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नहीं रहे सुपरस्टार धर्मेंद्र, शोक में डूबा बॉलीवुड

नहीं रहे सुपरस्टार धर्मेंद्र, शोक में डूबा बॉलीवुड
Nov 24, 2025, 10:15 AM
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Posted By Preeti Kumari

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे. जी हां, आज सोमवार 24 नवंबर को उनका निधन हो गया है. 89 साल के एक्टर धर्मेंद्र ने मुंबई में स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली है. काफी समय से बीमार होने के चलते उनका इलाज मुंबई के एक अस्पताल में चल रहा था, जिसके बाद हालत में सुधार होने पर उन्हें कुछ दिन पहले ही घर लाया गया था. घर पर ही हो रहे उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. सुपरस्टार धर्मेंद्र के निधन की जानकारी पाकर पूरा बॉलीवुड शोक में डूबा हुआ है.


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ये मुलाकात बनी धर्मेंद्र की राजनीतिक सफर


बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ कहे जाने वाले धर्मेंद्र ने अपने शानदार फिल्मी करियर के साथ-साथ राजनीति में भी हाथ आजमाया था लेकिन ये सफर उनकी फिल्मों जितना कामयाब नहीं रहा. धर्मेंद्र की उस राजनीतिक यात्रा की बात करें जो छोटी तो थी पर चर्चाओं में कम नहीं रहे. साल 2004 में धर्मेंद्र ने भारतीय जनता पार्टी के स्विंग इंडिया अभियान से प्रेरित होकर राजनीति में एंट्री ले ली थी. उस दौरान उन्होंने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के साथ वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की. उनके इसी मुलाकात ने उनके राजनीतिक सफर की शुरूआत कर दी.


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इसके बाद भाजपा ने उन्हें राजस्थान के बीकानेर लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया. फिर क्या वोट पाने की खुशी में धर्मेंद्र चुनाव मैदान में उतरे और कांग्रेस के प्रत्याशी रमेश्वर लाल दूडी को 60 हजार वोटों से हराकर जीत हासिल की. इस जीत नें उन्हें संसद तक पहुंचाया, लेकिन गजब की बात तो यह है कि फिल्मी कलाकार होने के नाते धर्मेंद्र के दिलों-दिमाग में सिर्फ और सिर्फ फिल्मों में काम करने की दीवानगी छाई हुई थी, जिसने उन्हें राजनीति में जरा भी दिलचस्पी नहीं लेने दी.


धर्मेंद्र को नहीं पसंद आई राजनीति


फिल्मी करियर पर फोकस करने वाले धर्मेंद्र को राजनीति थोड़ी भी पसंद नहीं आई. फिर क्या उन्होंने अपने मशहूर फिल्म शोले के एक डायलॉग का ज़िक्र करते हुए कहा था कि अगर सरकार उनकी बात नहीं सुनेगी तो वे संसद की छत से कूद जाएंगे. हालांकि वे बड़ी जीत के साथ सांसद बने, पर अफसोस फिल्मी काम-काज में वो इतने व्यस्त रहने लगे कि संसद में उनके कार्यकाल से लेकर उनकी कम उपस्थिति का कारण राजनीति छोड़ना सुर्खियों में रहा, जिसने उनका राजनीति से नाता ही छुड़ा दिया.


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साल 2009 में अपना संसदीय कार्यकाल पूरा करने के बाद धर्मेंद्र ने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया. बाद में उनके बेटे सनी देओल ने एक इंटरव्यू में बताया कि धर्मेंद्र को राजनीति पसंद नहीं थी और क्योंकि उन्हें अफसोस इस बात का था कि उनके काम क्रेडिट कोई और ले जाता था. शायद वो जगह उनके लिए कुछ ठीक-ठाक नहीं थी. इसके बाद बाद में उनके बेटे सनी देओल और पत्नी हेमा मालिनी ने भी राजनीति में कदम रखा, लेकिन धर्मेंद्र ने हमेशा दूरी बनाए रखी. सनी देओल ने गुरदासपुर से एक बार चुनाव जीता और फिर राजनीति छोड़ दी. वहीं हेमा मालिनी तीन बार मथुरा से सांसद चुनी जा रही हैं.

