कफ सिरप तस्करी मामले में शुभम के करीबी पर शिकंजा, छापेमारी में नहीं लगा हाथ

वाराणसी : कफ सीरप तस्करी के मामले पुलिस ने मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के करीबी प्रशांत उपाध्याय पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. कमिश्नरेट पुलिस ने गुरुवार को प्रशांतके आवास पर छापेमारी की. दवा कारोबारी प्रशांत के बारे में कहा जाता है कि शुभम जायसवाल ने उसके यहां काम करने के दौरान ही कफ सीरप तस्करी का ककहरा सीखा है. शुभम फिलहाल गिरफ्तारी से बचने के लिए फिलहाल दुबई में ठिकाना बना रखा है. वाराणसी की कमिश्नरेट पुलिस कफ सीरप प्रकरण में अभी तक आठ गिरफ्तारियां कर चुकी है.

गुरुवार की शाम मंडुआडीह थाना क्षेत्र के मड़ौली स्थित प्रशांत उपाध्याय के घर कोतवाली, रामनगर, आदमपुर समेत कई थानों की फोर्स ने छापेमारी की. पुलिस देर तक प्रशांत के घर में जांच पड़ताल करने के बाद निकल गई. पुलिस प्रशांत के यहां क्या तलाशने गई थी, इस बारे में सटीक जानकारी नहीं हो पाई. पुलिस सूत्रों ने जरूर जांच से जुड़े कुछ दस्तावेज छापेमारी में मिलने की बात बताई है. कोतवाली में दर्ज केस में 38 कारोबारियों को पुलिस ने आरोपित बनाया है. जिनके कागजातों की जांच चल रही है. कुछ व्यापारियों की जांच में तथ्य सामने आने पर पुलिस उन्हें जेल भी भेज चुकी है.
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कमिश्नरेट के रोहनिया, रामनगर व सारनाथ थाना में कफ सीरप मामले में अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपित अब अपनी जमानत के लिए जेार लगा रहे हैं. पुलिस के लिए चुनौती साक्ष्य के आधार पर आरोपिताें को बाहर नहीं आने देने की है. शुभम के पिता भोला जायसवाल को सोनभद्र पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार किया था. इसी तरह अमित सिंह टाटा समेत अन्य पर पुलिस का शिकंजा कसा हुआ है.


