BHU में 7 साल पुराने जबड़े के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, पैर की हड्डी से बनाया नया जबड़ा

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय की ओरल एवं मैक्सिलोफेसियल सर्जरी (OMFS) इकाई ने जटिल सर्जरी कर 35 वर्षीय युवक को नई जिंदगी दी। युवक के निचले जबड़े में करीब सात वर्षों से एमेलोब्लास्टोमा ट्यूमर था, जिसके कारण उसके चेहरे की बनावट पूरी तरह बिगड़ गई थी। चिकित्सकों ने ट्यूमर से प्रभावित जबड़े को निकालकर मरीज के पैर की फिबुला हड्डी से नया जबड़ा तैयार किया।
लखीमपुर खीरी निवासी युवक लंबे समय से चेहरे की असमानता से परेशान था। सामाजिक रूप से असहज महसूस करने के कारण वह लोगों के बीच जाने से भी हिचकिचाता था। कई जगह उपचार कराने के बावजूद स्थायी राहत नहीं मिलने पर उसे BHU में इलाज की सलाह दी गई।
मरीज ने प्रो. अखिलेश कुमार सिंह की OPD में चेहरे पर सूजन और निचले जबड़े में असमानता की शिकायत के साथ संपर्क किया। जांच में निचले जबड़े में बड़ा एमेलोब्लास्टोमा पाया गया, जिसने जबड़े की सामान्य संरचना और चेहरे के आकार को काफी प्रभावित कर दिया था।
करीब आठ घंटे चली जटिल सर्जरी में ट्यूमर से पूरी तरह प्रभावित निचले जबड़े के हिस्से को निकाल दिया गया। इसके बाद मरीज के दाहिने पैर से फिबुला हड्डी निकालकर उसे जबड़े के आकार में तैयार किया गया। माइक्रोवैस्कुलर तकनीक की मदद से फिबुला की रक्त वाहिकाओं को गर्दन की रक्त वाहिकाओं से जोड़ा गया, जिससे नए जबड़े में रक्त संचार स्थापित किया जा सके। इस प्रक्रिया को माइक्रोवैस्कुलर फ्री फिबुला फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन कहा जाता है।
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सर्जरी का नेतृत्व OMFS इकाई के प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने किया। टीम में प्रो. नरेश कुमार शर्मा, डॉ. श्वेता, डॉ. आशुतोष आर्या, डॉ. अंशु और डॉ. पूनम यादव शामिल रहीं। एनेस्थीसिया विभाग से प्रो. यशपाल सिंह, डॉ. तनवी आनंद और डॉ. दीपक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ऑपरेशन BHU ट्रॉमा सेंटर के OMFS ऑपरेशन थिएटर में किया गया। सर्जरी के बाद मरीज के चेहरे की बनावट और समानता लगभग सामान्य हो गई है। उसके पैर में किसी तरह की महत्वपूर्ण कमजोरी नहीं है और वह सामान्य रूप से चल-फिर रहा है। लंबे समय से चेहरे की विकृति के कारण सामाजिक असहजता झेल रहे मरीज में अब आत्मविश्वास भी लौटा है।
दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के प्रमुख प्रो. एच.सी. बरनवाल ने इस जटिल और सफल शल्यक्रिया के लिए पूरी चिकित्सकीय टीम को बधाई दी।