अमेरिका की हिरासत में वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो, ट्रंप का बड़ा दावा
अमेरिका की हिरासत में वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो, ट्रंप का बड़ा दावा
अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को आज गिरफ्तार कर लिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला में एक बड़ी कार्रवाई की है. इस ऑपरेशन में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को अपनी हिरासत में लेकर देश से बाहर निकाल दिया है. ट्रंप ने यह बयान अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिया है. यह कार्रवाई अकेले नहीं, बल्कि अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर की गई है. ट्रंप के मुताबिक इस पूरे ऑपरेशन की सभी जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दी जाएगी. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका की डेल्टाफोर्स ने पकड़ा है.क्या चीन भागने वाले थे मादुरोवेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर लगातार डोनाल्ड ट्रंप दबाव बनाने के लिए कैरिबियन में बड़े पैमाने पर अपनी सेना तक तैनात कर रखी थी. जिसके चलते लगातार ड्रग्स वाली नाव पर हमले हो रहे थे. इन्हें देखकर मादुरो ने ये संकेत दिया था कि वह ड्रग तस्करी और तेल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार हैं. यहां तक की राष्ट्रपति मादुरो ने वेनेजुएला के सरकारी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका जहां चाहे और जब चाहे बातचीत कर सकता है, इसके लिए वो पुरी तरह से तैयार है, इस बयान से पहले उन्होंने बीते शुक्रवार को चीन विशेष दूत किउ शियाओची से वेनेजुएला की राजधानी कराकस में मुलाकात की थी. जिसे देख अटकलें लगाई जा रही हैं कि चीन को इस तरह के अटैक की खबर थी और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को देश से बाहर निकालने का ऑफर दिया गया. लेकिन चीन जाने से पहले ही उन्हें अमेरिका ने अपनी हिरासत में ले लिया.कराकस में सुनाई दिए जोरदार धमाके मादुरो के चीन भागने वाले दावे के कुछ ही घंटों पहले वेनेजुएला की राजधानी कराकस में जोरदार धमाके सुनाई देने लगे. जहां कई घंटों तक शहर के कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं. आसमान में लड़ाकू विमान उड़ते दिखे और कई जगहों पर काले धुएं के गुबार नजर आए. शहर के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक बड़े सैन्य अड्डे के आसपास बिजली गुल हो गई. लोग घबराकर सड़कों पर निकल आए और मोबाइल से वीडियो बनाने लगे. इसका मंजर सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में तेज रोशनी और धमाकों के बाद उठता धुआं साफ देखा जा सकता है.इस मामले में वेनेजुएला सरकार ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमले सिर्फ कराकस तक सीमित नहीं थे बल्कि मिरांडा अरागुआ और ला गुएरा राज्यों में भी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है. इसके बाद राष्ट्रपति मादुरो की ओर से देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की गई और सुरक्षा बलों को पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया. वहीं इस हमले का आरोप अमेरिका पर लगाया गया है.
दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे CM योगी, अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की ली समीक्षा
दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे CM योगी, अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की ली समीक्षा
वाराणसी : दो दिवसीय दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी पहुंचे. मुख्यमंत्री शाम को बाबतपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे और वहां से सीधे सर्किट हाउस पहुंचे. सर्किट हाउस में कुछ देर विश्राम के बाद उन्होंने, शहर के विकास परियोजनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के लिए उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की.इसके बाद सीएम योगी कालभैरव दर्शन पूजन, काशी विश्वनाथ दर्शन पूजन करेंगे और टाउनहॉल के रैन बसेरे में रहने वालों से मुलाकात करेंगे.यहां कंबल बांटेंगे और भोजन वितरण करेंगे. इसके बाद वे सर्किट हाउस आकर विश्राम करेंगे.अगले दिन, रविवार को सुबह 11 बजे वे संपूर्णानंद नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निरीक्षण करेंगे. इसके बाद सिगरा स्टेडियम में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबाल चैंपियनशिप के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लेंगे. दोपहर दो बजे वे एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए रवाना होंगे.ALSO READ : काशी में वॉलीबॉल का महाकुंभ: 72वीं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे, पीएम मोदी
