संत रविदास की 650वीं जयंती पर समरसता संकल्प अभियान, घाट पर गूंजा 'मन चंगा तो कठौती में गंगा...

संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुरु पूर्णिमा से चल रहे राष्ट्रव्यापी 'समरसता संकल्प अभियान' के तहत मंगलवार को संत रविदास घाट पर नमामि गंगे द्वारा 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. हाथों में संत रविदास के संदेश लिखी तख्तियां और कठौती में गंगाजल लेकर उपस्थित लोगों ने सामाजिक समरसता, आंतरिक पवित्रता, सच्चे कर्म और मानवता का संदेश दिया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. उत्तम ओझा ने संत रविदास के विचारों को आज भी समाज के लिए प्रासंगिक बताते हुए उनके समरसता और नैतिक जीवन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया.
वहीं नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' केवल एक कथन नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, सदाचार और समानता का जीवन-दर्शन है. इस अवसर पर पुष्पलता वर्मा, विशाल केसरी, दिनेश कुमार सिंह, सतवंत भारती, रवि निषाद, संजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे.
बता दें कि शिरोमणी गुरु रविदास जी के 650वें जयंती वर्ष पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा 29 जुलाई गुरु पुर्णिमा से लेकर 20 फरवरी माघी पुर्णिमा तक देशभर में विविध आयोजन किए जा रहे हैं. भाजपा देशभर में "संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास सामाजिक समरसता अभियान" चलाएगी. अभियान का उद्देश्य गुरु रविदास के समरसता, कर्मयोग, भक्ति और सामाजिक सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है. अभियान पांच चरणों में संचालित होगा. प्रथम चरण के तहत 29 जुलाई को गुरु रविदास की जन्मस्थली एवं स्मारक पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा जन्मस्थली मंदिर के महंत संत निरंजन दास महाराज सहित अनेक संत एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे.
इससे पहले 28 जुलाई को देशभर से आने वाले कार्यकर्ताओं की टोलियां गुरु रविदास स्मारक स्थल पर पवित्र मिट्टी का पूजन कर 131 कलश तैयार करेंगी. इसके बाद स्मारक स्थल से गुरु रविदास जन्मस्थली मंदिर तक विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी, जहां सभी कलशों का विधिवत पूजन होगा.



