Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

सोनभद्र के सपा विधायक विजय सिंह गोंड का निधन, लंबे समय से थे अस्‍वस्‍थ

सोनभद्र के सपा विधायक विजय सिंह गोंड का निधन, लंबे समय से थे अस्‍वस्‍थ
Jan 08, 2026, 08:32 AM
|
Posted By Gaandiv

सोनभद्र : समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और सोनभद्र के दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से विधायक विजय सिंह गोंड का लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में इलाज के दौरान निधन हो गया. उनके निधन की पुष्टि विधानसभा अध्यक्ष अवधनारायण यादव ने की. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और दोनों किडनी खराब होने के कारण एसजीपीजीआई में भर्ती थे. विजय सिंह गोंड के निधन की खबर मिलते ही पूरे सोनभद्र जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई. प्रदेश की 403वीं विधानसभा सीट दुद्धी से जुड़े आदिवासी राजनीति के ‘पितामह’ माने जाने वाले गोंड के जाने से राजनीतिक, सामाजिक और विशेष रूप से आदिवासी समाज को गहरा आघात लगा है.


विजय सिंह गोंड आदिवासी समाज की आवाज को मजबूती से उठाने वाले अग्रणी नेताओं में शामिल रहे. दुद्धी और ओबरा विधानसभा क्षेत्रों को अनुसूचित जनजाति सीट घोषित कराने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष किया. बेहद साधारण पृष्ठभूमि से राजनीति में कदम रखने वाले गोंड वनवासी सेवा आश्रम में मात्र 200 रुपये मासिक मानदेय पर कार्यरत थे, जब उन्होंने वर्ष 1979 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई.


ALSO READ : वाराणसी की लेडी ठग हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार, चौक पुलिस की कार्रवाई


इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. पनिका समाज को पराजित कर उन्होंने आदिवासी राजनीति में एक नया अध्याय लिखा. विभिन्न राजनीतिक दलों से होते हुए वे कुल आठ बार विधानसभा के सदस्य रहे और प्रदेश की राजनीति में आदिवासी हितों को नई पहचान दिलाई. सदन के भीतर और बाहर विजय सिंह गोंड ने आदिवासी समाज के अधिकारों, जल-जंगल-जमीन के मुद्दों और सामाजिक न्याय की लड़ाई को लगातार मजबूती से उठाया. उन्हें आदिवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ने वाले नेताओं में अग्रणी माना जाता है. उनके निधन से राजनीतिक जगत, सामाजिक संगठनों और आदिवासी समुदाय में शोक का माहौल है. नेता, कार्यकर्ता और समर्थक उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं.

वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी : काशी विद्यापीठ ब्लॉक के मंगलपुर गांव में लोग तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेटस गिरने से परेशान हैं. एक महीने में गांव के 4 लोगों की मौत होने के बाद ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी का भय सता रहा है. सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची. लोगों की जांच हुई तो 10 लोगों में बुखार जैसे लक्षण मिले हैं. जिन लोगों की मौत हुई है, उसके पीछे परिजन डेंगू से मौत की बात कह रहे हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इन्कार किया है.जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार, टीम भेजकर जांच करने के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है. मंगलपुर गांव में अधिकांश लोगों को बुखार है. प्लेटलेटस भी कम होता जा रहा है. जमालूद्दीन (35), गुलाम रब्बानी (66), आयशा बेगम (52) और मद्दर बेगम (48) की मौत हुई है. परिजनों ने मौत की वजह डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियां बताई है. उनका कहना है कि जोड़ों में तेज दर्द, बुखार के साथ ही कई दिनों से प्लेटलेटस भी कम हो रहा था. नुरैन, तौफीक, सलाउद्दीन , जरदार, रामसुंदर पटेल बीमार हैं.परिजनों ने एएनएम को नहीं दी कोई जांच रिपोर्टजिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय का कहना है कि मंगलपुर गांव में कुछ लोगों के एक महीने के भीतर 4 मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच कराई. 10 लोगों में बुखार और मौसमी बीमारी के लक्षण मिले हैं. जरूरी दवाइयां देने के साथ ही उन्हें जागरूक किया जा रहा है. जिन लोगों के मौत की सूचना मिली, उनके घर आशा, एएनएम को भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी गई तो परिजनों ने रिपोर्ट देने से मना कर दिया. डेंगू से मौत हुई है तो परिजन रिपोर्ट क्यों नहीं दे रहे हैं. यह समझ नहीं आ रहा है. एक बार फिर विभागीय टीम गांव में जाएगी.ALSO READ : वाराणसी में पीएम के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, देखें पूरी लिस्टमंगलपुर गांव में टीम भेजकर जांच करवाई गई. परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई रिपोर्ट नहीं दी है, जिससे लोगों के बीमार होने और मौत की वजह की सही जानकारी मिल सके. दो दिन का विशेष अभियान चलाकर लोगों के सेहत की जांच कराई जाएगी।.- डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ
वाराणसी में पीएम के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, देखें पूरी लिस्ट
वाराणसी में पीएम के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, देखें पूरी लिस्ट
वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के 25 अक्टूबर को वाराणसी आगमन, भ्रमण एवं प्रस्थान के दृष्टिगत यातायात पुलिस कमिश्नरेट द्वारा ट्रैफिक डायवर्जन एवं रोक संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है. अपर पुलिस उपायुक्त यातायात के अनुसार...प्रमुख प्रतिबंध और डायवर्जन -1. बसों का प्रवेश प्रतिबंधित:- हरहुआ ओवरब्रिज - बाबतपुर की तरफ से आने वाली समस्त रोडवेज व प्राइवेट बसों को VVIP आगमन से 3 घंटे पूर्व से कार्यक्रम समाप्ति तक ओवरब्रिज पर नहीं जाने दिया जायेगा, हरहुआ रिंग रोड चौराहा की तरफ डायवर्ट किया जायेगा.- जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ से आने वाली बसें - रिंग रोड हरहुआ, बावनबीघा, संदहा अण्डरपास से वापस कर दी जायेंगी.- चंदौली, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर से आने वाली बसें - शहर में प्रवेश प्रतिबंधित, टिकाना ढाबा, मोहनसराय से वापस.- भदोही से आने वाली बसों को परमपुर/सजोई अण्डरपास से वापस किया जायेगा.2. शहर के अंदर वन-वे/नो-एंट्री (VVIP आगमन से 1 घंटा पूर्व से)- गिलट बाजार तिराहा से पुलिस लाइन चौराहा की तरफ नो-एंट्री, शिवपुर चुंगी की तरफ डायवर्जन.- सेन्ट्रल जेल तिराहा से जेपी मेहता तिराहा की तरफ नो-एंट्री.- संदहा अण्डरपास से पुलिस लाइन की तरफ बंद, रिंग रोड पर डायवर्जन.- काली माता चौराहा से पुलिस लाइन, पाण्डेयपुर चौराहा से पुलिस लाइन की तरफ बंद.- पाण्डेयपुर, पचकोसी, कज्जाकपुरा ओवरब्रिज, गोलगड्डा, लहरतारा, आंगनबाड़ी, अमर उजाला, तिराहा तैलियाबाग, लकड़ीमंडी, गोलगड्डा तिराहा, नमोघाट, लाट भैरव पुलिस चौकी, भदऊ चुंगी, विश्वेश्वरगंज तिराहा से नमोघाट/गोलगड्डा की तरफ सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश बंद.3. ऑटो और ई-रिक्शा पर रोक (सुबह 8 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक)- अम्बेडकर चौराहा, जेपी मेहता तिराहा, सर्किट हाउस, भोजूबीर, यूपी कालेज, गिलट बाजार तक ऑटो/ई-रिक्शा बंद.