Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

वाराणसी में निर्वाचक नामावली का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया प्रारम्भ

वाराणसी में निर्वाचक नामावली का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया  प्रारम्भ
Nov 04, 2025, 10:35 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी - जिला निर्वाचन अधिकारी सत्येंद्र कुमार के निर्देशानुसार, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी-वाराणसी कैण्ट, शिवानी सिंह की अध्यक्षता में निर्वाचक नामावली के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) के संबंध में सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जनपद के सभी बूथों पर विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्य एक साथ प्रारंभ किया जा रहा है. सभी बी.एल.ओ. और सुपरवाइजर सक्रिय रहेंगे. घर-घर गणना की प्रक्रिया शुरू होने से पूर्व सभी बी.एल.ओ. को पहचान पत्र, किट बैग, गणना प्रपत्र आदि उपलब्ध कराए जाएंगे. सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं से इस अभियान में सहयोग की अपील की गई है.

/

आज से घर-घर जाकर गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएँगे


बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया 04 नवंबर से 04 दिसंबर तक चलेगी. निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन 09 दिसंबर को होगा. दावे और आपत्तियों के दाखिल करने की अवधि 09 दिसंबर से 08 जनवरी तक होगी. नोटिस जारी करने, सुनवाई एवं सत्यापन, दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 09 दिसंबर से 31 जनवरी तक चलेगी. अंततः, निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 07 फरवरी को किया जाएगा. मतदाता सूची के प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत, बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर एनुमरेशन फार्म का वितरण किया जाएगा.

/

एसआईआर का उद्देश्य

ALSO READ: राष्ट्रीय नदी घोषित होने की 17वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस कमेटी ने किया मां गंगा का दुग्धाभिषेक



वाराणसी में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है जिसमें सभी मतदाताओं को अपना परिगणना फॉर्म भरकर बीएलओ को जमा करवाना होगा. फॉर्म जमा नहीं करवाने पर आपका नाम मतदाता सूची में नहीं आएगा.

1. मृत व्यक्तियों के नाम हटाना.

2. स्थायी रूप से निवास बदलने वालों का नाम हटाना.

3. किसी मतदाता का दो स्थानों पर पंजीकरण हो उसे निरस्त करना.

4. फर्जी मतदाताओं का नाम हटाना.

5. शुद्ध, स्वच्छ व पारदर्शी मतदाता सूचियों का निर्माण करना.

/

पुनः पंजीकरण प्रक्रिया


अपना फॉर्म भरने से पूर्व आप अपने 2 नवीनतम रंगीन पासपोर्ट साइज फ़ोटो जरूर खिंचवा लें, जिसका बैकग्राउंड सफेद होना चाहिए. आप सभी को बीएलओ द्वारा परिगणना फॉर्म उपलब्ध करवाया जाएगा, जिसे निश्चित समय में भरकर बीएलओ को जमा करवाना होगा. फॉर्म के साथ आपको 11 दस्तावेजों की सूची में से कोई भी दस्तावेज अनिवार्य रूप से संलग्न करना होगा.


दस्तावेजों की सूची


1. केंद्र सरकार/ राज्य सरकार / PSU के नियमित कर्मचारियों को जारी पहचान पत्र या पेंशन कार्ड

2. भारत में 01/07/1987 से पूर्व सरकार/बैंक/LIC/डाकघर/PSU या स्थानीय प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र/ दस्तावेज/ पहचान पत्र

3. जन्म प्रमाण पत्र

4. पासपोर्ट

5. मूल निवास प्रमाण पत्र

6. 10 वीं बोर्ड की अंक तालिका मय प्रमाण पत्र

7. वन अधिकार प्रमाण पत्र

8. अन्य पिछड़ा वर्ग/ अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति या अन्य जाति प्रमाण पत्र

9. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू हो)

10. राज्य/ स्थानीय अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर

11. सरकार द्वारा जारी कोई भूमि/ गृह आवंटन प्रमाण पत्र


आप इन 11 दस्तावेजों में से अपने कम से कम कोई भी 2 दस्तावेज तैयार रखें, ताकि परिगणना फॉर्म भरने में आपको कोई परेशानी नहीं हो. मतदाताओं के पंजीकरण की 3 श्रेणियां बनाई गई है, आप उनके अनुसार भी अपने दस्तावेज तैयार कर सकते हैं.

