष), निवासी चौबेपुर, वाराणसी तथा संदीप कुमार यादव (20 वर्ष), निवासी कछवा, मिर्जापुर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ सिगरा थाने में मु.अ.सं. 0310/2026 के तहत धारा 296 बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।ALSO READ: वाराणसी में हेरोइन और नकदी के साथ तस्‍कर गिरफ्तार, सारनाथ पुलिस ने की कार्रवाईइसके अलावा मौके पर मिले आठ अन्य युवकों को उनके परिजनों को बुलाकर भविष्य में ऐसी हरकत न करने की सख्त चेतावनी दी गई और माफीनामा लेने के बाद छोड़ दिया गया।यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक सिगरा के नेतृत्व में एंटी रोमियो टीम प्रभारी उपनिरीक्षक काजोल सिंह, उपनिरीक्षक डाली साहू तथा टीम के अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा की गई।
वाराणसी में हेरोइन और नकदी के साथ तस्‍कर गिरफ्तार, सारनाथ पुलिस ने की कार्रवाई
वाराणसी में हेरोइन और नकदी के साथ तस्‍कर गिरफ्तार, सारनाथ पुलिस ने की कार्रवाई
वाराणसी : सारनाथ थाने की पुलिस ने एक हेरोइन तस्कर को गिरफ्तार किया है. उसके पास से लाखों रुपये मूल्य की 19 ग्राम हेरोइन और 1350 रुपये नकद बरामद किए गए हैं. आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. आरोपी की तलाश पुलिस कई दिनों से कर रही थी.थाना प्रभारी सारनाथ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बीती रात सारनाथ पुलिस इलाके में गश्त कर रही थी. इसी दौरान पुलिस टीम को थाना क्षेत्र के हवेलिया रेलवे क्रॉसिंग स्थित त्रिदेव अपार्टमेंट के पास एक हेरोइन तस्कर के मौजूद होने की सूचना मिली.सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची. रात करीब 11:40 बजे एक युवक अपार्टमेंट की दीवार के किनारे छिपा खड़ा था. पुलिस टीम को देखकर वह अपार्टमेंट की बाउंड्री कूदकर भागने लगा. पुलिस ने पीछा कर उसे कुछ दूर पर उसे दबोच लिया. तलाशी लेने पर उसकी जेब से हेरोइन का एक पैकेट और 1350 रुपये नकद बरामद हुए.ALSO READ: काशी के कोतवाल ने किया नगर भ्रमण, शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाबपकड़े गए युवक की पहचान मूरत राजभर उर्फ कुत्तू राजभर पुत्र मुन्ना राजभर, निवासी पैगंबरपुर कुआं, थाना सारनाथ, वाराणसी के रूप में हुई. पूछताछ में तस्कर ने बताया कि वह हेरोइन पीने का आदी है. उसने महंगी हेरोइन बड़ी मात्रा में खरीदकर रखी थी, जिसे वह अलग-अलग इलाकों में घूम-घूमकर युवा पीढ़ी को बेचता था. मुनाफे के पैसों से वह अपने नशे की पूर्ति करता था.सारनाथ पुलिस ने आज दोपहर चिकित्सकीय परीक्षण के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. गिरफ्तारी करने वाली टीम में थाना प्रभारी पंकज कुमार त्रिपाठी, चौकी प्रभारी पुराना पुल अनुज कुमार शुक्ला, सब इंस्पेक्टर अमरजीत कुमार, हेड कांस्टेबल दिलीप यादव, पंकज सिंह और कांस्टेबल सुमित कुमार सिंह शामिल थे.