छात्र की हत्या का गरमाया मुद्दा, छावनी में तब्दील हुआ यूपी कॉलेज
वाराणसी: यूपी कॉलेज में शुक्रवार को दिनदहाडे बीएससी के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के बाद छात्रों में उबाल है. वहीं घटना के बाद कालेज को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया और वारदात के बाबत जानकारी ली. बता दें कि यूपी कॉलेज में सामाजिक विज्ञान संकाय के बरामदे में बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस वारदात को बीए द्वितीय सेमेस्टर के छात्र मंजीत चौहान ने अपने दो साथियों अनुज सिंह और करण चौहान के साथ मिलकर अंजाम दिया.

क्षतिग्रस्त हुआ निजी वाहन
गोली चलने के बाद परिसर में उपस्थित छात्रों ने प्राचार्य प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार सिंह के सरकारी आवास की ओर दौड़ लगाई. वहां तैनात गार्ड को गाली देते हुए छात्रों ने उसे भगा दिया. इसी दौरान, स्टाफ सदस्य कृपा शंकर पर ईंट से हमला करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह दरवाजा बंद करके अंदर चले गए. लगभग 50 की संख्या में आए गुस्साए छात्रों ने प्राचार्य के निजी वाहन को गमले और फावड़े से क्षतिग्रस्त कर दिया. प्राचार्य की मां ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन तभी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई और छात्रों को वहां से हटाया गया.

सूर्य प्रताप पर ताबड़तोड़ फायरिंग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 11 बजे मंजीत अपने साथियों के साथ बरामदे में आया और सूर्य प्रताप पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. इस हमले में सूर्य के सिर, सीने और कमर में गोलियां लगीं. अचानक हुए इस हमले से परिसर में अफरा-तफरी मच गई और सूर्य खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा. घायल छात्र को तुरंत प्राचार्य की कार से सिंह मेडिकल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया. हालांकि, वहां पहुंचने पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी पुलिस
वारदात के बाद आरोपी मंजीत मौके से भागकर सामाजिक विज्ञान संकाय की पहली मंजिल की ओर गया और पीछे की दीवार फांदकर फरार हो गया. इस दौरान उसकी पिस्टल नीचे गिर गई, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है. अन्य हमलावर भी अलग-अलग दिशाओं में भाग निकले. घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने कालेज के मुख्य द्वार को बंद कर हंगामा शुरू कर दिया और तोड़फोड़ की. सूचना मिलते ही डीसीपी प्रमोद कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है.

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मृतक सूर्य प्रताप सिंह गाजीपुर के सैदपुर क्षेत्र के दुबैथा गांव का निवासी था और कालेज के हास्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। दो दिन पहले सूर्य और मंजीत के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसे इस घटना की वजह माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है. वहीं अब प्राचार्य के घर पर हमला करने के बाद पुलिस अन्य आरोपित छात्रों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है.

मां की चीत्कार से नम हो गईं लोगों की आंखें
ट्रॉमा सेंटर में सूर्य प्रताप सिंह की मौत के बाद पहुंची मां की चीत्कार से वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं. बिलखते हुए मां ने कहा कि अब मैं किसके लिए जिऊंगी. रोते-बिलखते हुए वह बार-बार अचेत हो जा रहीं. मौके पर छात्रों ने उन्हें ढांढस बंधाया. मृतक के पिता ऋषिदेव सिंह संत अतुलनानंद स्कूल में प्रबंधक राहुल सिंह की गाड़ी चलाते हैं. फिलहाल वह शहर से बाहर हैं. माता किरन सिंह भी अतुलनानंद में काम करती हैं. मृतक को घर पर पवन कहकर बुलाते थे. वह माता-पिता का इकलौता बेटा था.