1. यदि आपका जन्म 01/07/1987 से पूर्व हुआ है, तो आपको स्वयं का कोई भी एक दस्तावेज जमा करवाना होगा, साथ में कोई अतिरिक्त दस्तावेज है तो भी काम आएगा, लेकिन कोई एक दस्तावेज होना अनिवार्य है.

2. यदि आपका जन्म 01/07/1987 से 02/12/2004 के मध्य हुआ है तो आपको एक दस्तावेज स्वयं का तथा एक दस्तावेज माता-पिता का होना अनिवार्य है. यानी कम से कम 2 दस्तावेज होने चाहिए.

3. यदि आपका जन्म 02/12/2004 के बाद हुआ है तो आपके पास 3 दस्तावेज होने चाहिए. एक स्वयं का, एक माता का व एक पिता का. कम से कम तीन दस्तावेज.

राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम है सोशल मीडिया,सीएम के नेतृत्व में प्रशिक्षण महाभियान
राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम है सोशल मीडिया,सीएम के नेतृत्व में प्रशिक्षण महाभियान
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के काशी क्षेत्र वाराणसी शिवपुर विधानसभा में शिवपुर मंडल के भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अभियान पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के समापन सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में अरविंद मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया एवं एआई समेत तमाम विषयों पर प्रशिक्षण दिया.सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता जिला मीडिया प्रभारी अरविंद मिश्रा ने कहा कि,यह प्रशिक्षण अभियान वास्तव में सेवा, संगठन और समर्पण की भावना को मजबूत करने का प्रयास है. भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस महाभियान के माध्यम से यह संकल्प ले रहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण के इस अभियान को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाएगा.निस्संदेह, जब विचारधारा, संगठन और सेवा का संगम होता है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन की एक नई धारा प्रवाहित होती है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 इसी परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रहा है, जो भाजपा के कार्यकर्ताओं को जनसेवा के पथ पर और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.बता दें कि,इस महाभियान अंतर्गत मंडल स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है.ALSO READ: "एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंहसमापन सत्र की अध्यक्षता पूर्व मंडल अध्यक्ष हीरालाल जायसवाल ने की, संचालन मंडल अध्यक्ष डॉ शशिकांत गिरी ने किया. वहीँ,प्रशिक्षण महाभियान में प्रमुख रूप से जिला उपाध्यक्ष दिनेश मौर्य, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, गोपाल भारद्वाज,संजय गुप्ता ,फूल प्रकाश दूबे, शोभनाथ गोड,मिंटू तिवारी,बलवन्त पटेल,रामनरेश, अंकित दूबे,शेषनाथ भारती,गंगाराम,ममता पटेल,सीता रानी मिश्रा,उर्मिला पांडेय,संजय गुप्ता,ममता पटेल ,मीना तिवारी,ममता राय,आदि मौजूद रहे.
"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
वाराणसी: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सांविधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान, उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा, विधान परिषद की ओर से “एसआईआर की वैधानिक उपादेयता” विषय पर आयोजित दो दिवसीय विचार गोष्ठी के द्वितीय एवं अंतिम सत्र का आयोजन शनिवार को हुआ. चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर के संबंध में सभी सदस्यों ने अपने विचार रखे. सदस्यों ने यह माना कि एसआईआर लोकतंत्र की मजबूती के लिए समय-समय पर कराया जाना आवश्यक है, जिससे लोकतंत्र के प्रति जन विश्वास की आस्था और मजबूत होगी. एसआईआर की वैधानिकता पर प्रकाश डालते हुए सदस्यों ने अनु. 324, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, नागरिकता अधिनियम 1955 पर गहन विचार विमर्श करते हुए चुनाव आयोग की आधिकारिकता एवं उसकी सीमाओं पर भी विस्तृत रूप से चर्चा पर परिचर्चा की.