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बीएचयू शिक्षा संकाय का 109वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया

बीएचयू शिक्षा संकाय का 109वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया
Aug 16, 2026, 12:05 PM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय का 109वां स्थापना दिवस रविवार को कमच्छा स्थित चाणक्य सभागार में समारोहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में करीब 700 लोगों ने भाग लिया, जिनमें 300 से अधिक पूर्व विद्यार्थी शामिल रहे। समारोह में संकाय के गौरवशाली इतिहास, शैक्षणिक परंपरा और शिक्षक शिक्षा के भविष्य पर विचार-विमर्श किया गया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता संकाय के पूर्व विद्यार्थी, पूर्व कुलपति तथा शिक्षा संकाय के पूर्व प्रमुख एवं अधिष्ठाता प्रो. हरिकेश सिंह ने की। उन्होंने कहा कि ज्ञान, प्रशिक्षण और प्रसार शिक्षण संस्थानों की मूल जिम्मेदारियां हैं और शिक्षा संकाय ने 108 वर्षों की अपनी यात्रा में इन दायित्वों को प्रभावी ढंग से निभाया है।


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प्रो. सिंह ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। किसी राष्ट्र की समृद्धि उसकी बौद्धिक क्षमता पर निर्भर करती है और शिक्षक ही इस क्षमता को दिशा, मूल्य और संस्कार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति ने जीवन में कौन-सा पद हासिल किया, इससे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि उसने समाज और राष्ट्र के लिए क्या योगदान दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का निर्माण कक्षा में होता है।


उन्होंने शिक्षकों से विचार, वाणी और व्यवहार में अनुशासन एवं संयम अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक शिक्षा का माध्यम हो सकती है, लेकिन मनुष्य को वास्तविक अर्थों में मानवीय बनाने की जिम्मेदारी अंततः मनुष्य की ही रहेगी।


प्रो. सिंह ने शिक्षा संकाय के तीन प्रमुख कार्यक्षेत्र शिक्षण, शोध और विस्तार बताए। उन्होंने कहा कि शिक्षण प्रामाणिक, शोध गुणवत्तापूर्ण और विस्तार कार्य प्रासंगिक होना चाहिए। इन तीनों के समन्वय को उन्होंने शिक्षा की जीवंतता से जोड़ते हुए कहा कि जब शिक्षण, शोध और विस्तार मजबूत होते हैं तो ‘टीआरई’ एक ‘ट्री’ यानी वृक्ष का रूप ले लेता है, जो शिक्षा की वृद्धि और जीवन्तता का प्रतीक है।


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उन्होंने कहा कि शिक्षा संकाय की बौद्धिक परंपरा में श्री अरविंद की दृष्टि और महामना मदन मोहन मालवीय की शैक्षिक विचारधारा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। परंपरा को केवल याद करने के बजाय उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्ष 1930 में आयोजित प्रथम एशियाई शैक्षिक सम्मेलन का उल्लेख करते हुए वर्ष 2030 में शिक्षा संकाय के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा।


उन्होंने आधुनिकता और परंपरा के बीच संतुलन स्थापित करने तथा समाज को साझा ज्ञान और समान अवसर वाली तकनीक से सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्थापना दिवस को शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा और संकल्प का अवसर बताया।

समारोह का प्रमुख आकर्षण महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की संगमरमर की अर्धप्रतिमा और मां सरस्वती की नई प्रतिमा का अनावरण रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण और सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद प्रतिमाओं का अनावरण एवं माल्यार्पण किया गया।


समारोह में बीएचयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अवधेश कुमार, बिहार के लखीसराय के जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्रा, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. करुणा शंकर मिश्रा, प्रो. गीता राय, बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. वीएस मिश्रा, प्रो. अभिमन्यु सिंह, मालवीय अभिलेखागार के समन्वयक प्रो. ध्रुव कुमार सिंह, प्रो. रचना दुबे, प्रो. सीमा सिंह, डॉ. नवल किशोर शाही, डॉ. इकरामुद्दीन सहित कई शिक्षाविद और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


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300 से अधिक पूर्व विद्यार्थियों का सम्मान


समारोह के दौरान शिक्षा संकाय के 300 से अधिक पूर्व विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। उन्हें सम्मानस्वरूप भगवद्गीता की प्रतियां भेंट की गईं। यह संकाय के मूल्यों और शैक्षिक परंपरा से पूर्व विद्यार्थियों के जुड़ाव का प्रतीक रहा। शिक्षा संकाय पूर्व विद्यार्थी संघ की अध्यक्ष प्रो. सीमा सिंह ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए आभार जताया।


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विद्यार्थियों ने प्रो. मीनाक्षी सिंह के निर्देशन में करीब 90 विद्यार्थियों की सहभागिता से ऐतिहासिक नाटक ‘स्वप्न से संकल्प तक’ प्रस्तुत किया। संकाय की यात्रा पर आधारित श्रव्य-दृश्य फिल्म भी प्रदर्शित की गई। वहीं श्रवण ने संकाय को दर्शाती आभासी ड्रोन फिल्म प्रस्तुत की। इस अवसर पर डॉ. मुदित पांडेय के संपादन में संकाय की पहली समाचार-पत्रिका का भी विमोचन किया गया।


विकसित भारत 2047 पर शैक्षणिक सत्र


‘विकसित भारत 2047 : शिक्षक शिक्षा की दृष्टि और बीएचयू शिक्षा संकाय की भूमिका’ विषय पर शैक्षणिक सत्र आयोजित किया गया। इसमें प्रो. अजीत नारायण त्रिपाठी, प्रो. करुणा शंकर मिश्रा, प्रो. नागेंद्र नाथ पांडेय, बीएचयू के शिक्षक शिक्षा के समन्वयक प्रो. प्रेम नारायण सिंह और प्रो. अभिमन्यु सिंह ने विचार रखे। वक्ताओं ने विकसित भारत के निर्माण में मूल्यों पर आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। सत्र का संचालन डॉ. सोमू सिंह ने किया।


समारोह में शिक्षा संकाय, आर्य महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय और वसंत महाविद्यालय, राजघाट के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। पूर्व विद्यार्थी डॉ. आलोक द्विवेदी और संकाय कर्मचारी रामबिलास ने भी प्रस्तुति दी।


कार्यक्रम का संचालन प्रो. मीनाक्षी सिंह और डॉ. अजय सिंह ने किया, जबकि समग्र समन्वय डॉ. विनोद कुमार सिंह ने किया। शिक्षा संकाय के प्रमुख एवं अधिष्ठाता प्रो. सुनील कुमार सिंह ने कार्यक्रम को दिशा प्रदान की और स्वागत तथा धन्यवाद ज्ञापन किया। समारोह में शहर के विभिन्न शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों और शिक्षा संकाय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने भी भाग लिया।

नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग की ओर से नशा मुक्ति अभियान के तहत रविवार को काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. राजमुनि एवं डॉ. अविनाश कुमार सिंह शामिल रहे। प्रतिभागियों ने काव्य पाठ के माध्यम से नशे से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान को सामने रखा। निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बाद परिणाम घोषित किए गए।प्रतियोगिता में हिंदी विभाग के शोधार्थी हनुमान राम ने प्रथम, शोधार्थी आकाश सिंह ने द्वितीय तथा हिंदी विभाग के स्नातक विद्यार्थी अंकुर कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।ALSO READ : बाढ़ प्रभावित इलाकों में उतरा नगर निगम, बीमारियों की रोकथाम पर जोर...कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली। डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने विजेताओं एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और ज्ञानार्जन के प्रति सकारात्मक लगाव विकसित करने का आह्वान किया।विभागाध्यक्ष प्रो. राजमुनि ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में उतरा नगर निगम, बीमारियों की रोकथाम पर जोर...
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वाराणसी. गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बाद बाढ़ प्रभावित और तटीय इलाकों में संक्रामक बीमारियों के खतरे को देखते हुए नगर निगम ने विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने रविवार को कोनिया वार्ड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को जल निकासी, सफाई, फागिंग और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव में तेजी लाने के निर्देश दिए।नगर आयुक्त ने कोनिया वार्ड स्थित बैतरणी कुंड और धोबी घाट क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने बैतरणी कुंड के तत्काल सुंदरीकरण के साथ पूरे परिसर की गहन सफाई कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर जलभराव वाले स्थानों पर पंप लगाकर पानी की निकासी कराई जाए।उन्होंने सीवर लाइनों की तत्काल सफाई कराने तथा मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए नियमित फागिंग और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए, ताकि रात में स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।नगर निगम प्रशासन का कहना है कि बाढ़ के बाद जलभराव और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों तथा मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में सफाई और जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।ALSO READ :नैन्सी और वंशिका की जोड़ी ने दिखाया शानदार खेल, वाराणसी सेमीफाइनल मेंनिरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद अमर देव, जोनल अधिकारी पवन कुमार, अवर अभियंता (सामान्य) सुखपाल, स्वास्थ्य निरीक्षक पवन श्रीवास्तव और आलोक विभाग के इंजीनियर हरीश मिश्रा समेत नगर निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नैन्सी और वंशिका की जोड़ी ने दिखाया शानदार खेल, वाराणसी सेमीफाइनल में
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वाराणसीः प्रदेशीय विद्यालयीय हैंडबाल प्रतियोगिता के अंडर 14 आयु बालिका वर्ग में वाराणसी मंडल ने रविवार को लखनऊ मंडल को हैंडबॉल का पाठ पढ़ाते हुए 14-0 गोल से पराजित कर शानदार तरीके से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी.डा. भीमराव अंबेडकर क्रीड़ा संकुल बड़ा लालपुर में खेले गए इस मैच में वाराणसी मंडल की नैन्सी यादव और वंशिका प्रजापति ने शुरू से रनिंग शॉट और जंपिंग शॉट की नीति अपनाई।बाएं विंग से आक्रमण की शुरुआत की. जब तक लखनऊ मंडल की टीम संभालती तब वाराणसी मंडल 4-0 गोल से आगे हो चुकी थी. एक बार लखनऊ मंडल को टीम ने काउंटर अटैक किया. उसे वाराणसी मंडल की गोलकीपर दिव्या पटेल ने बेकार कर दिया. हाफ टाइम तक वाराणसी मंडल की टीम 7-0 गोल से आगे थी. दूसरे हाफ में वाराणसी मंडल की टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव किया. आरती, आयुषी और अंशिका ने छोटे छोटे पास की रणनीति अपनाई. तीनों खिलाड़ियों को बैक अप स्पोर्ट नैन्सी और वंशिका कर रही थी. इस हॉफ में दो बार लखनऊ मंडल की टीम ने गोल करने का प्रयास किया. दोनों बार बाल गोल पोस्ट को छूते हुए बाहर चला गया. मैच समाप्त होने की जब लंबी सीटी बजी उस समय वाराणसी मंडल 14-0 से आगे थी. वाराणसी मंडल की तरफ से नैन्सी यादव और वंशिका प्रजापति ने चार-चार, आयुषी और आरती ने तीन-तीन गोल किया.ALSO READ : पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान शास्त्री में प्रवेश की आवेदन तिथि 30 अगस्त तक बढ़ीइसी आयु वर्ग में अलीगढ़ मंडल ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय को 4-0 से और अयोध्या मंडल ने कानपुर मंडल को 12- 0 से पराजित कर अंतिम चार में प्रवेश किया.आयोजन सचिव डी. एके सिंह ने बताया कि शाम को बारिश के कारण मैदान गिला हो गया। शेष आयु वर्ग के मैच सोमवार को सुबह 7.30 बजे से खेले जाएंगे.