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शुगर पेशेंट्स फलों से बनाए रखे दूरी, जाने क्यों?

शुगर पेशेंट्स फलों से बनाए रखे दूरी, जाने क्यों?
Feb 12, 2026, 01:04 PM
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Posted By Preeti Kumari

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसके होने का ज्यादातर लोगों को बहुत देर से पता चलता है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक करीब 90 फीसदी लोगों को देर से पता चलता है कि वे शुगर का शिकार हो गए हैं. बीमारी की चपेट में आने के बाद मरीज को जिंदगी भर दवा के भरोसे शुगर को कंट्रोल रखना पड़ता है. इतना ही नहीं शुगर लेवल न बढ़ जाए, इसके लिए खानपान पर भी खास फोकस रखना काफी जरूरी होता है.


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जड़ वाली सब्जियों से दूर रहे डायबिटीट मरीज


डायबिटीट को लेकर बहुत लोगों का मानना है कि, इस कंडीशन में जड़ वाली सब्जी नहीं खानी चाहिए. आलू से तो दूरी ही बनाकर रखनी चाहिए. वैसे डायबिटीज मरीजों को फल खाने चाहिए या नहीं ये कंफ्यूजन हर किसी के मन में अक्सर बनी रहती है. ये एक मिथक भी है कि शुगर पेशेंट्स को फ्रूट्स भूल से भी नहीं खाने चाहिए. फलों में नेचुरल शुगर (फ्रक्टोज) होता है जो इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ा सकती है. लेकिन ऐसा भी नहीं है कि इन्हें फलों को ही नहीं खाना चाहिए. ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि, फलों में शुगर के अलावा फाइबर, विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं. इसलिए बैलेंस तरीके से खाना चाहिए. ज्यादा मात्रा में नहीं, ताकि किसी तरह की कोई भी दिक्कते होने से आप बचें रहे.


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शुगर का लेवल कितना होना चाहिए ये पहले जानना काफी जरूरी है. बता दें, नॉर्मल शुगर लेवल 120 एमजी/डीएल है. अगर किसी का शुगर लेवल 140 से ज्यादा है तो ये चिंता का कारण है. लेकिन अगर ये 200 के पार है तो तुरंत डॉक्टरी इलाज जरूरी है. कभी-कभी ये लेवल 500 या इससे ज्यादा भी चला जाता है. शुगर को कंट्रोल न किया जाए तो ये धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खत्म करती जाती है. वैसे किसी का शुगर लेवल शूट कर जाए और इसे कंट्रोल न करें तो ऑर्गन तक डैमेज हो जाते हैं. एक्सपर्ट से जानें किन फलों को शुगर में खा सकते हैं और किन्हें नहीं?


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क्यों फलों से बढ़ता है डायबिटीज


शुगर में फ्रूट्स को लेकर सबसे बड़ा मिथ ये है कि फलों से डायबिटीज बढ़ जाती है. एक्सपर्ट के मुताबिक सच ये है कि फ्रूट्स नेचुरल शुगर के साथ फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन भी देते हैं. ये तत्व ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. हालांकि आप फलों का सेवन किस तरह कर रहे हैं, इसका ध्यान रखना भी जरूरी है. शुगर के मरीज सेब, अमरूद, नाशपाती, पपीता, ऑरेंज/मौसंबी (साबुत), बैरीज, कीवी और अनार को खा सकते हैं. लेकिन खाने के तरीके पर फोकस रखना है जिसमें मात्रा कम हो और साबुत ही खाना चाहिए. ये फ्रूट्स लो टू मॉर्डरेट ग्लाइसेमिक इंडेक्स के होते हैं और शुगर स्पाइक धीरे करते हैं.


