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सर्दियों में ही क्यों होता है जोड़ों का दर्द, जाने क्या कहता एक्सपर्ट

सर्दियों में ही क्यों होता है जोड़ों का दर्द, जाने क्या कहता एक्सपर्ट
Dec 27, 2025, 01:15 PM
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Posted By Preeti Kumari

इन दिनों सर्दियों का मौसम चल रहा है. ये कड़ाके की ठंड धीरे-धीरे लोगों को डराने लगी है. ठंड और नमी के कारण लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उदाहरण के तौर पर समझा दें कि, जोड़ों में जकड़न और दर्द की समस्या आम हो जाती है. तापमान गिरने से खून का संचार काफी धीमा पड़ता है, जिससे सूजन और stiffness बढ़ने लगती हैं. ऐसे समय में अपने शरीर को ठंड से बचाने के लिए खुद को गर्म रखना, हल्का व्यायाम करना, पौष्टिक आहार लेना और पर्याप्त पानी पीना जोड़ों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है. क्योंकि सावधानी और शरीर की सही देखभाल करना ही इस बढ़ती ठंड से बचाने में मददगार साबित होता है.


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बुजुर्गों के लिए ठंड बनी समस्या


कड़ाके की ठंड न सिर्फ पारा गिराती है, बल्कि बुजुर्गों के लिए काफी दिक्कते भी करती है. ये ठंड भरे जोड़ों और घुटनों के पुराने दर्द को भी जगा देती है. आजकल यह समस्या काफी आम हो चुकी है, ऐसे में सही तकनीक और आसान एक्सरसाइज से आप इस दर्द को घर बैठे मात दे सकते हैं. जैसे-जैसे सर्दी आती है, एक और समस्या जो लोगों को परेशान करने लगती है, वह है जोड़ों का दर्द (joint pain) खासकर बुजुर्गों, गठिया के मरीजों और पुराने चोट वाले लोगों के लिए ये मौसम मुश्किल भरा हो सकता है. तापमान गिरने के साथ शरीर की मांसपेशियां और जोड़ों की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे जकड़न, सूजन और दर्द बढ़ने लगता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ आसान घरेलू उपायों से इस दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है. तो चलिए आज हम आपको सर्दियों में जोड़ों के दर्द से बचने से रूबरू कराते है.


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जाने सर्दियों में जोड़ों का दर्द क्यों बढ़ता


सर्दी के मौसम में शरीर का तापमान गिरने से खून का संचार धीमा पड़ जाता है. इससे जोड़ों के आसपास की मांसपेशियां और ऊतक सख्त हो जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप अकड़न, सूजन और दर्द होता है. इसके अलावा, ठंड में शरीर की लचीलापन कम हो जाता है, वायुदाब में बदलाव से हड्डियों और जोड़ों पर असर पड़ता है, शारीरिक गतिविधि कम होने से जोड़ों में बढ़ जाती है, पानी कम पीना और शरीर में होना भी दर्द को बढ़ा देता है.


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सर्दियों में जोड़ों के दर्द से बचाव के असरदार


ठंड के मौसम में जोड़ों का दर्द बढ़ना सामान्य है, लेकिन सही देखभाल और जीवनशैली में छोटे बदलाव से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है”. सर्दियों में ठंड और नमी के कारण शरीर की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं, जिससे जोड़ों में खिंचाव और दर्द बढ़ने लगता है. ऐसे में कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय अपनाकर आप इस दर्द को काफी हद तक कम कर सकते हैं और अपने जोड़ों को लचीला व स्वस्थ बनाए रख सकते हैं.


