सख्ती के घेरे में होर्मुज, ईरान ने फिर दो भारतीय टैंकरों को रोका

Hormuz under tight siege, Iran again stops two Indian tankers
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग थमने का नाम नहीं ले रहा है. जिसके चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय जहाजों को रोके जाने का मामला भी सामने आया है. अमेरिका की हरकत से आक्रोशित हुआ ईरान अब होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का जरा भी नहीं सोच रहा है. क्योंकि उसे अमेरिका से उस बर्बादी का बदला लेना है जो उसने ईरान के साथ किया है. जी हां, यहीं कारण है कि, अब ईरान की नौसेना ने 'भाग्य लक्ष्मी' समेत दो भारतीय टैंकरों को आगे बढ़ने से रोक दिया है, जिसके बाद उन्हें किन्हीं कारणों के चलते वापस लौटना पड़ा.

जानकारी के मुताबिक, भाग्य लक्ष्मी' नाम का भारतीय झंडे वाला टैंकर जब होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहा था, तभी ईरानी नौसेना ने उसे अनुमति देने से साफ इंकार कर दिया. जहाज के क्रू ने रेडियो के जरिए संपर्क कर रास्ता देने की अपील भी की, फिर भी उन्हें तुरंत वापस लौटने का आदेश दिया गया. जिसका सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें ये साफ देखा जा सकता है कि, क्रू मेंबर को यह कहते सुना गया कि 'हम साफ-साफ सुन रहे हैं', जबकि जवाब में ईरानी नौसेना ने कहा कि जहाज तुरंत लौट जाए. इसी दौरान 'सैनमार हेराल्ड' नाम के एक अन्य तेल टैंकर से भी संकट का संदेश मिला है.

अचानक शुरू हुई गोलीबारी
वहीं, जहाज के एक सदस्य ने बताया कि पहले उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में अचानक गोलीबारी शुरू हो गई और उन्हें वापस लौटने को कहा गया. वापस लौटने की स्थिति का कारण गोलीबारी है. जिसके चलते उन्हें इस तरह का बड़ा कदम उठाना पड़ा. सूत्रों के मुताबिक, गोलीबारी में दोनों भारतीय जहाजों पर ईरानी गनबोट्स ने फायरिंग की, हालांकि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई, साथ ही जहाजों को कोई नुकसान नहीं हुआ. वहीं, कई जहाजों को रेडियो संदेश के माध्यम से ये जानकारी दी गई कि, उन्हें होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं है, जबकि कुछ जहाजों ने गोलीबारी की भी सूचना दी.
गोलीबारी पर भारत ने जताई चिंता
इस घटना के बाद भारत ने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, जहां विदेश मंत्रालय का कहना है कि,. ईरान पहले भी भारत जाने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाने में मदद करता रहा है. ऐसे में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरान के राजदूत से मुलाकात कर भारत की चिंता जाहिर की और कहा कि भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता जल्द से जल्द बहाल किया जाए, जिसके बाद से ईरान के राजदूत ने आश्वासन देते हुए कहा कि, भारत की बात को उनके देश की सरकार तक जरूर पहुंचाया जाएगा.

ईरान ने दी बड़ी चेतावनी
इस मामले को लेकर ईरान के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि भारत और ईरान के संबंध इतने मजबूत हैं कि इन दोनों के बीच कोई भी नहीं आ सकता हैं. इसलिए इस बिगड़ती स्थिति से निपटने के लिए जल्द ही समाधान निकाला जाएगा, हालांकि उन्होंने इस घटना की जानकारी नहीं होने की बात भी कही है. इसके बाद में ईरान की सेना ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब सख्त नियंत्रण में है. डर है तो सिर्फ इस बात का कि, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी कि इस क्षेत्र में आने वाले जहाजों को दुश्मन के समर्थन के रूप में देखा जा सकता है और उन पर कार्रवाई की जा सकती है.
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