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संसद भवन में घुसा संदिग्ध, सुरक्षा में हुई भारी चूक

संसद भवन में घुसा संदिग्ध, सुरक्षा में हुई भारी चूक
Aug 22, 2025, 01:34 PM
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Posted By Preeti Kumari

A suspect entered the Parliament building, a huge lapse in security


New-Delhi: राजधानी दिल्ली में आज (शुक्रवार) संसद भवन की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही देखने को मिली है. एक संदिग्ध युवक संसद की दीवार फांदकर अंदर घुस आया. हालांकि समय रहते वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे संसद के 'गरुड़ द्वार' के पास पकड़ लिया है.

फिलहाल, युवक को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और मामले की जांच की जा रही है. इस घटना ने संसद की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.



दीवार फांद संसद भवन में घुसा संदिग्ध


पुलिस ने अपनी जांच-पड़ताल में बताया कि, पकड़ा गया युवक यूपी का निवासी है, जिसका नाम रामा और उम्र 20 साल है. जांच में पता चला कि रामा पेड़ की मदद से संसद भवन की दीवार फांदकर अंदर घुस गया था. वह रेल भवन की ओर से होते हुए नए संसद भवन के गरुड़ द्वार तक पहुंच ही था, कि तभी वहां मौजूद पुलिस ने उसे पकड़ लिया.



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दरअसल, रेल भवन के पास हमेशा एक पीसीआर वैन खड़ी रहती है. वहीं तैनात पुलिसकर्मी की नजर दीवार पर चढ़ते युवक पर पड़ी, जब पुलिसकर्मी ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो वह भागने लगा, इस पर पुलिसकर्मी ने शोर मचाया, जिससे आसपास मौजूद CISF जवान मौके पर पहुंचकर युवक को अपनी हिरासत में ले लिया. अब पुलिस, स्पेशल सेल, आईबी और दूसरी एजेंसियां इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं और युवक से पूछताछ की जा रही है.



जांच में जुटी पुलिस कर्मी 


बताया जा रहा है कि, जिस वक्त अज्ञात युवक संसद भवन की दीवार फांदने की कोशिश कर रहा था, उसी समय भवन के गेट के पास घूम रहे एक अन्य को भी पुलिस ने शक के तौर पर अपनी हिरासत में लिया है. इसके बाद दोनों युवकों से पूछताछ जारी है. इसी के साथ ही पुलिस ये पता लगाने में जुटी हुई है कि आखिरकार ये युवक संसद भवन की दीवार किस मकसद से फांद रहा था. इसके पीछे इसका कुछ साजिश है या फिर इसकी दिमागी हालत ठीक नहीं हैं.

संरक्षित पशुओं के मांस की तस्‍करी का आरोप, पुलिस की गिरफ्त में दो गुनहगार
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वाराणसी: लंका चौराहे के पास बुधवार की रात ई-रिक्शा चालक समेत दो युवकों को लंका पुलिस ने पशुओं के मांस की तस्करी के आरोप में हिरासत में लिया. पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है. हालांकि पुलिस का कहना है कि ई रिक्‍शा पर लदी बोरियों में हड्डियां मिली हैं. इसकी जांच कराई जा रही है कि हड्डियां जानवर की हैं या किसी अन्‍य की. मामला संदिग्‍ध है इसलिए पुलिस सरगर्मी से जांच कर रही है.ई-रिक्शा से दुर्गंध महसूसदेवरिया के रहने वाले सत्यम पांडेय ने पुलिस को बताया कि वह दुर्गाकुंड के मानस नगर कालोनी में रहते हैं और फास्ट फूड का व्यापार करते हैं. रात 10 बजे के बाद वह बाइक से लंका की ओर जा रहे थे तो उन्हें एक ई-रिक्शा से बहुत दुर्गंध महसूस हुई. चालक से पूछा कि बोरे में क्या है, जो कि इतना दुर्गंध उठ रहा है. रिक्शा चालक ने जवाब दिया कि मुर्गी का चारा है.यह भी पढ़ें: योगी सरकार के शर्तनामा ने धर्मयुद्ध का मार्ग किया प्रशस्‍त- स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंदसत्यम ने पुलिस को बताया कि उन्हे विश्वास नहीं हुआ और ई-रिक्शा को रूकवाना चाहा. इस पर चालक रफ्तार तेज कर भागने लगा. इस बीच उसे लंका चौराहे के पास पकड़ा. बोरे की तलाशी ली तो पशुओं की हड्डी और मांस निकला. तभी दोनों युवकों को ई-रिक्शा समेत पकड़ा गया. इस दौरान सडक पर अफरा तफरी की स्थिति बन गई.हड्डी बरामद लंका इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि हड्डी बरामद हुई है, जिसकी जांच लैब से कराई जाएगी. दोनों युवकों ने पूछताछ में बताया कि भैंस की हड्डी है, जो कि पुरानी है, कीड़े पड़ गए थे तो उन्हें फेंकने के लिए जा रहे थे.
योगी सरकार के शर्तनामा ने धर्मयुद्ध का मार्ग किया प्रशस्‍त- स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद
योगी सरकार के शर्तनामा ने धर्मयुद्ध का मार्ग किया प्रशस्‍त- स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद
वाराणसी: योगी सरकार ने पूरा बल लगा लिया लेकिन हम लखनऊ पहुंच गए. पहले मठ से ही बाहर नहीे निकलने का प्‍लान बनाया, जब निकल गए तो रास्‍ते में रोकने का इंतजाम किया. उसमें भी सफलता नहीं मिली तो शर्तों पर सभा की अनुमति दी गई. इतना सब कुछ होने के बाद कल रात एक और नोटिस आ गया कि सभा के इंतजाम ठीक नहीं हैं. इसके बावजूद आज शंखनाद किया गया. गौ माता को राष्‍ट्रमाता का दर्जा देने की मांग को लेकर शंकराचार्य स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद सरस्‍वती ने लखनऊ में सभा के दौरान उक्‍त बातें कही.सभा में उन्‍होंने बसपा सुप्रीमो मायावती और कांशीराम को लेकर कहा कि आज हम लोगों में उनकी तरह समर्पण की आवश्‍यकता है.हम प्रजा के कल्‍याण की कामना करने वाले हैं. यहां आने वाल लोगों में गौ माता के प्रति प्रेम है इसलिए यहां त‍क पहुंच सके हैं. हमें सरकारी नहीं असरकारी चाहिए. सरकारी संत से जुडेंगे तो सरकार जाने के बाद असर खत्‍म हो जाएगा. असरकारी संत जब तक जीवित रहेगा तब तक उसका असर रहेगा. न्‍याय के मार्ग से प्रजा का शासन होना चाहिए न कि अन्‍याय के मार्ग से. वेद पढने वाले बटुक लाठी के योग्‍य है. चोटी नोचने के लायक हैं. धिक्‍कार है ऐसी सरकार को जिसने ऐसा कलंकित कारनामा किया.यह भी पढ़ें: मौसम विभाग ने मार्च में कोहरा पड़ने की बताई वजह, बारिश के बन रहे आसारतमाम रुकवटों के बावजूद 11 मार्च को शीतला अष्टमी के अवसर पर आशियाना के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल, पासी किला चौराहा पर दोपहर 2ः15 बजे से शाम पांच बजे तक कार्यक्रम का आगाज हो गया. लखनऊ शहर पहुंचते ही स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद ने हनुमान मंदिर पहुंचकर दर्शन कर बजरंगबली का आशीर्वाद लिया. इसके बाद कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए. हालांकि भारी भीड़ की आशंका के चलते खुफिया एजेंसियां पहले से ही सक्रिय रहीं.इसके अलावा बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई. आशियाना, पीजीआई और कृष्णानगर थाने की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है. बता दें कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए आयोजकों की ओर से करीब 4.5 लाख रुपये का शुल्क स्मारक समिति में जमा कराया गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद काशी से गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का शुभारम्भ किया. इसके बाद जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, मोहनलालगंज, उन्नाव और नैमिषारण्य में सभाएं करते हुए लखनऊ पहुंचे.शंकराचार्य की अपील-जो लखनऊ नहीं पहुंच पाए वे अपने-अपने शहरों से ही करेंग शंखनादगौरतलब है कि माघ मेला में मौनी अमावस्या के दिन संगम स्नान से रोके जाने और अपमानजनक व्यवहार के बाद शंकराचार्य ने शासन और प्रशासन के खिलाफ जंग ही छेड़ दिया. इसके बाद से ही शंकराचार्य के कार्यक्रमों और उनकी गतिविधियों की पल-पल की घटनाओं पर कड़ी नजर रखी जा रही है. इधर, लखनऊ पहुंचना ही उनके लिए आसान नही था, फिर भी वह पहुंच गये. लेकिन प्रशासनिक शिकंजे को देखते हुए शंकराचार्य ने अनुयायियों से की अपील की है. उन्होंने कहाकि अनुमति देर से मिलने के कारण बहुत से लोग नही पहुंच पाए. उन्होंने कहाकि जो लोग लखनऊ नहीं पहुंच पाएंगे, वे अपने-अपने शहरों या गांवों में ही गो रक्षा के लिए शंखनाद करें.