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सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सांसद पद से दिया इस्तीफा, आज लेंगी डिप्टी CM पद की शपथ

सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सांसद पद से दिया इस्तीफा, आज लेंगी डिप्टी CM पद की शपथ
Jan 31, 2026, 11:20 AM
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Posted By Preeti Kumari

अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप मेंं जल्द शपथ है. एनसीपी विधायक दल की आयोजित हुई बैठक में उन्हें अजित पवार की जगह पर आधिकारिक तौर पर नेता चुना गया है. इसके अलावा सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र विधानसभा में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी की ओर से लेजिस्लेटिव पार्टी लीडर के तौर पर व्हिप जारी करने और विधायी कामकाज करने के लिए सभी संवैधानिक अधिकार दिए गए हैं.


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वहीं, ऐसा माना जा रहा है कि, सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण में शरद पवार शामिल नहीं होंगे. क्योंकि पवार बारामती में रहेंगे. शपथ समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत एनसीपी के सांसद, विधायक संग डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे शामिल होंगे. जो ठाणे से मुंबई के लिए रवाना हो चुके हैं. सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत एनसीपी के सांसद और विधायक शामिल होंगे. इसके अलावा सुनेत्रा पवार के बेटे जय पवार भी मौजूद रहेंगे.


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राज्यसभा सांसद पद से दिया इस्तीफा


डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने से पहले सुनेत्रा पवार ने अपने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है. एनसीपी पार्टी की विधायक दल नेता चुने जाने के बाद सुनेत्रा पवार विधान भवन से निकल चुकी हैं. वरिष्ठ एनसीपी नेता दिलीप वलसे पाटिल ने विधायक दल के नेता के लिए सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा है. शपथ ग्रहण से पहले सुनेत्रा पवार विधान भवन पहुंच गई हैं, जहां थोड़ी ही देर में विधायक दल की बैठक शुरू होने वाली है. इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और प्रफुल्ल पटेल भी विधान भवन पहुंच चुके हैं. सूत्रों के मुताबिक, विधिमंडल दल के नेता के चयन की बैठक में छगन भुजबल सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं, जबकि हसन मुश्रीफ और नरहरी झिरवाल द्वारा इस प्रस्ताव का समर्थन किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है.


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बारामती में पवार परिवार की बैठक


जानकारी के मुताबिक, सुनेत्रा पवार के मुंबई पहुंचने से पहले कल बारामती में पवार परिवार की बैठक हुई है. इस बैठक में शरद पवार, सुप्रिया सुले, सुनेत्रा पवार, अजीत दादा की मां और परिवार के सदस्य मौजूद थे. शरद पवार का रुख था कि शपथ ग्रहण समारोह पर तुरंत फैसला नहीं लिया जाना चाहिए. हालांकि, पार्थ पवार और सुनेत्रा पवार अपने रुख पर अडिग रहे और मुंबई के लिए रवाना हो गए. सूत्रों के अनुसार शरद पवार ने इस बैठक में सुनेत्रा पवार को समझाने की कोशिश की.

