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तमिलनाडु से काशी पहुंचा पांचवां दल, डमरू वादन और पुष्पवर्षा के बीच हुआ स्वागत

तमिलनाडु से काशी पहुंचा पांचवां दल, डमरू वादन और पुष्पवर्षा के बीच हुआ स्वागत
Dec 10, 2025, 07:49 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - काशी तमिल संगमम् 4.0 में तमिलनाडु से काशी आने वाले समूह का सिलसिला जारी है. तमिलनाडु से काशी तमिल संगमम् 4.0 में शामिल होने के लिए पांचवां दल विशेष ट्रेन से बनारस रेलवे स्टेशन पहुंचा. जिसमें बड़ी संख्या में पेशेवर और कारीगर शामिल थे. स्टेशन पर उतरते ही मेहमानों का पारंपरिक तरीके से डमरू वादन,पुष्प वर्षा और ‘हर-हर महादेव’ तथा 'वणक्कम काशी’ के उद्घोष से भव्य स्वागत किया गया; इन मेहमानों के स्वागत के लिए पुलिसकर्मी स्टेशन पर मौजूद रहे.

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स्टेशन पर पारंपरिक स्वागत देखकर तमिल दल के सदस्यों में खासा उत्साह देखने को मिला. कई लोगों ने कहा कि काशी में मिल रही गर्मजोशी और आध्यात्मिक वातावरण उनके लिए अविस्मरणीय है. डमरू वादन की ध्वनि से पूरा परिसर शिवमय हो गया और काशी व तमिलनाडु की सांस्कृतिक एकता की झलक साफ दिखाई दी.

इस दल में शामिल लोगों ने कहा कि काशी आध्यात्मिक नगरी है. यहां बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के बाद हम लोग एकेडमिक कार्यक्रम में शामिल होंगे. वहां बहुत कुछ सीखने और जानने को मिलेगा. कुछ ऐसे भी डेलीगेट दिखे जो काशी की धरती पर उतरते ही दंडवत लेट गए. उन्होंने कहा कि यह पवित्र धरती है यहां आकर बहुत खुशी हुई है दो राज्यों के संस्कृति और भाषा का मिलन हो रहा है.


बता दें कि काशी तमिल संगमम् 4.0 का आयोजन 2 दिसंबर से चल रहा है. इस आयोजन में तमिलनाडु से अलग—अलग समूह काशी, प्रयागराज और अयोध्या का भ्रमण कर रहे हैं. इस दौरान तमिल समूह को विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से रुबरु कराया जा रहा है.


