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काशी विद्यापीठ में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष व्याख्यान, भारतीय समाज की भूमिका पर हुआ मंथन

काशी विद्यापीठ में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष व्याख्यान, भारतीय समाज की भूमिका पर हुआ मंथन
Jan 07, 2026, 05:30 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाजशास्त्र विभाग में मंगलवार को ‘पर्यावरण संरक्षण में भारतीय समाज की भूमिका’ विषय पर एक दिवसीय विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. अनिल कुमार, अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान में कार्य प्रमुख (पर्यावरण संरक्षण) रहे.


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अपने संबोधन में डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि प्रकृति का असंतुलन लगभग 400 वर्ष पहले शुरू हुआ, जब मानव ने प्रकृति के साथ सामंजस्य के स्थान पर उसका दोहन करना प्रारंभ किया. उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में प्रकृति को मां का दर्जा दिया गया है, लेकिन आधुनिक समय में समाज की सोच और जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया है. भौतिकता और आधुनिकता की होड़ में नगरों का विकास तेजी से हो रहा है, जिसके साथ ही प्रदूषण भी चिंताजनक स्तर तक बढ़ता जा रहा है.


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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अजय कन्नौजिया, क्षेत्र पर्यावरण प्रमुख, पूर्वी उत्तर प्रदेश रहे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है।


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भारतीय संस्कृति में प्रकृति और मनुष्य का सहअस्तित्व


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समाजशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. अमिता सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण में भारतीय समाज की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। भारतीय संस्कृति की विशेषता यह है कि इसमें मनुष्य और प्रकृति को एक-दूसरे का पूरक माना गया है और दोनों का सहअस्तित्व स्वीकार किया गया है।

