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शशि मौली पांडे समेत 109 निरीक्षक बने डिप्टी एसपी

शशि मौली पांडे समेत 109 निरीक्षक बने डिप्टी एसपी
Mar 31, 2026, 02:17 PM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: उत्तर-प्रदेश की योगी सरकार ने पुलिस अधिकारियों को प्रमोट किया गया है. पुलिस विभाग में 109 पुलिस अधिकारियों का प्रमोशन किया गया है. प्रदेश पुलिस में 119 निरीक्षकों को डिप्टी एसपी पद पर पदोन्नत किया गया है. इसमें नागरिक पुलिस सहित अन्य शाखाओं के अधिकारी शामिल हैं. चार अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही पदोन्नति मिली. विभागीय प्रोन्नति समिति की संस्तुति और शासन की मंजूरी के बाद आदेश जारी किया गया.


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सूची में इन लोगों के नाम शामिल


बताया जा रहा है कि, बीते दिनों डीपीसी हुई थी, जिसके बाद प्रमोशन का आदेश जारी हुआ है. वहीं, जिन पुलिस अधिकारियों का प्रमोशन हुआ है, उनकी सैलरी बढ़ने के साथ ही जिम्मेदारी भी बढ़ गई है. इसमें कुछ पुलिस अधिकारी प्रमोशन मिलने के साथ ही रिटायर भी हो गए हैं. यूपी में आज मार्च 2026 के अंत में 109 निरीक्षकों को डिप्टी एसपी के पद पदोन्नत किया गया. इन निरीक्षकों को पदोन्नत करने के लिए यूपी लोक सेवा आयोग की मोहर लगी है, इसको गृह विभाग ने पदोन्नत का आदेश जारी किया है. जिनमें शैलेन्द्र कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, अख्तयार अहमद, बृजेश सिंह, कृष्ण पाल सिंह, रजना सचान, आलोक कुमार सिंह, शशि मौली पांडे समेत 109 डिप्टी SP शामिल है.


ये पुलिस निरीक्षक बने सीओ


शैलेंद्र कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, अख्तयार अहमद, बृजेश सिंह, कृष्णपाल सिंह, रंजना सचान, आलोक कुमार सिंह, वीर सेन सिंह, मोहम्मद जहीर खान, सुरेंद्र सिंह यादव, अनिल कुमार पांडे, विश्व ज्योति राय, जसपाल सिंह, विश्वजीत सिंह, जावेद इकबाल खान, दुष्यंत सिंह, विजय शंकर यादव, कृष्ण कुमार मिश्रा, सुधाकर उपाध्याय, कुमार धीरेंद्र नारायण, सुभाष चंद्र, परीक्षित कुमार सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, अवनीश कुमार, जितेंद्र कुमार सिंह, कमलेश कानत, मोहम्मद इमरान खान, कृष्ण कुमार यादव, रविंद्र कुमार शर्मा, ज्ञानेश्वर यादव, सुशील कुमार सिंह, सोमेश वर्मा, लक्ष्मण वर्मा, सुनील अहलावत, देशराज सिंह, रंजना गुप्ता, रणवीर सिंह यादव, राजीव रंजन श्रीवास्तव, दधीबल तिवारी, मुकेश कुमार, अरुण कुमार शुक्ला, दुर्गेश कुमार मिश्रा, अजीत कुमार सिंह, अनिल मणि, नीलम विष्ट, नीलम तिवारी, उदयवीर सिंह, अजय पाल सिंह, विजय कुमार पांडे, विनोद कुमार पायल, सुशील कुमार उपाध्याय, सुनील कुमार सिंह, सुगंधा उपाध्याय, लाल बहादुर यादव, विजय कुमार सिंह गौर, देवेंद्र नाथ उपाध्याय, आशेष नाथ सिंह, नरेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार शर्मा, रामकिशन, मुकेश कुमार त्यागी, संजीव सिंह, रामनिवास यादव, नरेंद्र सिंह यादव, प्रदीप कुमार, एहतराम हुसैन, अशोक कुमार सिंह, अरविंद कुमार पांडे, अजय कुमार यादव, जयकरण सिंह, सुशील कुमार शर्मा, राधा रमन सिंह, सोम प्रकाश वर्मा, संजय कुमार त्यागी, मुकेश कुमार, रूपेश कुमार सिंह, सरोज शर्मा, अनिल कुमार सिंह, भूपेंद्र सिन्हा, देवी चरण, सुधीर कुमार सिंह, शशि मौली पांडे, यशपाल सिंह, शिवमुनि सिंह यादव, विनय कुमार, श्याम चंद्र त्रिपाठी, संजय कुमार गुप्ता, आभा शर्मा, अशोक कुमार यादव, नमिता सिंह, मंजू पांडे, सुनीता सिंह चौहान, अंजू सिंह, गंगाराम चौधरी, सदानंद सिंह, जसवीर सिंह सिरोही, धीरेंद्र सिंह, प्रेम प्रकाश सिंह, अमरनाथ वर्मा, प्रतिभा सिंह,, निसार हुसैन, रणविजय कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, अनिल कुमार शाही, अनूप कुमार, राम औतार, शिव कुमार चौहान, देव प्रकाश, राजेश कुमार वर्मा


