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सख्ती के घेरे में होर्मुज, ईरान ने फिर दो भारतीय टैंकरों को रोका

सख्ती के घेरे में होर्मुज, ईरान ने फिर दो भारतीय टैंकरों को रोका
Apr 19, 2026, 01:14 PM
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Posted By Preeti Kumari

Hormuz under tight siege, Iran again stops two Indian tankers


अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग थमने का नाम नहीं ले रहा है. जिसके चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय जहाजों को रोके जाने का मामला भी सामने आया है. अमेरिका की हरकत से आक्रोशित हुआ ईरान अब होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का जरा भी नहीं सोच रहा है. क्योंकि उसे अमेरिका से उस बर्बादी का बदला लेना है जो उसने ईरान के साथ किया है. जी हां, यहीं कारण है कि, अब ईरान की नौसेना ने 'भाग्य लक्ष्मी' समेत दो भारतीय टैंकरों को आगे बढ़ने से रोक दिया है, जिसके बाद उन्हें किन्हीं कारणों के चलते वापस लौटना पड़ा.


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जानकारी के मुताबिक, भाग्य लक्ष्मी' नाम का भारतीय झंडे वाला टैंकर जब होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहा था, तभी ईरानी नौसेना ने उसे अनुमति देने से साफ इंकार कर दिया. जहाज के क्रू ने रेडियो के जरिए संपर्क कर रास्ता देने की अपील भी की, फिर भी उन्हें तुरंत वापस लौटने का आदेश दिया गया. जिसका सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें ये साफ देखा जा सकता है कि, क्रू मेंबर को यह कहते सुना गया कि 'हम साफ-साफ सुन रहे हैं', जबकि जवाब में ईरानी नौसेना ने कहा कि जहाज तुरंत लौट जाए. इसी दौरान 'सैनमार हेराल्ड' नाम के एक अन्य तेल टैंकर से भी संकट का संदेश मिला है.


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अचानक शुरू हुई गोलीबारी


वहीं, जहाज के एक सदस्य ने बताया कि पहले उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में अचानक गोलीबारी शुरू हो गई और उन्हें वापस लौटने को कहा गया. वापस लौटने की स्थिति का कारण गोलीबारी है. जिसके चलते उन्हें इस तरह का बड़ा कदम उठाना पड़ा. सूत्रों के मुताबिक, गोलीबारी में दोनों भारतीय जहाजों पर ईरानी गनबोट्स ने फायरिंग की, हालांकि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई, साथ ही जहाजों को कोई नुकसान नहीं हुआ. वहीं, कई जहाजों को रेडियो संदेश के माध्यम से ये जानकारी दी गई कि, उन्हें होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं है, जबकि कुछ जहाजों ने गोलीबारी की भी सूचना दी.


गोलीबारी पर भारत ने जताई चिंता


इस घटना के बाद भारत ने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, जहां विदेश मंत्रालय का कहना है कि,. ईरान पहले भी भारत जाने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाने में मदद करता रहा है. ऐसे में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरान के राजदूत से मुलाकात कर भारत की चिंता जाहिर की और कहा कि भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता जल्द से जल्द बहाल किया जाए, जिसके बाद से ईरान के राजदूत ने आश्वासन देते हुए कहा कि, भारत की बात को उनके देश की सरकार तक जरूर पहुंचाया जाएगा.


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ईरान ने दी बड़ी चेतावनी


इस मामले को लेकर ईरान के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि भारत और ईरान के संबंध इतने मजबूत हैं कि इन दोनों के बीच कोई भी नहीं आ सकता हैं. इसलिए इस बिगड़ती स्थिति से निपटने के लिए जल्द ही समाधान निकाला जाएगा, हालांकि उन्होंने इस घटना की जानकारी नहीं होने की बात भी कही है. इसके बाद में ईरान की सेना ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब सख्त नियंत्रण में है. डर है तो सिर्फ इस बात का कि, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी कि इस क्षेत्र में आने वाले जहाजों को दुश्मन के समर्थन के रूप में देखा जा सकता है और उन पर कार्रवाई की जा सकती है.