स्वागत एवं संचालन

वाराणसी में अनफिट स्कूल वाहनों पर कसा शिकंजा, चार सीज, कई का चालान
वाराणसी में अनफिट स्कूल वाहनों पर कसा शिकंजा, चार सीज, कई का चालान
वाराणसी: सड़क सुरक्षा को लेकर जिले में अनफिट और बिना वैध परमिट संचालित स्कूल वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया. इस अभियान के दौरान कुल 4 वाहन सीज किए गए तथा 7 वाहनों का चालान किया गया. इस कार्रवाई से स्‍कूल वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया. सड़क पर सघन जांच के अतिरिक्त, प्रवर्तन दल द्वारा विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण कर स्कूल वाहनों की भौतिक सत्यापन प्रक्रिया भी की जाएगी, ताकि उनके फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच सुनिश्चित की जा सके."वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन पूर्ण हो"यह प्रवर्तन कार्रवाई एआरटीओ (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन और यात्रीकर अधिकारी अखिलेश पांडेय के नेतृत्व में की गई. परिवहन विभाग ने समस्त विद्यालय प्रबंधन से अपील की है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके विद्यालयों के कोई भी वाहन बिना वैध फिटनेस और परमिट के संचालित न हों.साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन पूर्ण हो, चालकों की नियमित नेत्र परीक्षण समय से कराया जाए तथा सभी निर्धारित सुरक्षा मानक जैसे खिड़कियों पर सेफ्टी ग्रिल/बार, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार पेटी आदि अनिवार्य रूप से वाहन में स्थापित हों.यह भी पढ़ें: IMS-BHU की जूनियर डॉक्टर ने की जान देने की कोशिश, हालत गंभीरयदि कोई वाहन स्कूल वाहन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी. जो विद्यालय प्रबंधन बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हैं अथवा नोटिस एवं चालान जारी होने के बावजूद अपने वाहनों के अभिलेख अद्यतन नहीं करते हैं, उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
IMS-BHU की जूनियर डॉक्टर ने की जान देने की कोशिश, हालत गंभीर
IMS-BHU की जूनियर डॉक्टर ने की जान देने की कोशिश, हालत गंभीर
वाराणसी: बीएचयू स्थित चिकित्‍सा विज्ञान संस्‍थान की जूनियर डॉक्टर ने जान देने का प्रयास किया. बताया गया कि डॉ. सत्या ने करीब 100 से अधिक इंसुलिन के इंजेक्शन लगा लिए. साथी दोस्तों ने बीएचयू के इमरजेंसी में भर्ती कराया है, जहां उनकी गंभीर हालत बताई जा रही है. डॉक्टरों की मानें तो उनकी किडनी पर असर हुआ है. उन्‍हें वेंटीलेटर पर रखा गया है. जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले उनकी सीनियर रेजिडेंट से किसी बात को लेकर नोकझोंक हुई थी और तभी से वो अवसाद में थीं.सर्जरी विभाग में जूनियर डॉक्टर ने उठाया बड़ा कदमबिहार की रहने वाली डॉ. सत्या (25) IMS-BHU के सर्जरी विभाग में जूनियर डॉक्टर हैं. वह सामने घाट में ट्रामा सेंटर के पीछे किराये पर रहती हैं. बताया जा रहा है कि डॉ. सत्या ने शुक्रवार की दोपहर में 100 यूनिट इंसुलिन इंजेक्ट कर लिया था. जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी और उसके साथी उसे लेकर अस्पताल पहुंचे. यहां बीएचयू में डॉक्टरों ने देखने के बाद सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू में बेड नंबर-30 पर एडमिट कराया है. जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है. उसका इलाज कर रहे डॉक्टर्स ने बताया कि इंसुलिन ने किडनी पर असर कर दिया है.आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर एसएन संखवार ने बताया कि सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर सत्या के जान देने के प्रयास की जानकारी मिली है. उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है. डॉक्टरों की टीम निगरानी कर रही है. सत्या के होश में आने के बाद सही कारणों का पता चल पाएगा.आरोपी असिस्टेंट बैंक मैनेजर गिरफ्तारवाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के महादेवपुरम कॉलोनी में दहेज प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने वाली काजल (26) के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे पति नितेश कुमार सिंह को फुलवरिया से गिरफ्तार किया. नितेश बैंक ऑफ इंडिया मलदहिया में असिस्टेंट मैनेजर है. काजल ने 27 फरवरी को फंदा लगाकर जान दे दी थी.यह भी पढ़ें: गर्मी ने दिखाया अपना तेवर, चिलचिलाती धूप ने किया लोगों का हाल बेहाल18 दिन पहले ही उसने 9 फरवरी को पति समेत ससुराल के छह लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और घर से निकालने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी. पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें महिला ने लिखा था कि उसके माता-पिता ने उसे बहुत प्यार से पाला, लेकिन ससुराल में वह प्यार नहीं मिला.
गर्मी ने दिखाया अपना तेवर, चिलचिलाती धूप ने किया लोगों का हाल बेहाल
गर्मी ने दिखाया अपना तेवर, चिलचिलाती धूप ने किया लोगों का हाल बेहाल
इस साल की तपतपाती धूप ने अभी से लोगों का हाल बेहाल कर रखा है. ऐसे में ये माना जा रहा है कि इस साल गर्मी अपना जबरदस्त असर दिखाएगी. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा से राजस्थान तक तपती गर्मी के बीच मौसम बदलने वाला है. मैदानी इलाकों में आंधी, बारिश तो पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के आसार नजर आ रहे हैं. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 12 और 14 से 16 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है. इस दौरान तेज हवाएं और कहीं-कहीं आंधी आने की चेतावनी है. मध्य बारत में 14 और 16 मार्च को और पूर्वी भारत में 15 से 17 मार्च के दौरान बिजली की कड़कड़ाहट, तेज हवाओं के साथ मौसम बदलने वाला है. दिल्ली और वेस्ट यूपी में भी 15 मार्च को बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है.मौसम का मिजाज देशभर में बदलामौसम का मिजाज आजकल देशभर में बदलता नजर आ रहा है. मैदानी इलाकों में गर्मी ने अपने तेवर भी दिखाना शुरू कर दिया हैं. वहीं पहाड़ी इलाकों में बारिश का अलर्ट अभी से जारी है. जहां मौसम विभाग का कहना है कि, उत्तर भारत के कई इलाकों में लू के हालात देखने को मिल रहे हैं. साथ ही आईएमडी का अनुमान है कि आगामी दो हफ्तों तक तापमान सामान्‍य से ऊपर बने रहने की संभावना है. वहीं हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्‍पीति जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में एक बार‍ फिर बर्फबारी दर्ज की गई है. वहीं राजस्‍थान के कुछ इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते आगामी दो-तीन दिनों तक बादल छाए रहने और तापमान में गिरावट का अनुमान जताया गया है.भारत के कई इलाकों में लू IMD के मुताबिक, उत्तर भारत के कई इलाकों में लू से लेकर भीषण लू जैसी स्थितियां देखने को मिल रही हैं. हिमाचल प्रदेश में 7 से 11 मार्च के बीच अलग‑अलग इलाकों में हीटवेव और सीवियर हीटवेव की स्थिति रही. वहीं गुजरात के सौराष्ट्र‑कच्छ और गुजरात रीजन में 10 और 11 मार्च को तेज गर्मी दर्ज की गई. कोकण क्षेत्र में भी 11 मार्च को लू का असर देखा गया.यह भी पढ़ें: पर्याप्त डीजल-पेट्रोल और सिलेंडर उपलब्ध, अफवाह फ़ैलाने वालों और कालाबाजारी पर रखी जा रही नजर: डीएम राजस्‍थान में बारिश होने की आशंका पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान में आगामी दो-तीन दिन आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है. मौसम विभाग ने गुरुवार को यह जानकारी दी है. इसके अनुसार राज्य में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आगामी 2-3 दिन आंशिक बादल छाए रहने और तापमान में 2-3 डिग्री गिरावट होने की संभावना है. वहीं, 14-15 मार्च को अजमेर, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों के साथ-साथ गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों के साथ ही आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है.पश्चिमी विक्षोभ में होगी आंधी-बारिशविभाग के मुताबिक, इसी तरह एक और नया पश्चिमी विक्षोभ 19-21 मार्च के दौरान सक्रिय होने और कहीं-कहीं आंधी चलने और बारिश होने का अनुमान है. हिमाचल प्रदेश में मौसम का अलग-अलग मिजाजाा देखने को मिल रहा है, जहां पर लाहौल और स्‍पीति के ऊंचे इलाकों में एक बार फिर बर्फबारी देखने तो निचले पहाड़ी क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश हुई. वहीं मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहा, सुंदरनगर और सोलन में गर्मी का प्रकोप देखा गया.