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ऐसे शरीर को गर्म रखें


सर्दियों के मौसम में सबसे जरूरी है कि शरीर को ठंड से बचाकर रखा जाए, ठंडी हवा और कम तापमान जोड़ों की सूजन और दर्द को बढ़ा सकते हैं. इसलिए हमेशा अपने शरीर, खासकर घुटनों, कोहनी, कंधों और कमर को गर्म रखें. घर से बाहर निकलते समय ऊनी कपड़े, गर्म मोज़े और नीकैप पहनें, ठंडी हवा सीधे शरीर पर न लगे, इसका ध्यान रखें. आप चाहें तो रात में सोने से पहले हल्के गुनगुने पानी से सिकाई भी कर सकते हैं. इससे जोड़ों में जकड़न कम होती है और मांसपेशियों को आराम मिलता है, कमरे का तापमान भी बहुत ठंडा न रखें ताकि शरीर को झटका न लगे. . नियमित व्यायाम करने से भी इन समस्याओं से निजात पा सकते हैं.

वाराणसी में आयोजित हुआ ‘खेलो इंडिया युवा संवाद’ कार्यक्रम, हजारों युवाओं ने लिया हिस्सा
वाराणसी में आयोजित हुआ ‘खेलो इंडिया युवा संवाद’ कार्यक्रम, हजारों युवाओं ने लिया हिस्सा
वाराणसी : मेरा युवा भारत वाराणसी के तत्वावधान में ‘खेलो इंडिया युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन आज गुरुवार को तीन प्रमुख शिक्षण संस्थानों में किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक करना, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना, युवाओं को खेलों में करियर के अवसरों से परिचित कराना तथा उन्हें खेलो इंडिया एवं Viksit Bharat Young Leaders Dialogue जैसी युवा गतिविधियों से जोड़ना रहा.कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा वर्चुअल माध्यम से युवाओं को संबोधित करते हुए किया गया. प्रधानमंत्री के संबोधन को वाराणसी के तीनों आयोजन स्थलों पर उपस्थित युवाओं ने उत्साहपूर्वक सुना. इसके पश्चात संबंधित अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया. वाराणसी में आयोजित इन तीनों कार्यक्रमों में कुल 1029 युवाओं ने प्रतिभाग किया.जिमखाना क्लब, आईआईटी बीएचयू में आयोजित ‘खेलो इंडिया युवा संवाद’ कार्यक्रम में 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती दर्शना सिंह, सांसद, राज्यसभा रहीं. इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. राजेश कुमार, छात्र अधिष्‍ठाता, आईआईटी बीएचयू उपस्थित रहे. कार्यक्रम में स्पोर्ट्स आइकन मंगल यादव एवं नासिर अली ने युवाओं से संवाद किया. दोनों स्पोर्ट्स आइकन ने क्रमशः हॉकी एवं क्रिकेट के क्षेत्र में अपने अनुभव युवाओं के साथ साझा करते हुए उन्हें खेलों के प्रति समर्पित रहने, नियमित अभ्यास करने और खेल के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया.इसी क्रम में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आयोजित कार्यक्रम में 404 युवाओं ने प्रतिभाग किया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री हंसराज विश्वकर्मा, राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार रहे. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. आनंद के. त्यागी, कुलपति, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ तथा श्रीमती सुनीता पांडेय, कुलसचिव उपस्थित रहीं. इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन खिलाड़ी एवं स्पोर्ट्स आइकन सुश्री पूनम यादव ने युवाओं से संवाद किया. उन्होंने अपने खेल जीवन के अनुभव साझा करते हुए युवाओं को खेलों में अनुशासन, मेहनत, निरंतर अभ्यास एवं दृढ़ इच्छाशक्ति के महत्व के बारे में बताया तथा युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.वहीं धीरेंद्र महिला पीजी कॉलेज में आयोजित ‘खेलो इंडिया युवा संवाद’ कार्यक्रम में 525 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रविंद्र जायसवाल, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे. विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. नलिनी मिश्रा, प्राचार्य, धीरेंद्र महिला पीजी कॉलेज उपस्थित रहीं. कार्यक्रम में राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं स्पोर्ट्स आइकन सुश्री शालू सोनकर ने छात्राओं से संवाद किया. उन्होंने अपने खेल अनुभवों को साझा करते हुए छात्राओं को खेलों में अधिक से अधिक भागीदारी करने, अपनी प्रतिभा को पहचानने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया.ALSO READ : वाराणसी में स्कूल की बदहाली का वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी, आप प्रवक्ता मुकेश सिंह गिरफ्तारतीनों आयोजन स्थलों पर उपस्थित स्पोर्ट्स आइकन द्वारा युवाओं से ‘खेलो इंडिया’ के विषय पर संवाद किया गया. उन्होंने युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए खेलों में उपलब्ध अवसरों, खेलों में करियर की संभावनाओं, फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना तथा नियमित अभ्यास के महत्व पर चर्चा की. स्पोर्ट्स आइकन ने युवाओं को अपने अनुभवों से प्रेरित करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण का भी महत्वपूर्ण साधन है.