कफ सिरप तस्करी में शुभम जायसवाल का मौसेरा भाई गिरफ्तार, बैंक स्लिप से खुला राज

वाराणसी : कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क काे पुलिस ने उजागर किया है. कमिश्नरेट वाराणसी की कोतवाली पुलिस ने इस मामले में 75 हजार के इनामी मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के मौसेरे भाई आदित्य जायसवाल को गिरफ्तार किया है. आरोपी की गिरफ्तारी का आधार एक बैंक डिपॉजिट स्लिप बनी, जिस पर नाम और मोबाइल नंबर दर्ज था. गिरफ्तार आरोपी आदित्य जायसवाल चौक थाना क्षेत्र के जालपा देवी इलाके का निवासी है और उसकी सप्तसागर दवा मंडी में ‘श्री स्वास्तिक फार्मा’ के नाम से फर्म है, जहां से वह फर्जी दस्तावेजों के जरिए कफ सिरप की सप्लाई के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था.

पुलिस जांच में सामने आया है कि आदित्य ने पीलीकोठी स्थित इंडियन बैंक की शाखा में करीब एक करोड़ रुपये नकद जमा कराए. बैंक शाखा प्रबंधक ने भी इस संदिग्ध लेन-देन की पुष्टि की है. डिपॉजिट स्लिप पर लिखे विवरण के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया.
फर्जी टैक्स इनवॉइस और ई-वे बिल का खेल
डीसीपी क्राइम सरवणन टी ने बताया कि आरोपी आदित्य आर्थिक लाभ के उद्देश्य से फर्जी टैक्स इनवॉइस और ई-वे बिल बनाकर शिव इंटरप्राइजेज को देता था. कागजों में फेसोडिल कफ सिरप की वैध सप्लाई दिखाकर वास्तविकता में उसकी अवैध बिक्री की जाती थी; पूछताछ में आदित्य ने स्वीकार किया कि शुभम जायसवाल उसकी मौसी का बेटा है, जबकि शुभम के पिता भोला प्रसाद उसके मौसा हैं. भोला प्रसाद ने झारखंड के रांची में ‘शैली ट्रेडर्स’ के नाम से कंपनी खोल रखी थी, जिसकी देखरेख शुभम करता था. करीब दो साल पहले शुभम ने आपराधिक साजिश के तहत फर्जी फर्म और दस्तावेजों का सहारा लेकर कफ सिरप की काला बाजारी शुरू की;
आदित्य ने पुलिस को बताया कि उसे पहले से पता था कि कोडीन युक्त कफ सिरप प्रतिबंधित है और उसकी काला बाजारी हो रही है, लेकिन शुभम द्वारा टैक्स और कागजी कार्रवाई का भरोसा दिलाने पर वह इस गिरोह में शामिल हो गया.
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आरोपी ने कोर्ट में किया सरेंडर
वहीं कफ सिरप मामले में एक आरोपी में कोर्ट में समर्पण कर दिया. कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में सरेंडर करने वाले आरोपी राहुल यादव की भूमिका भी उजागर की है. राहुल ने शुभम जायसवाल के संपर्क में आकर विभिन्न बैंकों में करीब साढ़े सात करोड़ रुपये नकद जमा किए हैं. पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की तैयारी में है. बता दें, राहुल ने सोमवार को पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. जहाँ उसने गैंग से जुड़ने की बात तो स्वीकार की लेकिन अपनी संलिप्तता से इंकार किया.



