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कफ सिरप तस्‍करी मामले में शुभम के करीबी पर शिकंजा, छापेमारी में नहीं लगा हाथ

कफ सिरप तस्‍करी मामले में शुभम के करीबी पर शिकंजा, छापेमारी में नहीं लगा हाथ
Jan 09, 2026, 07:00 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : कफ सीरप तस्करी के मामले पुलिस ने मुख्‍य आरोपी शुभम जायसवाल के करीबी प्रशांत उपाध्‍याय पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. कमिश्नरेट पुलिस ने गुरुवार को प्रशांतके आवास पर छापेमारी की. दवा कारोबारी प्रशांत के बारे में कहा जाता है कि शुभम जायसवाल ने उसके यहां काम करने के दौरान ही कफ सीरप तस्करी का ककहरा सीखा है. शुभम फिलहाल गिरफ्तारी से बचने के लिए फिलहाल दुबई में ठिकाना बना रखा है. वाराणसी की कमिश्नरेट पुलिस कफ सीरप प्रकरण में अभी तक आठ गिरफ्तारियां कर चुकी है.


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गुरुवार की शाम मंडुआडीह थाना क्षेत्र के मड़ौली स्थित प्रशांत उपाध्याय के घर कोतवाली, रामनगर, आदमपुर समेत कई थानों की फोर्स ने छापेमारी की. पुलिस देर तक प्रशांत के घर में जांच पड़ताल करने के बाद निकल गई. पुलिस प्रशांत के यहां क्या तलाशने गई थी, इस बारे में सटीक जानकारी नहीं हो पाई. पुलिस सूत्रों ने जरूर जांच से जुड़े कुछ दस्तावेज छापेमारी में मिलने की बात बताई है. कोतवाली में दर्ज केस में 38 कारोबारियों को पुलिस ने आरोपित बनाया है. जिनके कागजातों की जांच चल रही है. कुछ व्यापारियों की जांच में तथ्य सामने आने पर पुलिस उन्हें जेल भी भेज चुकी है.


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कमिश्नरेट के रोहनिया, रामनगर व सारनाथ थाना में कफ सीरप मामले में अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपित अब अपनी जमानत के लिए जेार लगा रहे हैं. पुलिस के लिए चुनौती साक्ष्य के आधार पर आरोपिताें को बाहर नहीं आने देने की है. शुभम के पिता भोला जायसवाल को सोनभद्र पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार किया था. इसी तरह अमित सिंह टाटा समेत अन्‍य पर पुलिस का शिकंजा कसा हुआ है.

ईरान को बर्बाद करने में जुटा अमेरिका, आज रात मिसाइल लॉन्चर-फैक्ट्रियां होंगी तबाह
ईरान को बर्बाद करने में जुटा अमेरिका, आज रात मिसाइल लॉन्चर-फैक्ट्रियां होंगी तबाह
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहा जंग का आज आठवां दिन है. ये लड़ाई किसी भी हाल में रूकने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने आज शनिवार को फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा है कि आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा. इसी के आगे उन्होंने ये भी कहा कि, इस हमले का मकसद ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को भारी नुकसान पहुंचाना है. इस कार्रवाई से ईरान की मिसाइल क्षमता को काफी हद तक कमजोर किया जाएगा. इससे भी खास बात तो यह है कि, भारत का हमसफर कहलाने वाला रूस इस जंग के बीच ईरान को खुफिया मदद देने में लगा हुआ है, वो भी बंद दरवाजे के पीछे से ये सहायता दी जा रही है.इजराइल ने किया मेहराबाद एयरपोर्ट पर हवाई हमला दरअसल, बीते शुक्रवार की देर रात को इजराइल ने तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर हवाई हमला किया था, जिसके चलते भयंकर आग और धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया. वहीं, इस जंग में अमेरिका और इजराइल को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए रूस द्वारा ईरान की मदद की जा रही है. इसी सिलसिले में मॉस्को ने ईरान को मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी मुहैया कराई है.रूस की राजधानी मॉस्कों ने ईरान को मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी मुहैया कराई है. वॉशिंगटन पोस्ट ने तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि, रूस इस जंग से निपटने के लिए ईरान को ऐसी टारगेटिंग इंटेलिजेंस दे रहा है, जिससे वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को आसानी से निशाना बना सके.