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वाराणसी में सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप, अवैध प्लाटिंग को लेकर जांच की मांग...
वाराणसी में सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप, अवैध प्लाटिंग को लेकर जांच की मांग...
वाराणसी : लोहता थाना क्षेत्र स्थित हरपालपुर ग्राम सभा में ग्राम सभा की भूमि, तालाब और चकमार्ग पर कथित अतिक्रमण एवं अवैध प्लाटिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. ग्राम प्रधान मोहम्द असलम ने प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच, भूमि का सीमांकन और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. ग्राम प्रधान का आरोप है कि ग्राम सभा तथा उत्तर प्रदेश सरकार के नाम दर्ज कई आराजियों पर कब्जा कर प्लाटिंग की जा रही है.उन्होंने बताया कि आराजी संख्या 503, 502, 530, 541, 518, 510 एवं 507 समेत अन्य भूमि, जो राजस्व अभिलेखों में ग्राम सभा, तालाब और सार्वजनिक उपयोग की जमीन के रूप में दर्ज है, उस पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं.उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ग्राम सभा की महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्तियों पर स्थायी कब्जे का खतरा उत्पन्न हो सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल सरकारी भूमि संरक्षण व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि सार्वजनिक संसाधनों के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा कर रही हैं. ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में कुछ स्थानीय लोगों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए. उनका कहना है कि ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं की ओर से कई बार राजस्व विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है. इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है.also read:काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी भूमि, तालाब और चकमार्ग पर अतिक्रमण के आरोप सही हैं तो मामले की तत्काल जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है. ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी तथा राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मौके पर भूमि का सीमांकन कराने, कथित अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है.
काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...
काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...
वाराणसी : काशी स्टेशन की होगा कायाकल्प एयरपोर्ट की तरह अपडेट होगा. रेल प्रशासन ने इसके लिये काशी स्टेशन पर 100दिनों का मेगा ब्लाक ( 6 जून से 13 सितंबर तक ) लिया है इस फ़ैसले के बाद सिर्फ दो प्लेटफॉर्म से ही ट्रेन का आवा गवन चालू है प्लेटफॉर्म एक और दो गुजारी जाने लगी हैं, जबकि तीन और चार की रेल लाइनों तोड़ी जा रही हैं. वहीं कई ट्रेनो को रद्द कर दिया गया है और कई रेल को पंडित दीनदयाल जंक्शन से किया जा रहा है.काशी रेलवे स्टेशन बनेगा कैंट का सैटेलाइट स्टेशनकाशी जहां विश्व में अपनी एक पहचान बना रहा है. वहीं काशी स्टेशन विदेश की तरह बनाने की योजना 2023 में तैयार की गई थी. इसे एयर पोर्ट की तरह विकसित किया जाएगा और सार्वजानिक भवन बनाया जाना है. इसका पहला और दूसरा एंड्री गेट को भवन के छतों को एक दूसरे से जोड़ा जाएगा.इसके साथ ट्रेनों का इंतजार यात्री प्रथम तल पर करेंगे. जहां सारी सुविधा मौजूद होगी. इस समय दोनों प्रवेश द्वारों पर तीन मंजिल का भवन तैयार है जिसके लिए मेगा ब्लाक लिया गया है.भविष्य को देखते हुए बन रहा है स्टेशन 2050 के दृष्टिगत और भविष्य को देखते हुए काशी रेलवे स्टेशन को बनाया जा रहा है.यात्री की पहुंच बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाएगा. आगे जा के यह कैंट रेलवे स्टेशन का सैटलाइट स्टेशन होगा. यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी तो लोग यही से ट्रेन पकड़ेंगे .ALSO READ : मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...स्टेशन के पास ही नामो घाट मौजूद है जिसे पर्यटक के दृष्टि से बनाया गया है इसके लिए काशी स्टेशन टूरिस्ट व टूरिज्म के बहुत महत्वपूर्ण होगा यह कि स्टेशन शहर के बाहरी राजमार्ग से जुड़ा हुआ है.स्टेशन को मालवीय पुल से आपस में जोड़ा जाएगाकाशी रेलवे स्टेशन के पुन निर्माण के बाद कुल 10 ट्रैक होगे.सभी रेल ट्रैक राजघाट पुल से जुड़े होगे. 1200 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे राजघाट का निर्माण 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है वहीं वर्ष 2027 में स्टेशन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...
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वाराणसी: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस के अवसर पर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शिवपुर का निरीक्षण कर गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने गर्भवतियों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल जाना तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने प्रसव पूर्व जांच, प्रयोगशाला सेवाओं, दवा वितरण व्यवस्था और अन्य चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया. उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद लाभार्थियों से बातचीत कर उपचार, जांच और परामर्श संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की. साथ ही चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक गर्भवती महिला को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं.ALSO READ:वाराणसी में पेंटिंग ठेकेदार ने खुद को गोली मारकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस...डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान और नियमित फॉलोअप बेहद आवश्यक है. उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को ऐसे मामलों की लगातार निगरानी रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. अभियान के तहत बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई. उन्हें संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संस्थागत प्रसव और टीकाकरण के प्रति जागरूक भी किया गया.स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी विभिन्न जानकारियां साझा कर महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी. इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज दुबे, स्टाफ नर्स, एएनएम तथा आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं. सीएमओ ने अभियान के सफल संचालन में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया.