मासूमों के साथ दरिंदगी का अंजाम अंदाज से भी खौफनाक...

वाराणसी : इंस्टाग्राम के माध्यम से नाबालिग बच्ची का अश्लील वीडियो प्रसारित करने के आरोप में पुलिस ने जैतपुरा थाना क्षेत्र के हिस्तल्ले निवासी मो. नईम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में कार्रवाई गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से साइबर सेल वाराणसी को सूचना मिलने पर की गई. मुकदमा जैतपुरा थाना के साइबर प्रभारी सब इंस्पेक्टर हृदय लाल ने दर्ज कराया. उनके मुताबिक मासूम के साथ दुष्कर्म का 29 सेकेंड का वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया था. यह कोई पहली घटना नहीं जिसमें मासूमों के साथ दरिंदगी करने वाले को उसके अंजाम तक पहुंचाया गया हो. ऐसे ही एक दरिंदे को कुछ दिनों पहले सीबीआई ने आजीवन कारावास की सजा दिलाई.
मासूम को बनाया था हवस का शिकार
लमही के रहने वाले रवि पटेल ने तीन साल तक एक मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाया. उसे लगा कि उसका कुकर्म दुनिया से छुप गया लेकिन सीबीआई के स्पेशल ब्रांच को इसकी खबर लग गई. 11 साल की मासूम की जिंदगी बर्बाद करने वाले इस दरिंदे को सीबीआई की दिल्ली की टीम ने बनारस में दबोच लिया. उसके खिलाफ मजबूत साक्ष्य अदालत के समक्ष रखकर उसे आजीवन कारावास की सजा करा दी. यह सिर्फ घटना नहीं बल्कि उनके लिए चेतावनी है जो मासूम को पर अपनी गंदी नजर रखते हैं. उन्हें समझना होगा कि कोई भी गलत हरकत की तो सीबीआई की नजर से बच नहीं सकेंगे और जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे गुजरेगी.
बालिका के साथ घिनौनी हरकत की वीडियो किया था पोस्ट
सीबीआई के जरिए गांडीव डिजिटल को मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में 11 साल की बालिका सामान लेने के लिए पड़ोसी रवि कुमार पटेल की दुकान पर जाती थी. वहां रवि उसे अपने मोबाइल पर पोर्न वीडियो दिखाता था. एक दिन रवि ने बालिका के कपड़े हटाकर अपने मोबाइल से उसकी आपत्तिजनक फोटो लिया और वीडियो बनाया. इसे घरवालों को दिखाने की धमकी देकर बालिका के साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद मासूम के साथ दरिंगी का सिलसिला तीन साल तक चलता रहा. रवि अपनी घिनौनी हरकतों की वीडियो भी अपने मोबाइल से बनाता था. उसने वीडियो को इंटरनेट पर भी पोस्ट कर दिया.
सीबीआई ने शुरू की मामले की जांच
बालिका का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया. वर्ष 2022 में गुगल के जरिए इसकी जानकारी सीबीआई को मिली. सीबीआई की स्पेशल ब्रांच आनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज एंड एक्सप्लाटेशन प्रिवेंशन यूनिट ने 27 जून 2022 को अज्ञात के खिलाफ नई दिल्ली मे मुकदमा दर्ज किया. जांच अधिकारी ब्रांच के तत्कालीन इंस्पेक्टर राबिन कुमार अत्याधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल करते हुए रवि कुमार पटेल तक पहुंच गए. 13 जुलाई 2022 को पकड़कर पूछताछ की तो उसने मासूम के साथ गलत हरकत को स्वीकार किया उसके बारे में जानकारी दी. सीबीआई टीम ने बालिका के मां से संपर्क करके उसके साथ हुई घिनौनी हरकत की जानकारी दी तो वह हतप्रभ रह गई. उसे यकीन नहीं हो रहा था कि उसकी बेटी के साथ रवि ऐसा कर सकता है. पीड़िता ने भी रवि की हरकतों की पूरी जानकारी सीबीआई को दी.
जांच अधिकारी राबिन कुमार ने छह सितंबर 2022 को अदालत में रवि कुमार पटेल के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल कर दिया. ठोस सबूतों को आधार पर अदालत ने 30 जुलाई 2026 को रवि पटेल को उम्रकैद की सजा सुनाई. गिरफ्तारी के बाद से ही वह जेल में बंद है.

बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध को रोकने के लिए बनी विशेष यूनिट
सीबीआई अधिकारियों ने गांडीव डिजिटल को बताया कि बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध को रोकन के लिए सीबीआई की विशेष यूनिट आनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज एंड एक्सप्लाटेशन प्रिवेंशन यूनिट की स्थापना नवंबर 2019 में नई दिल्ली में हुई. यह यूनिट इंटरनेट पर बाल यौन शोषण सामग्री के निर्माण, प्रसार, शेयरिंग, डाउनलोडिंग और इसे बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखती है. यह देश के किसी भी कोने में फैले नेटवर्क पर कार्रवाई कर सकती है. बाल यौन शोषण से जुड़े साइबर अपराध अक्सर अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार तक फैले होते हैं, इसलिए यह यूनिट इंटरपोल और अन्य वैश्विक एजेंसियों से मिलने वाली सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करती है.
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देश में कई दरिदों को पहुंचाया सलाखों के पीछे
सीबीआई की विशेष यूनिट ने देश और विदेश में फैले चाइल्ड पोर्नोग्राफी रैकेट को ध्वस्त करने के लिए कई अभियान चलाए. इनमें प्रमुख रूप से आपरेशन कार्बन', 'आपरेशन मेघ चक्र' और 'आपरेशन हॉक' रहे. आपरेशन कार्बन में नवंबर 2021 में सीबीआई ने देश के 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 76 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी. इसमें कई व्हाट्सएप, टेलीग्राम ग्रुप एडमिन गिरफ्तार किया गया. आपरेशन मेघ चक्र में सितंबर 2022 में सिंगापुर की इंटरपोल यूनिट और न्यूजीलैंड से मिले इनपुट के आधार पर 20 राज्यों के 59 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी. क्लाउड-आधारित स्टोरेज का उपयोग करके 50 से अधिक संदिग्धों को पकड़ा गया था.
33 नाबालिगों के साथ दरिंदगी करने वाले जेई को दिलाई फांसी की सजा
20 फरवरी, 2026 को उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने करीब एक दशक तक 33 नाबालिगों से यौन हिंसा करने के आरोप में सिंचाई विभाग के जेई राम भवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सज़ा सुनाई. अदालत ने इसे 'रेयरेस्ट आफ द रेयर' श्रेणी का अपराध माना.
साथ ही कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार को सर्वाइवर्स के परिजनों को 10-10 लाख रुपए मुआवज़ा देने का निर्देश भी दिया. इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी. सीबीआई ने वर्ष 2020 में इस मामले में मुक़दमा दर्ज किया था.



