शंकराचार्य ने BJP पर कसा तंज, बटुकों के पूजन से नहीं धुलने वाला पाप

वाराणसी- माघ मेले में बटुकों संग दुर्व्यवहार को लेकर मचे घमासान मचा हुआ है. इस सबके बीच यूपी के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों को घर पर बुलाकर अंगवस्त्रम और तिलक लगाकर पैर छूने पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भाजपा सरकार को आडे हाथ लिया है. कहा कि उन्होंने ये करके अपनी भावना दिखाई है और जताया कि जो प्रयागराज में हुआ वह पाप था उसको धोने के लिए मैं अपना प्रयास कर रहा हूं. इससे प्रयागराज में घटना का पाप नहीं धुल सकता है. 101 बटुकों पर पुष्पवर्षा कर और तिलक कर सम्मानित करना कोई कार्रवाई नहीं है, ये राजनीति है.

कहा कि जो वास्तविक पीड़ित है, जिस बटुक की चोटी खींची गई उसके पास जाते कि अपने पसंद के बटुक बुला लिए और चंदन लगा दिए. ये राजनीति नहीं है तो क्या है. उन्होंने कहा कि गोरक्षा को लेकर 40 दिन का अल्टीमेटम 11 मार्च को पूरा हो रहा है. इस दिन लखनऊ जाएंगे और वहीं जांच के बाद जो निष्कर्ष निकलेगा वही घोषित करेंगे. उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों सहित कुछ भाजपा नेताओं ने वक्तव्य आदि देकर भारतीय जनता पार्टी की प्रतिष्ठा बचाने के प्रयास किये हैं पर इस हठाधीश सीएम के हठ के आगे उनके प्रयास नाकाम ही रहे हैं.

कहा कि गोरक्षा की मांग को लेकर 11 मार्च को लखनऊ में साधु- संतों और सनातनियों के साथ जाएंगे. भाजपा के 100 से ज्यादा कार्यकर्ता, पूर्व विधायक, अध्यक्ष जैसे पदाधिकारी रक्षा को लेकर प्रदेश सरकार की मनसा स्पष्ट न होने के कारण मेरे शरण में आ रहे हैं और पार्टी को भी छोड़ रहे हैं. योगी आदित्यनाथ की गोरक्षा के विषय पर रहस्यमयी चुप्पी और दूसरे विषयों पर मुखरता को रेखांकित करते हुये गोवंश की दुर्दशा पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं.