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शुगर पेशेंट न खाएं ये फल


एक रिपोर्ट के अनुसार, डायबिटीज के मरीज आम, केला, चीकू, अंगूर, कस्टर्ड एप्पल और सभी तरह के फ्रूट जूस से दूरी बनाकर रखें तो ही अच्छा है. भले ही जूस फ्रेश ही क्यों न हो फिर भी इसे पीने से बचना चाहिए. दरअसल, जूस में फाइबर निकल जाता है और इसे पीने से शुगर सीधे ब्लड में चली जाती है.

प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
वाराणसी : ललित कला काशी 'वर्थ एंड वरशिप' (Worth and Worship) प्रदर्शनी पेश कर रहा है।ललित कला काशी 15 से 17 जुलाई, 2026 तक वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों पर "वर्थ एंड वरशिप" नाम की एक ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी आयोजित की गई है। डॉ. प्रियंका चंद्रा द्वारा क्यूरेट की गई इस अनोखी आउटडोर प्रदर्शनी में दस अवॉर्ड-प्राप्त कलाकार शामिल हैं: सिद्धार्थ, रामकुमार माहेश्वरी, आशिमा मेहरोत्रा, अनिल कुमार पटेल, स्वाति रंजन, दीपशिखा वर्मा, स्वाति झा, शालिनी सिंह, रितेक राज और सूरज वर्मा।इसका भव्य उद्घाटन आज 15 जुलाई को शाम 6 बजे सुबह-ए-बनारस घाट पर मुख्य अतिथि प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने की। इसके बाद यह प्रदर्शनी लोगों तक पहुँचने के लिए तुलसी, आदिनाथ, चेत सिंह और अस्सी घाटों पर जाएगी।ALSO READ: चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़पवित्र गंगा के किनारे, यह एग्ज़िबिशन दस आर्टिस्ट को दुनियावी लालच ("वर्थ") और भगवान की भक्ति ("वर्शिप") के बीच की पतली लाइन को समझने के लिए एक साथ लाती है, जो कुछ समय के लिए और हमेशा रहने वाले के बीच इंसानी संघर्ष को दिखाती है।
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के विजयनगरम मार्केट में संचालित एक चाय की दुकान पर अवैध रूप से शराब और बीयर की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर सिगरा पुलिस ने छापेमारी कर दुकान से बड़ी मात्रा में शराब और बीयर बरामद की तथा अवैध कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया।पुलिस के अनुसार, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि चाय की दुकान की आड़ में चोरी-छिपे शराब और बीयर बेची जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान दुकान से विभिन्न ब्रांड की शराब और बीयर की बोतलें बरामद हुईं।ALSO READ: बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथनपुलिस ने मौके से दुकान संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद शराब और बीयर को जब्त कर लिया गया है। मामले में आबकारी अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।सिगरा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
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वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बुधवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी की छमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नराकास के अध्यक्ष एवं बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने की, जिसमें नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार और डिजिटल माध्यमों में इसके बढ़ते उपयोग पर व्यापक चर्चा की।बैठक में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने सदस्य कार्यालयों से हिंदी को सरल, प्रभावी और तकनीक-सम्मत बनाकर अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्ध कथन "निज भाषा उन्नति अहै" का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।इस दौरान नराकास, वाराणसी की पत्रिका 'बनारस दर्पण' तथा आईआईटी-बीएचयू की राजभाषा पत्रिका 'अभ्युदय' का लोकार्पण भी किया गया। बैठक में पिछली कार्यवृत्त की पुष्टि, निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा तथा विभिन्न सदस्य कार्यालयों की राजभाषा संबंधी प्रगति और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों में हिंदी के प्रचार-प्रसार और नवाचारों से जुड़े अनुभव भी साझा किए।ALSO READ: पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह एक और मामले में बरी, 36 साल पुराने प्रकरण का पटाक्षेपपूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी के मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता जनता से उसके जुड़ाव पर निर्भर करती है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी के बढ़ते उपयोग तथा सदस्य कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।बैठक में बरेका के उप महाप्रबंधक सागर, प्राचार्य प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र सुभाष चंद्र यादव सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नराकास के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया तथा अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।