वाराणसी में एमएससी की छात्रा की हत्या में आरोपी प्रेमी की तलाश बनी चुनौती, पुलिस टीमें दे रही दबिश

वाराणसी : जगतपुर पीजी कॉलेज में एमएससी की छात्रा श्रेया उर्फ मोनू (22) की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस के समक्ष आरोपी विवेक चौबे की तलाश चुनौती बनी हुई है. उसके संभावित ठिकानों पर पुलिस चार टीमें दबिश दे रही हैं. हालांकि अब तक उसका कोई सुराग भी पुलिस के हाथ नहीं लगा है. घटना के बाद डीसीपी क्राइम नीतू कादयान ने राजातालाब पुलिस के साथ-साथ पुलिस की चार विशेष टीमों का गठन कर विभिन्न ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है. परिजन का आरोप है कि दूर के रिश्तेदार और चोलापुर (नियारडीह) निवासी विवेक चौबे ने श्रेया काे अगवा कर उसकी निर्मम हत्या कर दी. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने ननिहाल भुवालपुर (मिर्जापुर) भाग गया और वहां अपनी बाइक व बैग छोड़कर फरार हो गया.

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मकान मालिक विवेक द्विवेदी और आरोपी के पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल, चैट, फोटो और वीडियो जैसे डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर रही है. क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं.
22 नवंबर को रिंग सेरेमनी और 26 फरवरी को होनी थी शादी
श्रेया 17 अगस्त को कालेज जाने के लिए निकली लेकिन फिर घर नहीं लौटी. अगले दिन उसकी गुमशुदगी राजातालाब थाने में दर्ज कराई गई थी. 20 अगस्त को बच्छांव पश्चिमपुरा स्थित एक किराये के कमरे के बाथरूम में उसकी खून से लथपथ लाश बरामद हुई. मृतका के गले पर धारदार हथियार से वार और सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं. पुलिस ने मौके से मृतका की चप्पल और रस्सी बरामद की है. परिजन के अनुसार श्रेया घर की इकलौती संतान थी. उसकी शादी मिर्जापुर में तय हो चुकी थी, जिसकी 22 नवंबर को रिंग सेरेमनी और 26 फरवरी को शादी होनी थी. शादी तय होने से नाराज होकर आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
मृतका के चचेरे भाई अंशुमान और पिता सुनील उपाध्याय ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजन का दावा है कि 18 अगस्त की रात ही मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस बच्छांव स्थित उसी मकान तक पहुँच गई थी, जहाँ छात्रा का मोबाइल एक्टिव बता रहा था. इसके बावजूद पुलिस ने उस समय कमरे का दरवाजा नहीं खुलवाया और वापस लौट गई. यदि पुलिस उसी रात सख्ती से कमरे की तलाशी लेती, तो शायद छात्रा की जान बचाई जा सकती थी.

शादी की नाराजगी, प्रॉपर्टी का लालच
परिजन ने प्रेम प्रसंग की बात से साफ इनकार करते हुए बताया कि विवेक चौबे जबरन श्रेया से बातचीत करने का दबाव बनाता था. वह वीडियो कॉल पर पिता की हत्या करने की धमकी देता था. श्रेया अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी और परिवार के पास करीब सात बीघा जमीन है. आरोप है कि आरोपी प्रॉपर्टी के लालच में जबरन शादी करना चाहता था.
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ननिहाल में छोड़े बैग की चाबी से खुला कमरे का ताला
19 अगस्त को परिजन खुद बच्छांव पहुँचे और मकान मालिक विवेक द्विवेदी से पूछताछ की. पता चला कि विवेक चौबे वहां दो महीने से किराये पर रह रहा था. इसके बाद परिजन आरोपी के ननिहाल सीखड़ (मिर्जापुर) पहुँचे. वहां पता चला कि आरोपी 18 अगस्त की शाम बैग और बाइक छोड़कर भाग गया था. उस बैग से कमरे की चाबी मिली, जिससे 20 अगस्त की सुबह कमरा खोला गया तो अंदर श्रेया का शव पड़ा मिला.