यह भी पढ़ें: नेपाल के चुनावी नतीजों ने केपी ओली की बढ़ाई बीपी, बालेन शाह ने मारी बाजीभारत ने की ईरान की मदद ईरान का एक युद्धपोत जिसका नाम IRIS है, लावन भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है. इन्हीं सब दिक्कतों की वजह से ईरान ने 28 फरवरी को तकनीकी खराबी आने के बाद भारत से मदद मांगी थी. जिसे स्वीकार करते हुए भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी और इसके बाद 4 मार्च को यह बंदरगाह पर ईरान की मदद के लिए जा पहुंचा. जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं. IRIS नाम का लावन युद्धपोत हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था, जो 15 से 25 फरवरी के बीच आयोजित हुए थे. इससे पहले अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS लावन देना को श्रीलंका के पास हमला कर उसे डुबों दिया था. इस हमले में लगभग 87 ईरानी नौसैनिकों की जान चली गई है.इजराइल को हथियार दें रहा अमेरिका बताया रहा है कि, इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग में इजराइल को लगभग 151.8 मिलियन डॉलर के हथियार अमेरिका देने को तैयार है, क्योंकि अमेरिका ईरान को बर्बाद करने के लिए इजराइल का साथ देने में जरा भी चूकना नहीं चाहता है. इतना ही नहीं इसी बर्बादी के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मुजतबा को उनका उत्तराधिकारी मानने से इनकार तक कर दिया था. ये वहीं अमेरिका है जिसकी वजह से US-इजराइल हमलों में ईरान में 1332 लोगों की मौत हो चुकी है. साथ ही ईरान में 1300 हमले, 14 मेडिकल सेंटरों को निशाना बनाया गया है. ईरान के हालात इतने बद से बत्तर हो चुके है कि कई जगहों पर पानी-बिजली की सप्लाई तक ठप हो चुकी है. ऐसे में दावा किया जा रहा है कि, ईरान के 300 मिसाइल लॉन्चर भी तबाह हुए है. जिससे ईरान को भारी-भरकम नुकसान उठाना पड़ा है, इस नुकसान को लेकर ईरान का कहना है कि, कुवैत-बहरीन और UAE में 20 अमेरिकी बेस को नुकसान पहुंचा है.ईरान को बर्बाद करने में लगे ट्रम्पअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान की तबाही के लिए जमीनी स्तर पर अपने अमेरिकी सैनिकों को भेजने की फिराक में हैं. यह जानकारी कई सूत्रों के हवाले से दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के सहयोगियों और रिपब्लिकन नेताओं के साथ हुई बातचीत में युद्ध के बाद ईरान के भविष्य को लेकर अपनी योजनाओं की पोल खोली, जहां इन योजनाओं में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तेल के क्षेत्र में सहयोग की संभावना की बात कही है. लेकिन सूत्रों के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रम्प बड़े पैमाने पर जमीनी हमला करने की योजना पर चर्चा करने के बजाय वह सीमित संख्या में अपने अमेरिकी सैनिकों को विशेष रणनीतिक मिशनों के लिए भेजने का विचार कर रहे हैं. हालांकि, अभी तक इस मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप ने किसी भी तरह का कोई भी आधिकारिक निर्णय नहीं किया है.
नेपाल के चुनावी नतीजों ने केपी ओली की बढ़ाई बीपी,  बालेन शाह ने मारी बाजी
नेपाल के चुनावी नतीजों ने केपी ओली की बढ़ाई बीपी, बालेन शाह ने मारी बाजी
नेपाल में बीते गुरुवार को हुए राष्ट्रीय चुनाव के बाद से वोटों की गिनती आज सुबह से शुरू हो चुकी है. पिछले साल हुए Gen-Z हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद से यह देश में पहला आम चुनाव हुआ है. जो 77 सतहत्तर जिलों में 23 हजार केंद्रों पर मतदान हुआ, इसके आने वाले नतीजों पर हर किसी की निगाहें टिकी हुई है. ये वहीं विरोध प्रदर्शन है जिसके चलते पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गठबंधन सरकार गिर गई थी. बता दें, नेपाल में हुए आम चुनावों में लगभग 60 प्रतिशत वोटिंग हुई है. चुनाव में पूर्व पीएम केपी शर्मी ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल यानि (यूनिफाइड मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) सीपीएन (यूएमएल), शेर बहादुर देउबा की नेपाली कांग्रेस और पुष्प दहल प्रजंड की CPN (माओइस्ट सेंटर) के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला है. जहां बालेन शाह की पार्टी आरएसपी ने 69 उनहत्तर सीटों से ज्यादा की बढ़त बनाती नजर आ रही है. वहीं केपी शर्मा ओली की पार्टी सीपीएन यूएमएल केवल 5 सीटों पर आगे चल रही है.