शशि मौली पांडे बने डिप्टी एसपी


आपको बता दें कि, शशि मौली पांडे आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर प्रभारी निरीक्षक के रूप में कार्यरत थे, जिन्हें अब शासन की मंजूरी के बाद से डिप्टी एसपी के पद पर पदोन्नत किया गया है.


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जानें शशि मौली पांडे की उपलब्धियां


गौरतलब है कि शशि मौली पांडे उत्तर प्रदेश पुलिस में एक पुलिस अधिकारी (कोतवाल) हैं, जो मुख्य रूप से आज़मगढ़ क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं. उनकी प्रमुख उपलब्धियों में ई-रिक्शा चोर गिरोह का भंडाफोड़, गोवध करने वाले बदमाशों के साथ मुठभेड़ (मार्च 2026), और त्योहारों/रमजान के दौरान बैंकों और बाज़ारों में सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है.


गृह विभाग ने जारी किया पदोन्नति का आदेश


वहीं 14 प्रतिसार निरीक्षक, कंपनी कमांडर और यातायात निरीक्षक प्रोन्नत किए गए हैं. इनमें से कृष्ण कुमार मिश्रा, विनोद कुमार पायल, देवी चरन और सुशील कुमार को 31 मार्च को उनकी सेवानिवृत्ति के दिन पदोन्नति मिली है. इन निरीक्षकों को पदोन्नत करने के लिए उप्र लोक सेवा आयोग के साथ बीती 24 मार्च को विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक में मुहर लगी थी. शासन की मंजूरी के बाद गृह विभाग ने पदोन्नति का आदेश जारी कर दिया है.