कार्यक्रम के दौरान युवाओं को विकसित भारत यंग डायलाग एवं खेलो इंडिया से संबंधित अपने आइडिया, विचार एवं सुझाव साझा करने के लिए प्रेरित किया गया. युवाओं को विभिन्न युवा गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया. युवाओं ने भी खेल एवं युवा कार्यक्रमों से संबंधित अपने विचार उत्साहपूर्वक साझा किए. इस अवसर पर युवाओं को नशा मुक्त भारत के निर्माण की शपथ भी दिलाई गई. उपस्थित युवाओं ने नशे से दूर रहने, स्वयं स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने तथा समाज के अन्य लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया.
वाराणसी में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की निगरानी का विरोध, विपक्षी दलों ने पैदल मार्च कर सौंपा ज्ञापन
वाराणसी में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की निगरानी का विरोध, विपक्षी दलों ने पैदल मार्च कर सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : राजनीतिक दलों एवं किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं और नेताओं की कथित व्यक्तिगत निगरानी तथा लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का विपक्षी दलों ने विरोध किया है. कांग्रेस, सीपीएम, सीपीआई, भाकपा (माले), राष्ट्रीय जनता दल एवं फॉरवर्ड ब्लॉक सहित विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च कर प्रदर्शन किया. इन दलों ने केंद्र एवं उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विरोध की आवाज को दबाने का आरोप लगाते हुए लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को घेरा.विभिन्न दलों के कार्यकर्ता वाराणसी कचहरी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के पास एकत्रित हुए. यहां से कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए पैदल कचहरी पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति को अपराध नहीं माना जा सकता और सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए. पैदल मार्च के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने एसीएम को पत्रक सौंपकर राजनीतिक कार्यकर्ताओं की निगरानी तत्काल बंद करने तथा इस संबंध में पारदर्शी और कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की.वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत कार्य कर रही हैं. सरकार से सवाल पूछने वाले विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और किसान संगठनों से जुड़े लोगों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों को अपनी बात रखने, सरकार की नीतियों का विरोध करने और शांतिपूर्ण आंदोलन करने का संवैधानिक अधिकार भी शामिल है.वक्ताओं ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल राजनीतिक विरोध को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है. कार्यकर्ताओं के बैंक अकाउंट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वंश-वृक्ष, व्यवसाय एवं अन्य व्यक्तिगत जानकारियों के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायतों पर उन्होंने गंभीर चिंता जताई. नेताओं ने कहा कि किसी भी नागरिक की निजी जानकारी प्राप्त करने के लिए स्पष्ट कानूनी आधार, निर्धारित प्रक्रिया और जवाबदेही आवश्यक है. मौखिक आदेशों या अस्पष्ट निर्देशों के आधार पर व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करना नागरिकों के निजता के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े करता है.विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है. विपक्ष को दुश्मन समझकर उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाना लोकतंत्र के लिए स्वस्थ संकेत नहीं है. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष को यह समझना होगा कि लोकतंत्र में सरकार स्थायी नहीं होती, लेकिन संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाएं स्थायी होती हैं.