बालेन शाह की सुनामी के आगे बिखरे ओलीवहीं, नेपाली कांग्रेस भी 5 सीटों पर ही अपनी बढ़त बनाए हुए है. तो वहीं, नेपाली कम्‍युनिस्‍ट पार्टी 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. केपी ओली खुद भी बालेन शाह की सुनामी के आगे पिछड़ते ही जा रहे हैं. काठमांडू के मेयर रह चुके पूर्व रैपर बालेंद्र शाह यानि (बालेन) करीब 6100 (इकसठ) सौ वोटों से ओली से आगे चल रहे हैं. बालेन की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी भी इस चुनावी मैदान में हुंकार भरती नजर आई हैं. युवाओं में बेहद लोकप्रिय बालेन नेपाल के पुराने दिग्गजों को कड़ी चुनौती दे रहे हैं.49 (उनचास) साल के गगन थापा भी प्रधानमंत्री बनने की रेस में हैं. वह नेपाली कांग्रेस में टूट के बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी के नए प्रमुख हैं. आपको बता दें, बलेंद्र शाह यानि (बालेन शाह) नेपाल के एक प्रमुख युवा राजनेता, स्ट्रक्चरल इंजीनियर और पूर्व रैपर हैं, जिन्होंने मई 2022 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के 15वें मेयर के रूप में चुनाव जीतकर इतिहास रचा था. लेकिन इस साल जनवरी 2026 में मेयर पद से इस्तीफा देने के बाद से वह अब 2026 के आम चुनावों के लिए राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानि(RSP) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में चर्चा में हैं.यह भी पढ़े: इंग्लैंड के वेलिंगबोरो के मेयर की महापौर से शिष्टाचार भेंट, शहरी विकास पर हुई चर्चागजब की बात तो यह है कि, नेपाल में राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी बंपर जीत की ओर बढ़ रही है. Gen-Z के फेवरेट बालेंद्र शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री ओली को काफी पीछे छोड़ दिया है. कोसी, मदेश, बागमती, लुंबीनी लगभग सभी प्रांतों में राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी बढ़त बनाए हुए है. बता दें. मतगणना शुरू होने के 24 घंटे के भीतर सीधे 165 सीटों (एफपीटीपी) के परिणाम जारी करने का दावा किया है. नेपाल के आम चुनाव के शुरुआती रुझान सियासी समीकरण बदलने के संकेत दे रहे हैं। शुरुआती आंकड़ों में बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी पारंपरिक दलों को कड़ी चुनौती देती दिख रही है। करीब 60 फीसदी मतदान के बीच केपी शर्मा ओली और गगन थापा जैसे बड़े नेता भी चुनावी मैदान में हैं। इस चुनाव में भ्रष्टाचार और सिस्टम में बदलाव सबसे बड़े मुद्दों के तौर पर उभरकर सामने आए हैं
इंग्लैंड के वेलिंगबोरो के मेयर की महापौर से शिष्टाचार भेंट, शहरी विकास पर हुई चर्चा
इंग्लैंड के वेलिंगबोरो के मेयर की महापौर से शिष्टाचार भेंट, शहरी विकास पर हुई चर्चा
वाराणसी: इंग्लैंड केवेलिंगबोरो नगर के मेयर राज मिश्रा ने आज वाराणसी प्रवास के दौरान वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी से उनके कक्ष में शिष्टाचार भेंट की. इस अवसर पर महापौर द्वारा उन्हें अंगवस्त्रम एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया. इस दौरान नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल सहित नगर निगम के पार्षदगण भी उपस्थित रहे। मुलाकात के दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों के मध्य शहरी विकास, जनसुविधाओं के विस्तार तथा विभिन्न जनकल्याणकारी विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई.उल्लेखनीय है कि राज मिश्रा वर्तमान में इंग्लैंड के वेलिंगबोरो टाउन काउंसिल के मेयर हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद के निवासी हैं तथा 13 मई 2025 को वेलिंगबोरो टाउन काउंसिल के पाँचवें मेयर के रूप में निर्वाचित हुए. उनका कार्यकाल 13 मई 2025 से 13 मई 2026 तक है. वे यूनाइटेड किंगडम की प्रमुख राजनीतिक पार्टी Conservative Party से जुड़े हुए हैं.किसान परिवार में जन्मे श्री राज मिश्रा ने चंडीगढ़ से बी.टेक तथा लंदन से कंप्यूटर साइंस में एम.टेक की डिग्री प्राप्त की है. इसके अतिरिक्त उन्होंने Massachusetts Institute of Technology से डेटा साइंस में प्रमाणन भी हासिल किया है. राजनीति में आने से पूर्व वे सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों तक कार्यरत रहे तथा यूके के रक्षा मंत्रालय एवं बैंकिंग सेक्टर में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.यह भी पढ़ें: अब चार रंगों के डस्टबिन से होगा कूड़ा निस्तारण, भवन स्वामियों को मिलेंगे चार प्रकार के बिन्सअपने वर्तमान कार्यकाल में उन्होंने स्थानीय चैरिटी Veterans Community Network तथा Louisa Gregory’s Hospice Campaign को सहयोग देने का संकल्प लिया है. इसके अतिरिक्त अक्टूबर 2025 में उन्होंने उत्तर प्रदेश में एआई डेवलपमेंट सॉल्यूशन प्रोजेक्ट के अंतर्गत लगभग 2500 करोड़ रुपये के संभावित निवेश की घोषणा भी की थी. इस अवसर पर उपस्थित पार्षदगण में सुरेश कुमार चौरसिया, सिंधु सोनकर, मदन दूबे, प्रवीण राय, सुरेश पटेल आदि जनप्रतिनिधियों ने दोनों नगरों के मध्य सहयोग एवं संवाद को भविष्य में और सुदृढ़ करने की आशा व्यक्त की. स्वागत जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने किया.