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मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
वाराणसी : पूर्व वायुसेना अधिकारी के मृत भाई की करीब 40 करोड़ रुपये की संपत्ति धोखे से हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. इस संबंध में सोमवार को मंडुवाडीह थाने में दंपती समेत छह नामजद और छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. लहरतारा निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कमांडर राय अजय कुमार ने पुलिस को बताया कि उनके मंझले भाई राय विमल कुमार अमेरिका में डॉक्टर थे. वर्ष 2017 में वह भारत लौटे और वाराणसी स्थित पैतृक निवास के अलावा एंबी वैली में रहने लगे. आरोप है कि कैलाश दामू मालखेड़े और उनकी पत्नी नीता ने देखभाल करने के बहाने राय विमल कुमार के घर में प्रवेश किया.तहरीर के अनुसार, दंपती ने राय विमल कुमार को शराब में नशीली दवाएं मिलाकर दीं, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई. इसके बाद आरोपियों ने उनके बैंक खातों, डेबिट कार्ड, जमीन के दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन पर कब्जा कर लिया. आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को कोटक महिंद्रा बैंक के खातों में नॉमिनी भी बनवा लिया. राय अजय कुमार ने आरोप लगाया कि राय विमल कुमार के जीवित रहते और उनकी मृत्यु के बाद करीब 40 करोड़ रुपये की राशि आरोपियों ने अपने खातों में स्थानांतरित कर ली.ALSO READ:समीक्षा बैठक : सीपी बोले - साइबर ठगों के केवल प्यादों तक सीमित न रहें, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाएतहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने 28 अगस्त 2025 और 30 मई 2026 को घर में घुसकर धमकी दी और मारपीट की. मंडुवाडीह थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि कैलाश दाम मालखेड़े, नीता मालखेड़े, चंद्रमोहन रामस्वरूप बग्गा, सुयश भीमरव सीताफले, सिमरन चंद्र मोहन बग्गा और वैभव देवीदास घुगरे समेत छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े आरोपों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
समीक्षा बैठक : सीपी बोले - साइबर ठगों के केवल प्यादों तक सीमित न रहें, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाए
समीक्षा बैठक : सीपी बोले - साइबर ठगों के केवल प्यादों तक सीमित न रहें, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाए
वाराणसी : साइबर अपराध के नित-नए तरीकों और आधुनिक ठगी के तौर-तरीकों पर नकेल कसने के लिए वाराणसी कमिश्‍नरेट पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है. सोमवार की देर शाम कैम्प कार्यालय में आयोजित साइबर क्राइम समीक्षा गोष्ठी में पुलिस कमिश्‍नर मोहित अग्रवाल ने मातहतों को दो टूक निर्देश देते हुए कहा कि वाराणसी की पुलिसिंग में समयानुकूल बदलाव बेहद जरूरी है. साइबर ठगों के केवल प्यादों तक न सीमित रहकर, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाए. प्रत्येक जोन साइबर प्रभारी को 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए. पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल तकनीकी संसाधनों और इंटेलिजेंस को मजबूत करना ही काफी नहीं है, बल्कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई और समयबद्ध निस्तारण से ही जनता का विश्वास और मजबूत होगा.पुलिस आयुक्त ने पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराध के इकोसिस्टम को तोड़ने के लिए निर्देश दिए. म्यूल एकाउंट खुलवाने और संचालित करने वालों को चिन्हित कर जेल भेजा जाए. अवैध रूप से सिम जारी करने वाली एजेंसियों व डीलरों और फर्जी कॉल सेंटरों पर शिकंजा कसा जाए. एटीएम से पैसे निकालने वाले गिरोहों की पहचान कर वित्तीय फ्रॉड की रकम को तुरंत होल्ड कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए. पुलिस आयुक्त ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीमों की सराहना करते हुए कार्रवाई को और परिणामपरक बनाने पर जोर दिया. समीक्षा बैठक में पुलिस उपायुक्त (अपराध) नीतू, पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार पांडेय, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) नृपेन्द्र समेत सभी जोनों के साइबर प्रभारी और थानों के साइबर नोडल अधिकारी रहे.एक साल में साइबर पर ताबड़तोड़ प्रहारपुलिस आयुक्त ने मोहित अग्रवाल ने बताया कि एक साल में साइबर अपराधियों पर लगातार वार किया गया. संगठित ठगी करने वाले 58 गिरोहों का भंडाफोड़ कर 277 अपराधियों को जेल भेजा गया. 'डिजिटल अरेस्ट' के 5 मामलों में 36 आरोपी गिरफ्तार किए गए. इनसे 1.20 करोड़ नकदी, वाहन और डिजिटल उपकरण बरामद हुए. फर्जी नौकरी, निवेश और विदेशी नागरिकों को ठगने वाले 15 अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश कर 175 आरोपी दबोचे गए. नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की लगभग 17 हजार शिकायतों का समाधान, पीड़ितों के 25 करोड़ खाते में होल्ड कराए गए और प्रक्रिया पूरी कर 4.5 करोड़ पीड़ितों को वापस दिलवाए गए. ठगी में उपयोग 10 हजार से अधिक मोबाइल नंबर और 8262 आईएमईआई नंबरों को हमेशा के लिए ब्लॉक कराया गया.संगठित साइबर नेटवर्क चलाने वाले 21 मुख्य आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई. ठगों के झांसे व प्रलोभन में फंसे 550 नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया और 17 चार-पहिया वाहन जब्त किए गए. वहीं, स्कूल-कॉलेजों और चौराहों पर अभियान चलाकर 25 हजार से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के उपाय बताए गए.ALSO READ:मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
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वाराणसी : पूर्व वायुसेना अधिकारी के मृत भाई की करीब 40 करोड़ रुपये की संपत्ति धोखे से हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. इस संबंध में सोमवार को मंडुवाडीह थाने में दंपती समेत छह नामजद और छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. लहरतारा निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कमांडर राय अजय कुमार ने पुलिस को बताया कि उनके मंझले भाई राय विमल कुमार अमेरिका में डॉक्टर थे. वर्ष 2017 में वह भारत लौटे और वाराणसी स्थित पैतृक निवास के अलावा एंबी वैली में रहने लगे. आरोप है कि कैलाश दामू मालखेड़े और उनकी पत्नी नीता ने देखभाल करने के बहाने राय विमल कुमार के घर में प्रवेश किया.तहरीर के अनुसार, दंपती ने राय विमल कुमार को शराब में नशीली दवाएं मिलाकर दीं, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई. इसके बाद आरोपियों ने उनके बैंक खातों, डेबिट कार्ड, जमीन के दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन पर कब्जा कर लिया. आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को कोटक महिंद्रा बैंक के खातों में नॉमिनी भी बनवा लिया. राय अजय कुमार ने आरोप लगाया कि राय विमल कुमार के जीवित रहते और उनकी मृत्यु के बाद करीब 40 करोड़ रुपये की राशि आरोपियों ने अपने खातों में स्थानांतरित कर ली.तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने 28 अगस्त 2025 और 30 मई 2026 को घर में घुसकर धमकी दी और मारपीट की. मंडुवाडीह थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि कैलाश दाम मालखेड़े, नीता मालखेड़े, चंद्रमोहन रामस्वरूप बग्गा, सुयश भीमरव सीताफले, सिमरन चंद्र मोहन बग्गा और वैभव देवीदास घुगरे समेत छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े आरोपों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.ALSO READ :ज्ञानवापी सुरक्षा में तैनात महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, नेम प्लेट खींचा, पहचान पत्र छीना, मां-बेटी पर केस