- पुलिस लाइन से पाण्डेयपुर से चौकाघाट चौराहा से गोलगड्डा, राजघाट तक ऑटो/ई-रिक्शा प्रतिबंधित.- सूजाबाद (पड़ाव) से चौकाघाट की तरफ ऑटो/ई-रिक्शा व दो-पहिया वाहन बंद, वैकल्पिक मार्ग - संदहा रिंग रोड, बलुआ पुल/विश्वसुन्दरी पुल, टेंगरा मोड़.4. राजघाट पुल:- सुबह 7 बजे से सभी मालवाहक वाहन बंद.- VVIP आगमन/प्रस्थान से 1 घंटा पूर्व वाहन एवं पैदल संचालन भी पूरी तरह प्रतिबंधित.यातायात पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने आम जनता से अपील की है कि वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और अत्यंत आवश्यकता होने पर ही अतिरिक्त समय लेकर VVIP कार्यक्रम क्षेत्र की तरफ निकलें.ALSO READ : वाराणसी में दृष्टि बाधित फुटबॉल प्रतियोगिता, गेंद में बंधे घुंघरू की आवाज से अंदाजा लगा गोल करेंगेहेल्पलाइन:ट्रैफिक कंट्रोल रूम: +91 7839856994ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर: +91 7317202020
वाराणसी में दृष्टि बाधित फुटबॉल प्रतियोगिता, गेंद में बंधे घुंघरू की आवाज से अंदाजा लगा गोल करेंगे
वाराणसी में दृष्टि बाधित फुटबॉल प्रतियोगिता, गेंद में बंधे घुंघरू की आवाज से अंदाजा लगा गोल करेंगे
वाराणसी : दिव्यांग खेलों को बढ़ावा देने के लिए अखिल भारतीय दृष्टि बाधित फुटबॉल प्रतियोगिता वाराणसी के सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में होगी. ऑल इंडिया दिव्यांग एसोसिएशन के डॉ उत्तम ओझा ने बताया कि इसमें खास तरह के फुटबॉल का प्रयोग होगा. गेंद के अंदर विशेष घुंघरू लुढ़कने पर आवाज करती है. खिलाड़ी गेंद की आवाज के आधार पर गेंद का अंदाजा लगाकर गोल करने का प्रयास करते हैं.नवंबर में प्रस्तावित इस प्रतियोगिता में देश के सात राज्यों के 56 फुटबॉलर खेलेंगे. उन्होंने आगे बताया कि गेंद सामान्य फुटबॉल से भारी होती है. इसमें उछाल कम होता है. इसे ही दृष्टि बाधित फुटबॉल (ब्लाइंड फुटबॉल) या 5-ए-साइड फुटबॉल भी कहा जाता है. यह फुटबॉल पूरी तरह से या आंशिक रूप से भी देखने में अक्षम खिलाड़ी के लिए डिजाइन की गई है. इसकी प्रतियोगिता इंटरनेशनल ब्लाइंड स्पोर्ट्स फेडरेशन (आईबीएसए) के नियमों के तहत खेली जाती है. एक समय में प्रत्येक टीम के पांच-पांच खिलाड़ी मैदान पर होते हैं. चार खिलाड़ी पूरी तरह दृष्टि बाधित होते हैं. खेलने के दौरान चार खिलाड़ियों को अपनी आंखों पर आई-पैच (आई-ब्लाइंडफोल्ड) पहनना अनिवार्य है. गोलकीपर पूरी तरह से देखने में सक्षम होता है. वह डी-एरिया से बाहर नहीं निकल सकता और न ही गोल पोस्ट छोड़कर बाहर खेल सकता है.खिलाड़ियों को गाइड करते हैं तीन कोच मैदान पर खिलाड़ियों की मदद के लिए तीन गाइड होते हैं जो आवाज देकर खिलाड़ियों को बताते हैं कि उन्हें कहां जाना है और कब बॉल किक करनी है. दृष्टि बाधित फुटबॉल में 30 मिनट के मैच में 15-15 मिनट के दो हाफ होते हैं. कोच मिडफील्ड मैदान से खिलाड़ियों को निर्देश देते हैं.ALSO READ : गंगा की लहरों पर तिरंगा, राफेल-सुखोई और तेजस की गर्जना से गूंजा आसमानबिना बोले गेंद पर अटैक करने पर होता है फाउलजब भी कोई डिफेंडर (रक्षा करने वाला खिलाड़ी) गेंद छीनने के लिए आगे बढ़ता है, तो उसे स्पष्ट आवाज में वोई या गो अनिवार्य रूप से बोलना होता है. स्पेनिश शब्द वोई का अर्थ है मैं आ रहा हूं. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि गेंद लेकर जा रहे खिलाड़ी को पता चल सके कि कोई सामने से आ रहा है. वोई नहीं बोलने पर फाउल दिया जाता है.दर्शकों के लिए भी होती है गाइडलाइनदृष्टि बाधित फुटबॉल में दर्शकों के लिए भी गाइडलाइन होती है. इसमें दर्शक ज्यादातर शांत रहते हैं. इसमें दर्शक तभी शोर या जश्न मना सकते हैं जब कोई टीम गोल करती है. ऐसा इसलिए कि खिलाड़ी गेंद की आवाज और अपने गाइड के निर्देशों को साफ-साफ सुन सकें और कमांड के आधार पर खेल को किक कर सके.प्रदेश में पहला आयोजनआयोजन सचिव डॉ. संजय चौरसिया ने बताया कि प्रदेश में पहली बार दिव्यांग खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए फुटबॉल प्रतियोगिता वाराणसी के सिगरा स्टेडियम में कराई जाएगी. इसमें स्थानीय फुटबॉल संघ से मदद ली जाएगी. इससे दिव्यांग खिलाड़ियों में भी लोगों में खेल के प्रति जुनून बढ़ेगा और वे प्रेरित होंगे.