प्रशासन ने सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए 26 सख्त शर्तों के साथ अनुमति दी है. शंकराचार्य ने 7 मार्च को वाराणसी से अपनी ’गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा’ शुरू की थी. इस दौरान जगह-जगह सभा में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिए गए 40 दिनों के अल्टीमेटम की मियाद पूरी हो गई है. लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसलिए आज लखनऊ में धर्मयुद्ध का शंखनाद किया जा रहा है.काशीवासी गौभक्तों ने किया शंखनादलखनऊ में शंकराचार्य द्वारा किए जा रहे गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद के समर्थन में आज सैकड़ों काशीवासी गौभक्तों असि घाट पर सामूहिक रूप से शंखनाद किया. इस दौरान स्वप्रेरणा से गौमाता भी स्वत: शंखनाद स्थल पर पहुंच कर गौभक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया. शंखनाद स्थल पर उपस्थित गौभक्तों को संबोधित करते हुए मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने कहा कि सनातनधर्म की आत्मा गौमाता के प्राणों की रक्षा हेतु सचल शिव शंकराचार्य राष्ट्रव्यापी आंदोलन चला रहे हैं. जिसका व्यापक असर पूरे राष्ट्र पर पड़ रहा है और 100 करोड़ सनातनी जनता शंकराचार्य के इस गौप्रतिष्ठा आंदोलन से मजबूती से जुड़ रही है.शंखनाद कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सर्वश्री महामृत्युंजय मंदिर के महंत किशन दक्षिण, कांग्रेस के नगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, राकेश पाण्डेय, सरदार सतनाम सिंह,अरुण सोनी,सुनील श्रीवास्तव,प्रमोद वर्मा,पं सदानंद तिवारी,संतोष चौरसिया,पुलक त्रिपाठी,हिमांशु सिंह,किशन यादव,के.के. द्विवेदी,शशिकांत यादव,श्रीश तिवारी,सुभाष सिंह,मिर्ची दुबे,आशीष पाण्डेय,प्रदीप पाण्डेय सहित सैकड़ों लोग शामिल थे.
मौसम विभाग ने मार्च में कोहरा पड़ने की बताई वजह, बारिश के बन रहे आसार
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वाराणसी: इस साल मौसम कुछ अलग ही तेवर दिखा रहा है. सुबह ठंड दोपहर गर्म और शाम शुष्‍क मौसम लोगों को चौंका रहा है. ऐसे में आगामी 4-5 दिनों के दौरान वायुमण्डलीय स्थिरता के कारण कोहरे और धुन्ध की स्थिति बनी रहने की संभावना है. वर्तमान में मौसम अत्यधिक गर्म है, और तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की उम्मीद है. हालांकि, 15 मार्च से हल्की बारिश के आसार हैं, जो प्रदेश के तराई इलाकों और पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में देखने को मिल सकती है.प्रदेश में सक्रिय मौसम तंत्र की अनुपस्थिति और पश्चिमी तथा मध्य भारत के मध्य क्षोभ मंडल में बने प्रतिचक्रवात के कारण वायुमंडलीय स्थिरता का प्रभाव देखा जा रहा है. इसके परिणामस्वरूप, प्रदेश में सामान्य से अधिक तापमान के साथ-साथ निचले क्षोभमंडल में पूर्वी भारत के दक्षिणी झारखण्ड के आसपास संकेन्द्रित चक्रवाती परिसंचरण से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक विस्तृत द्रोणी का प्रभाव है. इस स्थिति के कारण प्रदेश में सुबह के समय कोहरे के साथ-साथ दिन में धुन्ध की स्थितियाँ बन रही हैं.यह भी पढ़ें: काशी विश्‍वनाथ धाम में गर्मी से नहीं तपेगी फर्श, भक्‍तों के लिए शुरू हुई नई व्‍यवस्‍थाआगामी 4-5 दिनों के दौरान मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है. वर्तमान मौसम परिस्थितियों में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने से प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा. इस प्रकार, मौसम अत्यधिक गर्म रहने के साथ-साथ कोहरे और धुन्ध की स्थितियाँ बनी रहने की सम्भावना है. हालांकि, 15 मार्च से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में वर्षा की संभावना बढ़ रही है. यह वर्षा इस सीजन में पहली बार होगी, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आने की उम्मीद है.मौसम व‍िभाग ने सलाह दी है कि वे मौसम की स्थितियों के प्रति सतर्क रहें और आवश्यक सावधानियाँ बरतें. विशेषकर कोहरे और धुन्ध के कारण सड़क पर यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें. मौसम विभाग की ओर से जारी की गई जानकारी के अनुसार, प्रदेश में तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन 15 मार्च से मौसम में बदलाव आने की संभावना है. इस बदलाव के साथ ही प्रदेशवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है.इस मौसम परिवर्तन के साथ, प्रदेश में कृषि गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ सकता है, जिससे किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने की आवश्यकता होगी. मौसम की वर्तमान स्थिति और आगामी संभावित परिवर्तन पर ध्यान देना आवश्यक है.