यह भी पढ़ें: वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापनसदस्यों ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को हो रही परेशानियों एवं उसके निराकरण के सुझाव दिए. विधान परिषद उत्तर प्रदेश के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने दो दिवसीय सत्र के समापन सत्र पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रस्तावित सिद्धांत "एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है. यह फर्जी और दोहराए गए मतदाताओं को हटाकर लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने में, सहायक होता है. क्योंकि यह सूक्ष्म जांच की प्रक्रिया सुनिश्चित करता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर चुनाव आयोग के "कोई भी मतदाता ना छूटे" के आदर्श वाक्य का समर्थन करता है. उन्होंने कहा की विधि आयोग की 255वीं रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव के लिए एक ही मतदाता सूची का उपयोग करने से प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी और सार्वजनिक संसाधनों की बचत होगी.विचार गोष्ठी के समापन सत्र पर सभापति, विधान परिषद ने विचार गोष्ठी में प्रतिभाग़ करने वाले सदस्यों, विद्वान वक्ताओं, आयोजक, मीडिया, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सभी के सहयोग, कठिन परिश्रम और लगन से ही इस गोष्ठी को सफल और भव्य बनाया गया. विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ राजेश सिंह ने एसआईआर की वैधानिकता और उसके न्यायिक पक्ष एवं नागरिकों के मौलिक अधिकार पर अपने विचार प्रकट किया. उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया की आवश्यकता इसलिए है कि बाहरी घुसपैठियों की पहचान की जा सके और जिससे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया जा सके.
टेक्‍नेक्‍स : आम जनता का समर्थन ही सैनिकों की सबसे बड़ी ताकत - ब्रगेडियर करियप्‍पा
टेक्‍नेक्‍स : आम जनता का समर्थन ही सैनिकों की सबसे बड़ी ताकत - ब्रगेडियर करियप्‍पा
वाराणसी : आइआइटी बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित 'टेक्नेक्स' कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को छात्रों से भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर बीएम करियप्पा रूबरू हुए. छात्रों से संवाद में उन्‍हों ने कहा कि आम जनता सैनिकों की सबसे बड़ी मदद अपने विश्वास, सम्मान और समर्थन के माध्यम से कर सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सैन्य कार्रवाई के समय सरकार किन परिस्थितियों और सीमाओं में निर्णय लेती है, उस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना सैनिकों के लिए उचित नहीं होता, क्योंकि कई रणनीतिक बातें गोपनीय होती हैं.ब्रिगेडियर करियप्पा ने कहा कि भारत ने समय-समय पर साहसिक सैन्य कदम उठाए हैं.उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2016 में सीमा पार जाकर की गई भारतीय सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 में हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों में भारत ने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया. इन अभियानों से यह स्पष्ट होता है कि जब परिस्थितियाँ अनुकूल होती हैं, तब सरकार और सेना मिलकर निर्णायक कदम उठाती हैं.उन्होंने आगे कहा कि सैनिक हमेशा देश की सुरक्षा और सेवा के लिए तत्पर रहते हैं. ऐसे में नागरिकों का विश्वास और प्रेम उनके मनोबल को और मजबूत करता है. ब्रिगेडियर करियप्पा ने यह भी कहा कि यदि देशवासी सेना के प्रति अपना समर्थन और सम्मान बनाए रखें, तो सैनिक भी उसी समर्पण और साहस के साथ देश की रक्षा करते रहेंगे.यह भी पढ़े:- वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापनछात्रों के सवालों का दिया जवाबइस संवाद में छात्रों ने ब्रिगेडियर करियप्पा से कई प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से जवाब दिया. उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को देश की सुरक्षा और सेवा में अपनी भूमिका को समझना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी विकास के साथ-साथ युवाओं को सैन्य सेवा में भी रुचि लेनी चाहिए, क्योंकि यह देश की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है.ब्रिगेडियर करियप्पा ने यह भी बताया कि भारतीय सेना न केवल युद्ध के समय, बल्कि शांति के समय भी नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर रहती है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सेना ने हमेशा नागरिकों की मदद की है, जो कि उनकी सेवा भावना को दर्शाता है. उन्होंने सभी से अपील की कि वे सेना के प्रति अपने समर्थन को बनाए रखें, जिससे देश की सुरक्षा और अखंडता को और भी मजबूती मिले.