साइबर अपराध से बचाव को लेकर सिगरा पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान

वाराणसी: साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए कमिश्नरेट वाराणसी के थाना सिगरा की साइबर सेल टीम ने नगर निगम क्षेत्र में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया. पुलिस टीम ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट, निवेश, लोन, नौकरी, सेक्सटॉर्शन, लॉटरी, फर्जी पेमेंट और ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़े साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय बताए.पुलिस आयुक्त और पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन तथा थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित अभियान में उपनिरीक्षक भरत भट्ट, उपनिरीक्षक काजोल सिंह, कांस्टेबल सुमित साहू और कांस्टेबल अभिषेक शर्मा ने लोगों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दी.

पुलिस ने बताया कि साइबर ठग डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट स्कैम, लोन स्कैम, सेक्सटॉर्शन, नौकरी के नाम पर ठगी, लॉटरी स्कैम, गूगल सर्च स्कैम, फर्जी पेमेंट, टेलीग्राम टास्क और OLX के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं. इसके अलावा क्रेडिट और डेबिट कार्ड से संबंधित धोखाधड़ी से भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई.
तुरंत शिकायत करने की अपील
पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने और cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की. शिकायत के दौरान बैंक खाते से संबंधित UTR नंबर, लेन-देन की तारीख और राशि जैसी जानकारी सुरक्षित रखने की सलाह दी गई. पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों में खातों पर धारा 106 बीएनएसएस के तहत होल्ड लगाया जा सकता है। इसे अस्थायी निवारक कार्रवाई बताया गया.

UPI और कार्ड इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी
पुलिस टीम ने लोगों को बताया कि UPI पिन किसी के साथ साझा न करें. भुगतान प्राप्त करने के लिए UPI पिन की आवश्यकता नहीं होती. किसी को भुगतान करने से पहले प्राप्तकर्ता का नाम और QR कोड जरूर जांच लें, डेबिट या क्रेडिट कार्ड का नंबर, CVV और वैधता संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करने की भी अपील की गई. सार्वजनिक कंप्यूटर या सार्वजनिक Wi-Fi के माध्यम से इंटरनेट बैंकिंग, UPI या अन्य वित्तीय लेन-देन से बचने की सलाह दी गई. संदिग्ध लिंक, URL और अनजान फाइल या ऐप डाउनलोड नहीं करने को भी कहा गया.
व्हाट्सऐप हैक और साइबर बुलिंग से भी किया जागरूक
पुलिस ने व्हाट्सऐप अकाउंट हैक होने के संभावित तरीकों के बारे में भी लोगों को जानकारी दी. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर बदनाम करने, धमकी देने, निजी तस्वीरें या जानकारी सार्वजनिक करने जैसी गतिविधियों को साइबर बुलिंग के रूप में समझाया गया.लोगों से सोशल मीडिया अकाउंट में मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करने, अपनी लोकेशन और निजी जानकारी सार्वजनिक करने से बचने तथा अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले सत्यापन करने की अपील की गई.
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर भी जोर
अभियान के दौरान अभिभावकों को बच्चों को साइबर अपराध से बचाने के लिए ऑनलाइन दुनिया के जोखिमों के बारे में बातचीत करने, गोपनीयता का महत्व समझाने, स्क्रीन टाइम सीमित करने और पैरेंटल कंट्रोल का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई. पुलिस ने कहा कि बच्चों को डराने या उनकी निजता का अनावश्यक उल्लंघन करने के बजाय उनके साथ संवाद बनाए रखना जरूरी है.
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पुलिस ने मजबूत पासवर्ड, द्विस्तरीय प्रमाणीकरण, संदिग्ध ईमेल और लिंक से दूरी तथा अनजान संपर्कों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने की सलाह दी. ऐप केवल विश्वसनीय स्रोतों जैसे Google Play Store या Apple App Store से डाउनलोड करने को कहा गया. पुलिस ने लोगों से अपील की कि इंटरनेट पर कोई भी सामग्री साझा करने से पहले अपनी प्राइवेसी सेटिंग जांचें और दैनिक जीवन से जुड़ी हर जानकारी सार्वजनिक करने से बचें. व्हाट्सऐप से संबंधित समस्या होने पर support@whatsapp.com के माध्यम से सहायता लेने की जानकारी भी दी गई .