हर घर तिरंगा अभियान के तहत छात्रों को सिखाई गई ध्वज संहिता और तिरंगा फहराने की विधि
हर घर तिरंगा अभियान के तहत छात्रों को सिखाई गई ध्वज संहिता और तिरंगा फहराने की विधि
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हर घर तिरंगा अभियान- 2026 के तहत बुधवार को ध्वज संहिता एवं ध्वज फहराने का तरीका विषयक संगोष्ठी का आयोजनकिया गया, अभियान के तहत पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में विद्यार्थियों को ध्वज संहिता एवं ध्वज फहराने के सही तरीके से अवगत कराया गया,अध्यक्षता करते हुए डॉ. प्रभाशंकर मिश्र ने कहा तिरंगा केवल राष्ट्र की पहचान नहीं, बल्कि हमारे गौरव और सम्मान का प्रतीक है.राष्ट्रध्वज का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है, जिसे हमें पूरी निष्ठा के साथ निभाना चाहिए, उन्होंने राष्ट्रगान के सम्मान और उसकी मर्यादा को ध्यान में रखना चाहिए उसका अनादर न करने की बात कही. मुख्य व्यक्ता डॉ. मनोहर लाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि राष्ट्रीय ध्वज वीरता, संपन्नता, स्वाभिमान व शांति का प्रतीक है, वहीं, अशोक चक्र संदेश देता है. कि हमे एक हो कर रहना चाहिए, जिससे हमारे विभिन्नता में एकता प्रदर्शित होता है.उन्होंने कहा कि हम चाहे कही भी रहे राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना चाहिए। झण्डा कोई फ़ैशन का विषय नहीं है, बल्कि पैशन का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने छात्रों को राष्ट्रध्वज की गरिमा और सम्मान के प्रति जागरूक रहने व दूसरों को भी जागरूक करने के लिए प्रोत्साहित किया, डॉ. अजय वर्मा ने कहा कि विशेष अवसरों पर अलग-अलग ध्वजों को फहराया जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि किस आकार के ध्वज का उपयोग कौन-कौन कर सकता है, ताकि राष्ट्रध्वज की गरिमा और निर्धारित नियमों का उचित पालन सुनिश्चित किया जा सके. डॉ. सरिता राव ने कहा कि छात्रों को राष्ट्रध्वज की स्वच्छता और गरिमा के प्रति जागरूक रहना चाहिए. ध्वज को सम्मान पूर्वक रखना चाहिए.ALSO READ : वाराणसी के घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी का पिंडदान, छोटे बेटे ने निभाई धार्मिक रस्मकार्यक्रम का संयोजन डॉ. शिवजी सिंह, संचालन खुशबू सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय ने किया. इस अवसर पर शिवांग, श्रवण, मानवेन्द्र, समर प्रताप सिंह, कशिश, सानिया, रीमा, शुभांगी, दिलकशा, अमित आदि उपस्थित रहे.
वाराणसी के घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी का पिंडदान, छोटे बेटे ने निभाई धार्मिक रस्म
वाराणसी के घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी का पिंडदान, छोटे बेटे ने निभाई धार्मिक रस्म
वाराणसी : पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी चेनम्मा देवेगौड़ा के निधन के बाद बुधवार को वाराणसी में उनके छोटे बेटे एच. डी. रमेश गौड़ा ने गंगा घाट पर विधि-विधान से पिंडदान किया. चेनम्मा देवेगौड़ा का 18 जुलाई को बेंगलुरु में निधन हुआ था.मां की आत्मा की शांति के लिए एच. डी. रमेश गौड़ा ने वाराणसी के पवित्र घाट पर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए. इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पिंडदान और अन्य धार्मिक रस्में पूरी की गईं.चेनम्मा देवेगौड़ा के बड़े बेटे एच. डी. कुमारस्वामी वर्तमान में केंद्र सरकार में भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री हैं. हालांकि, पिंडदान के लिए वाराणसी में उनके छोटे बेटे एच. डी. रमेश गौड़ा पहुंचे और उन्होंने ही धार्मिक रस्में पूरी कीं.इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर के पूर्व राजनीतिक सचिव रहे एच. एन. शर्मा भी मौजूद रहे। पिंडदान की रस्म पूरी होने के बाद एच. डी. रमेश गौड़ा और उनके साथ आए लोगों ने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया.उन्होंने बाबा विश्वनाथ से दिवंगत चेनम्मा देवेगौड़ा की आत्मा की शांति तथा परिवार के सुख-शांति की कामना की। वाराणसी के घाट पर संपन्न हुए इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान परिवार की आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण देखने को मिला.पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी चेनम्मा देवेगौड़ा के निधन के बाद बुधवार को वाराणसी में उनके छोटे बेटे एच. डी. रमेश गौड़ा ने गंगा घाट पर विधि-विधान से पिंडदान किया। चेनम्मा देवेगौड़ा का 18 जुलाई को बेंगलुरु में निधन हुआ था.मां की आत्मा की शांति के लिए एच. डी. रमेश गौड़ा ने वाराणसी के पवित्र घाट पर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पिंडदान और अन्य धार्मिक रस्में पूरी की गईं.चेनम्मा देवेगौड़ा के बड़े बेटे एच. डी. कुमारस्वामी वर्तमान में केंद्र सरकार में भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री हैं। हालांकि, पिंडदान के लिए वाराणसी में उनके छोटे बेटे एच. डी. रमेश गौड़ा पहुंचे और उन्होंने ही धार्मिक रस्में पूरी की.ALSO READ :राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्र प्रेम एवं देशभक्ति की बुनियाद को मजबूत करें युवा : प्रो. बिहारी लाल शर्माइस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर के पूर्व राजनीतिक सचिव रहे एच. एन. शर्मा भी मौजूद रहे। पिंडदान की रस्म पूरी होने के बाद एच. डी. रमेश गौड़ा और उनके साथ आए लोगों ने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया .उन्होंने बाबा विश्वनाथ से दिवंगत चेनम्मा देवेगौड़ा की आत्मा की शांति तथा परिवार के सुख-शांति की कामना की। वाराणसी के घाट पर संपन्न हुए इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान परिवार की आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण देखने को मिला.
राष्ट्रीय ध्वज  के प्रति सम्मान, राष्ट्र प्रेम  एवं देशभक्ति की बुनियाद को मजबूत करें युवा : प्रो. बिहारी लाल शर्मा
राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्र प्रेम एवं देशभक्ति की बुनियाद को मजबूत करें युवा : प्रो. बिहारी लाल शर्मा
वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में बुधवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई. जिसका उदेश्य समाज में देशभक्ति की बुनियाद मजबूत होगी, यह भाव लेकर सभी लोग एक साथ जागरूकता के साथ इस पहल में भाग लिए, कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के नेतृत्व में आज अपराह्न 1:00बजे ऐतिहासिक मुख्य भवन से एक बड़े जुलूस के साथ प्रत्येक हाथ में तिरंगा झंडा लेकर "हर घर तिरंगा" यात्रा अभियान लहुराबीर चौराहे पर स्थापित महान क्रांतिकारी अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भारत माता की जय उद्घोष के साथ विश्वविद्यालय परिसर मुख्य भवन के समक्ष सम्पन्न हो गयी.प्रो. शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता का 79 वां वर्ष पूर्ण होने तथा 80 वां वर्ष प्रारम्भ होने पर (स्वतंत्रता दिवस) राष्ट्रीय पर्व अत्यन्त गौरव के साथ मनाये जाने का अवसर है. राष्ट्र गौरव के प्रतीक तिरंगा को लगाकर बहुत धूमधाम से इस महापर्व का अभिनंदन करें. "हर घर तिरंगा" अभियान की अपील आज से प्रारम्भ है, सभी आवासों, इमारतों एवं देवालयों पर भी राष्ट्र के गौरव के प्रतीक तिरंगा को लगाकर बहुत धूमधाम से इस महापर्व का स्वागत करें.नवीन पीढ़ी के अन्दर त्याग, समर्पण और श्रद्धा का अलख जगाएं और आने वाली पीढ़ियों को तिरंगे के महत्व और प्रभाव के बारे में विस्तार से बताएं, इससे उनमें आत्मविश्वास, त्याग, समर्पण और श्रद्धा की भावना जागृत होगी। राष्ट्र भाव और आदर का प्रस्फुटन होगा. आगे वही बच्चे राष्ट्र के भविष्य हैं.राष्ट्रीय ध्वज गौरव और समृद्धि एवं सम्पूर्ण प्रभुसत्ता सम्पन्न राष्ट्र होने का सन्देश देता है. हम विश्वविद्यालय परिवार, संस्कृत समाज एवं देश के सभी जिम्मेदार नागरिकों से अपील करते हैं कि आज से हम "हर घर तिरंगा" अभियान चलाकर आत्मिक भाव से अपने- अपने घरों में तिरंगा फहराकर, अपने देश के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण व राष्ट्रवाद का भाव जागृत करें.ALSO READ : शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगेउक्त यात्रा के दौरान विश्वविद्यालय परिवार के सभी सम्मानित प्रो जितेन्द्र कुमार,प्रो सुधाकर मिश्र,प्रो हीरक कान्ति चक्रवर्ती, प्रो विधु द्विवेदी, प्रो शैलेष कुमार मिश्र, प्रो महेन्द्र पाण्डेय, ,प्रो अमित कुमार शुक्ल, प्रो दिनेश कुमार गर्ग, प्रो विजय कुमार पाण्डेय समेत छात्र एवं कर्मचारी उपस्थित थे.