क्या आपको भी सर्दियों में हो रहा यूरिन इन्फेक्शन, जाने बचाव
क्या आपको भी सर्दियों में हो रहा यूरिन इन्फेक्शन, जाने बचाव
सर्दियों की पहली लहर आते ही हमारे शरीर में कई तरह से बदलाव होने शुरू हो जाते है. हवा में ठंडक बढ़ते ही त्वचा रूखी होती है, होंठ फटते हैं, प्यास कम लगती है और हम धीरे-धीरे गर्म चीज़ों की ओर खिंचने लगते हैं. लेकिन एक बदलाव ऐसा भी है जो ज़्यादातर लोग महसूस करते हैं, फिर भी इसे गंभीरता से लेने के बजाय इसमें लापरवाही बरतनी शुरू कर देते है. अक्सर कुछ लोगों को ठंड भरे मौसम में यूरिन इंफेक्शन की संभावना बढ़ने लगती है, कई लोग इसे ठंड का साधारण असर समझते हैं, पर बात इतनी सी नहीं हैं, क्योंकि कभी-कभी अंदरूनी असर भी काफी गहरा होता हैं.कभी-कबार तो लोगों को यूरिन समस्या काफी होने लगती है, जैसे सर्दियों में बार-बार यूरिन पास करने की इच्छा, जलन, पेशाब में गंध, या निचले पेट में हल्का दर्द महसूस करते हैं, तो यह सिर्फ ठंड की शरारत नहीं है, यह संकेत हो सकता है कि आपका मूत्राशय, गुर्दे या मूत्रमार्ग ठंड की वजह से संवेदनशील हो रहे हैं. आयुर्वेद में इसे एक बेहद दिलचस्प दृष्टिकोण से समझाया गया है — मौसम, दोष और शरीर का संतुलन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े होते हैं, जैसे-जैसे तापमान गिरता है, वैसे-वैसे वात और कफ दोष अपना प्रभाव बढ़ाते हैं, और यही बदलाव कई बार मूत्र संबंधी समस्यां बनने में जरा भी देर नहीं लगने देता. इसलिए आज हम आपको ये बताएंगे कि ठंड में यूरिन इंफेक्शन से जुड़ी समस्यां क्यों बढ़ने लगती है.ठंड में यूरिन इंफेक्शन क्यों बढ़ता हैसर्दियों में आपका शरीर अपनी गर्मी को बचाने की कोशिश करता है. शरीर की रक्त वाहिकाएँ सिकुड़ने लगती हैं ताकि गर्मी बाहर न निकले. यही सिकुड़न मूत्रमार्ग और उसके आसपास के हिस्सों को थोड़ा संवेदनशील बनाती है, इससे पेशाब साफ़-साफ़ निकल नहीं पाता और रुकावट जैसी स्थिति बनती है, ऐसी स्थिति में बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिल जाता है, जिससे यूरिन समस्या बढ़ती है. सर्दियों में प्यास कम लगना भी एक बड़ी वजह है, पर कुछ भी करके हमें पानी पीते रहना चाहिए, नहीं तो पानी कम पीने से मूत्र अधिक गाढ़ा हो जाता है, जो पेशाब के जरिए बाहर निकलने में दिक्कते पैदा करता है. साथ ही गाढ़ा मूत्र बैक्टीरिया के बढ़ने के लिये उपयुक्त वातावरण बनाता है. इसके अलावा ठंड में लोग अक्सर बाथरूम जाने से भी कतराते हैं, पर ये परिणाम कई बार गंभीर हो जाते हैं.यूरिन इंफेक्शन के लक्षण पहचानेंसर्दियों के मौसम में शरीर कई बार हल्के संकेत भी ज़्यादा स्पष्ट महसूस नहीं होने देता है, ऊपरी तौर पर सब सामान्य लगता है पर मूत्र तंत्र के भीतर छोटे बदलाव शुरू हो चुके होते हैं. इसलिए UTI को जल्दी पहचानना बेहद जरूरी है ताकि संक्रमण गहराने न पाए. अगर आपको पेशाब करने में हल्की जलन महसूस हो या बार-बार पेशाब की इच्छा के बावजूद बहुत कम मूत्र आ रहा हो, तो इसे साधारण ठंड समझकर टालना समझदारी नहीं है, कुछ लोग इसे पानी कम पीने से जोड़ देते हैं, जबकि यह UTI का शुरुआती चरण हो सकता है.सर्दियों में UTI से बचने की ये सावधानियाँसावधानियाँ किसी भी संक्रमण से बचने का सबसे सरल तरीका हैं. सर्दियों में वात और कफ दोनों बढ़ते हैं इसलिए आपको ऐसी आदतें अपनानी चाहिए जो शरीर को गर्म रखें, मूत्रमार्ग को साफ रखें और प्यास की कमी को संतुलित करें. पानी पीने की नियमित आदत बनाएं, पेशाब कभी न रोकें, जननांगों की स्वच्छता पर ध्यान दें, गरम और सुपाच्य भोजन ही खाए, बहुत भारी ऊनी कपड़े कभी-कभी पसीने को रोक देते हैं जिससे क्षेत्र नम होकर बैक्टीरिया के लिये अनुकूल वातावरण बना देता है, इसलिए लेयरिंग करें पर ऐसे कपड़े चुनें जिनसे त्वचा सांस ले सके. इन्हें अपनाकर आप सर्दियों में काफी हद तक UTI से बचाव कर सकते हैं.