कफ सिरप प्रकरण में अजग गजब खेल, सारनाथ थाने में औषधि विभाग ने दर्ज कराया केस

वाराणसी - कोडीन युक्त कफ सिरप के मामले में अजग गजब खेल चल रहा था. ऐसा ही एक नया खुलासा हुआ है जिसमें औषधि विभाग की टीम ने पीडी फार्मा के संचालक विष्णु कुमार पांडेय के खिलाफ सारनाथ थाने में केस दर्ज कराया है. फर्म ने प्रयागराज से 89000 कफ सिरप की शीशियों को बिहार में एक फर्म के नाम पर भेजने के लिए मंगाया. कागज पर बिहार भेजना दिखाया गया, लेकिन कहां बेचा इसका प्रमाण नहीं मिला. इसी फर्म ने 13000 शीशी गोरखपुर से भी मंगाई थी. इस मामले में अब तक जिन 40 फर्मों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है, इसमें ज्यादातर जालसाजी बिहार, झारखंड में कफ सिरप भेजने के नाम पर की गई है।
आया माल गया माल के तर्ज पर खेल
ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली की तहरीर के मुताबिक सारनाथ की पीडी फार्मा ने 21 सितंबर और 6 अक्तूबर 2025 को कोडीन युक्त एस्कफ कफ सिरप की 100 एमएल की 89000 बॉटल मेसर्स एमके हेल्थकेयर प्रयागराज से कागज पर मंगवाया. औषधि विभाग की टीम जांच करने मौके पर गई तो सारनाथ की फर्म पर संचालक विष्णु पांडेय मिले. यहां न तो कोई दवा मिली और न ही बिक्री से जुड़े कागजात मिले. कई बार नोटिस देने के बाद भी विष्णु पांडेय उपस्थित नहीं हुए. पिता संजय पांडेय ने फर्म का निरीक्षण करवाया तो यहां भी कोई दवा नहीं मिली. बहुत प्रयास के बाद किसी तरह विक्रय के कागजात दिए तो पता चला कि 89000 कफ सिरप बिहार में मां दुर्गा ट्रेडर्स, अमर इंटरप्राइजेज, मां काली डिस्टीब्यूटर, श्री जगन्नाथ इंटरप्राइजेज रांची झारखंड को बेचे गए.
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पोर्टल पर दर्ज मोबाइल नंबर भी बंद मिला
ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने बताया कि बिहार में जांच के बाद भी इन किसी भी फर्म से कोई भी कागजात नहीं दिया गया. गोरखपुर के कूड़ाघाट सिंघड़िया में मेसर्स वीप्रा फार्मास्यूटिकल्स से सारनाथ की पीडी फार्मा को 100 एमएल की 13000 बॉटल फेंसेडील कफ सिरप की बिक्री की गई है. इस पर भी सारनाथ की फर्म से बिक्री के कागजात मांगने पर नहीं मिले. यहीं नहीं पोर्टल पर जो मोबाइल नंबर है, वो भी बंद मिला.



