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दूर होगी सिग्‍नल की बाधा, वाराणसी-अयोध्‍या रेलमार्ग के बीच 'नॉन-स्टॉप' दौडेंगी ट्रेनें

दूर होगी सिग्‍नल की बाधा, वाराणसी-अयोध्‍या रेलमार्ग के बीच 'नॉन-स्टॉप' दौडेंगी ट्रेनें
Mar 30, 2026, 09:39 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: प्रयागराज से महादेव की नगरी वाराणसी और प्रभु श्री राम के धाम अयोध्या जाने वाले रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे एक महत्‍वपूर्ण बदलाव करने जा रहा है. अब इन रूटों पर ट्रेनों की रफ्तार केवल इंजन की ताकत पर नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक पर निर्भर करेगी. रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज-वाराणसी और प्रयागराज-अयोध्या रेल मार्गों को पूरी तरह 'आटोमैटिक सिग्नलिंग' (स्वचालित सिग्नल प्रणाली) से लैस करने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है.


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हजारों यात्रियों को मिलेगा नई व्यवस्था का फायदा


इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा उन हजारों यात्रियों को मिलेगा, जो अक्सर जंक्शन के ठीक बाहर सिग्नल मिलने के इंतजार में घंटों फंसे रहते थे. वर्तमान में प्रयागराज जंक्शन के पास का कुछ महत्वपूर्ण हिस्सा अब भी पुराने सिस्टम पर निर्भर है, जिसे पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमैटिक बनाने की तैयारी है. उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे ने इस तकनीकी बाधा को दूर करने के लिए अपना प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है, जिससे आने वाले समय में ट्रेनों की लेटलतीफी बीते दौर की बात हो जाएगी.


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रेलवे की इस योजना के तहत रामबाग से झूंसी और प्रयागराज जंक्शन से प्रयाग के बीच के महत्वपूर्ण खंडों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. यहां या तो 'इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग' लगाई जाएगी या फिर पूरे खंड को ही ऑटोमैटिक सिस्टम में तब्दील कर दिया जाएगा.इस तकनीक के लागू होते ही एक के पीछे दूसरी ट्रेन बहुत कम दूरी पर सुरक्षित रूप से चल सकेंगी. इसका सीधा मतलब यह है कि अब 'लाइन क्लियर' न मिलने के कारण ट्रेनों को आउटर पर खड़ा नहीं होना पड़ेगा और यात्रियों के समय की भारी बचत होगी.


रेल सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम


यह बदलाव केवल रफ्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि रेल सुरक्षा के लिहाज से भी एक बड़ा कदम है. आटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगने से मानवीय चूक की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाएगी, जिससे सफर और भी सुरक्षित होगा.इसके अलावा, ट्रैक की क्षमता बढ़ने से भविष्य में इन व्यस्त रूटों पर और भी नई ट्रेनें चलाई जा सकेंगी, जिससे यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिल सकेंगे. प्रयागराज के मुख्य मार्गों पर यह व्यवस्था पहले से ही सफल रही है और अब इसे विस्तार दिया जा रहा है.


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रेलवे के लिए 'गेम चेंजर बना प्रोजेक्ट


आगामी महाकुंभ जैसे विशाल आयोजनों को देखते हुए यह प्रोजेक्ट रेलवे के लिए 'गेम चेंजर' माना जा रहा है. सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी के अनुसार, यह आधुनिक तकनीक कुंभ के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम और तेज बनाएगी. जब स्टेशनों पर भारी भीड़ होगी, तब यह आटोमैटिक सिस्टम बिना किसी मानवीय देरी के ट्रेनों का त्वरित आगमन और प्रस्थान सुनिश्चित करेगा, जिससे यात्रियों को एक विश्वस्तरीय और निर्बाध सफर का अनुभव मिलेगा.

पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
वाराणसी : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में बुधवार को "स्वच्छता से स्वागत" अभियान के तहत विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विशेष स्वच्छता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य स्टेशन परिसर और रेल पटरियों को प्लास्टिक मुक्त बनाना तथा यात्रियों और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन के निर्देशानुसार एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (ENHM) श्री अनुभव पाठक के नेतृत्व में स्वास्थ्य निरीक्षकों और संविदा कर्मचारियों ने स्टेशनों एवं रेल पटरियों के आसपास गहन सफाई अभियान चलाया। इस दौरान प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।ALSO READ: महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोरअभियान के दौरान रेल कर्मचारियों और यात्रियों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही अपील की गई कि वे प्लास्टिक एवं अन्य कचरा रेल पटरियों या स्टेशन परिसर में न फेंकें तथा निर्धारित कूड़ेदानों का ही उपयोग करें।रेलवे अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और आमजन के सहयोग से स्वच्छता का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया गया। वाराणसी मंडल स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और यात्री हितैषी रेल परिवेश उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने बुधवार को बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, खेल एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विज्ञान प्रयोगशालाओं, कक्षाओं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, शौचालय तथा बास्केटबॉल कोर्ट सहित विद्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न सुविधाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और स्वच्छता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने तथा सभी संसाधनों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।ALSO READ: 30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाइस अवसर पर प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी, उप महाप्रबंधक श्री सागर, उप मुख्य इंजीनियर श्री साकेत, बरेका इंटर कॉलेज के प्राचार्य श्री ए.के. माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रावण महोत्सव-2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक किया जाएगा। महोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। वहीं, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए भी अलग लाइन बनाई गई है।मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण मास में रविवार, सोमवार तथा प्रदोष जैसी विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच इन दिनों गर्भगृह में यजमानों का रुद्राभिषेक पूजन प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, सोमवार को छोड़कर अन्य विशेष तिथियों पर भीड़ की स्थिति का आकलन करने के बाद रुद्राभिषेक की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं को उसी दिन मंदिर कार्यालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी।ALSO READ: वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्काश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिव्यांगजनों हेतु व्हीलचेयर, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 1 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करते हुए दर्शन करें, ताकि श्रावण महोत्सव के दौरान सभी को सुगमता और सुरक्षित वातावरण में भगवान विश्वनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।