नेताओं ने कहा कि देश में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, युवाओं के भविष्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जनता जवाब मांग रही है. ऐसे जनसरोकार के सवालों का जवाब देने के बजाय यदि सरकार विरोध की आवाज उठाने वालों की निगरानी और दमन का रास्ता अपनाती है तो इससे लोकतंत्र कमजोर होगा. प्रदर्शन के दौरान कैंट एसीपी, कैंट इंस्पेक्टर सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा. पुलिस की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया और एसीएम को पत्रक सौंपा.ALSO READ : वाराणसी में स्कूल की बदहाली का वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी, आप प्रवक्ता मुकेश सिंह गिरफ्तारविपक्षी दलों ने चेतावनी दी कि यदि राजनीतिक कार्यकर्ताओं की निगरानी, दबाव और उत्पीड़न की कार्रवाई पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई तो लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और संविधान, लोकतांत्रिक अधिकारों तथा नागरिकों की निजता की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा.प्रदर्शन में नन्दलाल पटेल, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे, सतनाम सिंह, अनिल कुमार सिंह, वकील अंसारी, राजू राम, लाल बहादुर, संतोष चौरसिया, हसन मेहदी कब्बन, मिठाई लाल, रामकेश यादव, सुरेन्द्र यादव, लालमणि वर्मा, मोबिन अहमद, देवासिष, रामजी सिंह, गौरी शंकर पटेल, वंदना जायसवाल, विनीत चौबे, लक्ष्मण वर्मा, प्रमोद वर्मा, श्यामलाल पटेल, अजय मुखर्जी, विजय देवल, पुलक त्रिपाठी, हिमांशु धनवस्त, आसुतोष पाण्डेय, शिव शंकर मौर्य,शशि‍ सोनकर, राजेश्वर विश्वकर्मा, आनन्द चौबे, मनोज पाण्डेय, गोपाल चौबे,साबिर अली, राजेश्वर विश्वकर्मा, रामजी गुप्ता, कृष्णा गौड़, प्रेमदीप तिवारी, अरविन्द मौर्य समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
वाराणसी में स्कूल की बदहाली का वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी, आप प्रवक्ता मुकेश सिंह गिरफ्तार
वाराणसी में स्कूल की बदहाली का वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी, आप प्रवक्ता मुकेश सिंह गिरफ्तार
वाराणसी : स्‍कूल की बदहाली का वीडियो पोस्‍ट करना आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्‍ता को भारी पड़ गया. आम आदमी पार्टी के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत आदमपुर थाना क्षेत्र के कोनिया प्राथमिक विद्यालय की स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह को आदमपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने मंडीलय अस्‍पताल में आरोपी का मेडिकल मुआयना कराया.आम आदमी पार्टी प्रदेश में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को उजागर करने के लिए 'स्कूल ठीक करो' अभियान चला रही है. इसी के तहत आप प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह ने आदमपुर क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय (कोनिया पंचायत भवन) का एक वीडियो बनाकर अपने एक्स (ट्विटर) हैंडल पर शेयर किया था. पोस्ट में दावा किया गया था कि गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करने के लिए इस स्कूल को बंद कर दिया गया है.स्कूल प्रशासन का पक्षदूसरी ओर, स्कूल के प्रधानाध्यापक कमलेश दत्त पांडेय ने पुलिस को दी गई तहरीर में इन दावों को भ्रामक और असत्य बताया. प्रधानाध्यापक के अनुसार, जुलाई 2023 में जर्जर भवन की छत का एक हिस्सा गिर गया था, जिसके बाद बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई पास के 'कोनिया सट्टी प्राथमिक विद्यालय' के भवन में स्थानांतरित कर दी गई थी. वर्तमान में स्कूल बंद नहीं है, 52 नामांकित बच्चों को शिक्षक नियमित रूप से पढ़ा रहे हैं.ALSO READ : ट्रेन में बीमार मिली नाबालिग को RPF ने पहुंचाया अस्पताल, मंडलीय चिकित्सालय में हुआ इलाजपुराने भवन का मामला कोर्ट में लंबित होने और स्टे ऑर्डर होने की वजह से वहां नया निर्माण नहीं हो पा रहा है. आदमपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है. इस मामले में एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया की आप प्रवक्ता मुकेश सिंह को गिरफ्तार किया गया है. वीडियो के साथ-साथ सोशल मीडिया पोस्ट के तथ्यों की जांच कर रही है.