बीएचयू को मिला पर्यावरणीय सिमुलेशन उपकरण का भारतीय पेटेंट...
बीएचयू को मिला पर्यावरणीय सिमुलेशन उपकरण का भारतीय पेटेंट...
वाराणसी: 25 जून 2026 काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) को एक अभिनव और कम लागत वाले पर्यावरणीय सिमुलेशन उपकरण के लिए भारतीय पेटेंट प्राप्त हुआ है. यह उपकरण छोटे प्रयोगात्मक पशुओं पर विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों के प्रभाव का अध्ययन करने में सक्षम है. इस आविष्कार का शीर्षक "A Low-Cost and Portable, Small Animals' Device for Simulation of Differing Environmental Conditions" है.यह उपकरण बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग में डॉ. अनिल कुमार यादव द्वारा, डॉ. कुमार सर्वोत्तम के मार्गदर्शन में उनके पीएचडी शोध कार्य के दौरान विकसित किया गया है.यह स्वदेशी उपकरण छोटे प्रयोगात्मक पशुओं के लिए कृत्रिम रूप से विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियां तैयार कर सकता है. इसके माध्यम से ऑक्सीजन की मात्रा, वायुदाब, तापमान, आर्द्रता, वायु गुणवत्ता और प्रकाश जैसी परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सकता है. इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों का जीवों के शरीर और व्यवहार पर क्या प्रभाव पड़ता है.विशेषज्ञों के अनुसार, अब तक उपलब्ध अधिकांश उपकरण अत्यधिक महंगे थे और एक समय में केवल एक या दो पर्यावरणीय कारकों का ही अध्ययन कर सकते थे.जबकि बीएचयू द्वारा विकसित यह उपकरण कम लागत में एक साथ कई पर्यावरणीय परिस्थितियों का अध्ययन करने की सुविधा प्रदान करता है.ALSO READ:क्यूआर कोड व्यवस्था पुनः लागू करने की मांग, पुलिस आयुक्त को सौंपा ज्ञापन...इस तकनीक से सीमित संसाधनों वाले शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों को भी आधुनिक शोध सुविधाएं सुलभ हो सकेंगी. इसका उपयोग उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन की स्थिति, वायु प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, श्वसन संबंधी रोगों, अंतरिक्ष एवं विमानन चिकित्सा तथा अन्य जैव-चिकित्सकीय अनुसंधानों में किया जा सकेगा.वैज्ञानिकों का मानना है कि यह उपकरण भविष्य में नई दवाओं के परीक्षण और मानव स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न शोध कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.इस आविष्कार के लिए बीएचयू को भारतीय पेटेंट प्रदान किया गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे स्वदेशी अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है. यह सफलता न केवल बीएचयू बल्कि देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए भी गौरव का विषय मानी जा रही है.
क्यूआर कोड व्यवस्था पुनः लागू करने की मांग, पुलिस आयुक्त को सौंपा ज्ञापन...
क्यूआर कोड व्यवस्था पुनः लागू करने की मांग, पुलिस आयुक्त को सौंपा ज्ञापन...
वाराणसी : उत्तर प्रदेश ऑटो रिक्शा/थ्री व्हीलर चालक यूनियन, वाराणसी के जिला अध्यक्ष ईश्वर सिंह ने पुलिस आयुक्त वाराणसी को ज्ञापन देकर शहर में पूर्व में लागू क्यूआर कोड व्यवस्था को पुनः प्रभावी ढंग से लागू करने तथा कथित अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है.ज्ञापन में कहा गया है कि कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा पूर्व में लागू की गई क्यूआर कोड व्यवस्था के कारण शहर की यातायात व्यवस्था काफी हद तक व्यवस्थित हो गई थी तथा जाम की समस्या में भी उल्लेखनीय कमी आई थी. इससे आम नागरिकों, वाहन चालकों तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को भी राहत मिली थी.यूनियन का आरोप है कि वर्तमान समय में क्यूआर कोड व्यवस्था पूरी तरह प्रभावहीन हो चुकी है और विभिन्न क्षेत्रों में बिना परमिट एवं नियम विरुद्ध वाहन खुलेआम संचालित हो रहे हैं. साथ ही कुछ एजेंटों द्वारा ऐसे वाहनों से प्रति वाहन लगभग दो हजार रुपये प्रतिमाह की कथित अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं.ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब भी किसी क्षेत्र में जांच अथवा चेकिंग अभियान चलाया जाता है, उसकी सूचना पहले ही कुछ लोगों तक पहुंच जाती है.इसके लिए कथित रूप से व्हाट्सएप ग्रुप संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से बिना परमिट अथवा नियम विरुद्ध संचालित वाहनों को पहले ही सतर्क कर दिया जाता है.इससे कार्रवाई का उद्देश्य प्रभावित होता है और वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती.ईश्वर सिंह ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने पर अवैध वसूली तथा नियम विरुद्ध वाहन संचालन से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है.ALSO READ : वाराणसी में ऑनलाइन बेटिंग और जुआ कारोबार के दो आरोपी गिरफ्तार...ज्ञापन में पुलिस आयुक्त से मांग की गई है कि क्यूआर कोड व्यवस्था को पुनः लागू किया जाए, बिना परमिट संचालित वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए, कथित अवैध वसूली करने वालों एवं उनके संरक्षकों की जांच कर कार्रवाई की जाए, सूचना लीक करने वाले व्हाट्सएप ग्रुपों की जांच कराई जाए तथा बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण एवं चेकिंग अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराया जाए.
वाराणसी में ऑनलाइन बेटिंग और जुआ कारोबार के दो आरोपी गिरफ्तार...
वाराणसी में ऑनलाइन बेटिंग और जुआ कारोबार के दो आरोपी गिरफ्तार...
वाराणसी : साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन माध्यम से जुआ और सट्टे का कारोबार संचालित करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब पांच लाख रुपये की धनराशि दो बैंक खातों में सीज कराई है. सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) विदुष सक्सेना ने बताया कि साइबर क्राइम थाना की टीम को ऑनलाइन बेटिंग और जुआ संचालन की सूचना मिली थी. जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया.गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान दीपक सिंह, निवासी थाना गोविंद नगर, कानपुर तथा नवनीत सिंह, निवासी कानपुर के रूप में हुई है. तलाशी के दौरान उनके कब्जे से नौ मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग कथित रूप से ऑनलाइन सट्टा और जुआ संचालन में किया जा रहा था. पुलिस के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों में मौजूद करीब पांच लाख रुपये की संदिग्ध धनराशि को सीज कराया गया है. बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्डों की जांच कर ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.ALSO READ : बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर में अब मिलेगी मुफ्त वाई-फाई सेवा, जान लें तरीका...गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक विजय नारायण मिश्र, निरीक्षक उदयवीर सिंह, उपनिरीक्षक विवेक सिंह, उपनिरीक्षक आलोक कुमार यादव, कांस्टेबल चंद्रशेखर यादव, कांस्टेबल देवेंद्र यादव, अवनीश सिंह तथा कांस्टेबल अनिल मौर्य शामिल रहे. पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के अवैध कारोबार में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी. पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे विभिन्न बेटिंग वेबसाइटों के लिए ग्राहकों को आइडी उपलब्ध कराते थे तथा जमा-निकासी (पे-इन और पे-आउट) की प्रक्रिया संचालित करते थे. इसके लिए फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों का उपयोग किया जाता था. पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है.