42 डिग्री पार तापमान ने रोकी काशी की रौनक, सूने पड़े घाट, पर्यटक मायूस

Temperatures exceeding 42 degrees have dampened the spirit of Kashi, leaving the ghats desolate and tourists disappointed.
वाराणसी: भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने इन दिनों काशी की रौनक पर असर डालना शुरू कर दिया है. वाराणसी का तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिसका सीधा असर यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों पर देखने को मिल रहा है. जो घाट आम दिनों में श्रद्धालुओं, पर्यटकों और नौकायन करने वालों से गुलजार रहते थे, वहां अब सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है.

तेज धूप और लू जैसे हालात योजनाओं पर फेर रहे पानी
काशी आने वाले लोग मां गंगा में स्नान, बाबा विश्वनाथ के दर्शन और गंगा में नौकायन की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन तेज धूप और लू जैसे हालात ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया है. दिन चढ़ते ही घाटों पर लोगों की आवाजाही कम हो जा रही है और कई जगह दोपहर में वीरानी जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं. गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों और जलचरों पर भी पड़ रहा है. तपती धूप से जानवर भी छांव तलाशते नजर आ रहे हैं, जबकि गंगा किनारे भी सामान्य चहल-पहल कम दिख रही है.

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कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि सोशल मीडिया और तस्वीरों में जिस काशी को देखा था, यहां उस तरह की भीड़ और रौनक इस समय देखने को नहीं मिली. उनका कहना है कि मौसम सामान्य होता तो घाटों का नजारा कुछ और ही होता. दिन के समय भवनों और सड़कों से निकलती गर्मी ने हालात और मुश्किल बना दिए. लोगों को ऐसा महसूस हुआ मानो चारों ओर से गर्म हवा का थपेड़ा मिल रहा हो. पछुआ हवा के बंद रहने से राहत नहीं मिलती दिखाई पड रही है. हवा में नमी का स्तर भी सीमित रहा, जिससे गर्मी और अधिक तीखी महसूस हुई.




