सीएमओ ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का किया शुभारंभ, करीब 9.50 लाख बच्चों को खिलाई गई एल्बेंडाजोल की दवा

वाराणसी : राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (GGIC), मलदहिया में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन. पी. सिंह ने बालिकाओं को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर जनपद में अभियान का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने सिद्धि मौर्या, अंजलि विश्वकर्मा, सना सानिया, ज़रा सहित अन्य बालिकाओं को अपने सामने एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई. विद्यालय में उपस्थित समस्त बालिकाओं को भी दवा खिलाई गई. इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. संजय राय, विद्यालय की प्राचार्य निशा यादव, सहायक अध्यापक पूनम चौधरी, अर्चना सिंह एवं सुनैना चंदेल, डीसीपीएम रमेश प्रसाद वर्मा, डॉ. साक्षी सिंह तथा जिला समन्वयक मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन. पी. सिंह ने कहा कि बच्चों के पेट में होने वाले कृमि संक्रमण का उनके स्वास्थ्य एवं पोषण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. इसके कारण बच्चों में कमजोरी, कुपोषण और एनीमिया की समस्या हो सकती है तथा उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास पर भी असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि नियमित कृमि मुक्ति से बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार, एनीमिया नियंत्रण में सहायता तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता और सीखने की क्षमता में वृद्धि होती है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एल्बेंडाजोल की दवा अवश्य खिलाएं.

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. संजय राय ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अंतर्गत आज जनपद में लगभग 9 लाख 50 हजार बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई. उन्होंने बताया कि अभियान के तहत विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से भी बच्चों को दवा दी जा रही है. विद्यालय न जाने वाले बच्चों तथा ईंट-भट्ठों पर कार्यरत श्रमिकों के बच्चों को भी अभियान में शामिल किया गया है. उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान एक से 19 वर्ष आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की खुराक दी जाती है. दवा खिलाते समय बच्चों की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, एएनएम, आशा एवं अन्य संबंधित कर्मियों द्वारा सहयोग किया जा रहा है.
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डॉ. राय ने बताया कि 14 अगस्त को किसी कारणवश दवा खाने से छूट गए बच्चों के लिए 18 अगस्त को मॉप-अप राउंड आयोजित किया जाएगा. इसका उद्देश्य अभियान में छूटे हुए बच्चों को भी कृमि मुक्ति की दवा उपलब्ध कराकर अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ पहुंचाना है.
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर उन्होंने ने अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, हाथों को साबुन से धोने की आदत विकसित करें तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित कृमि मुक्ति कार्यक्रम में बच्चों को अवश्य शामिल कराएं.



