बीएचयू साउथ कैंपस में विद्यार्थियों को सिखाया गया एआई का स्मार्ट इस्तेमाल

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर स्थित दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र की ओर से व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए शुक्रवार को “एआई करियर पावर वर्कशॉप” का आयोजन किया गया, सेमिनार हॉल, न्यू एलटी में आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक उपयोग और इसके जरिए करियर विकास की संभावनाओं से परिचित कराना था.
कार्यशाला का आयोजन अप्लाइड टेक्नोलॉजी रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर सोशल इम्पैक्ट तथा टेक ब्रेन के सहयोग से किया गया, कार्यक्रम का उद्घाटन राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के आचार्य प्रभारी प्रो. बी.एम.एन. कुमार, डीडीयू कौशल केंद्र के समन्वयक डॉ. आर.एस. मिश्रा और मुख्य अतिथि ऋषि उपाध्याय ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलन कर किया.

मुख्य प्रशिक्षक ऋषि उपाध्याय और सह-प्रशिक्षक संचालि ने विद्यार्थियों को विभिन्न एआई टूल्स का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया, “नो कोडिंग, बस एआई का स्मार्ट इस्तेमाल” थीम पर आयोजित कार्यशाला में स्मार्ट लर्निंग, रिसर्च, रिज्यूमे और प्रोफेशनल पोर्टफोलियो तैयार करने, प्रेजेंटेशन बनाने, प्रभावी संचार, इंटरव्यू की तैयारी और करियर प्लानिंग में एआई के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई.
विद्यार्थियों को एआई के माध्यम से अपनी उत्पादकता, रचनात्मकता और रोजगारपरक कौशल बढ़ाने के तरीकों से भी अवगत कराया गया। साथ ही उन्हें 90-दिवसीय एआई करियर चैलेंज की जानकारी दी गई, जिसमें कार्यशाला के बाद एआई कौशल के निरंतर अभ्यास के लिए व्यावहारिक असाइनमेंट शामिल हैं.
ALSO READ: काशी इनक्यूबेशन केंद्र का भव्य शुभारंभ, युवाओं के नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
डीडीयू कौशल केंद्र के समन्वयक डॉ. आर.एस. मिश्रा ने कहा कि तेजी से बदलते डिजिटल कार्यक्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए एआई साक्षरता और आधुनिक तकनीकी कौशल जरूरी हो गए हैं. उन्होंने कहा कि एआई का प्रभावी उपयोग विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, उत्पादकता, रचनात्मकता और रोजगारपरक क्षमता को मजबूत कर सकता है.कार्यक्रम का संचालन श्रेया ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन यश ने किया। इस अवसर पर डीडीयू कौशल केंद्र के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे.



