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गोरखपुर–वाराणसी रेलखंड पर देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की तैयारी, राज्‍य सरकार ने दी मंजूरी

गोरखपुर–वाराणसी रेलखंड पर देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की तैयारी, राज्‍य सरकार ने दी मंजूरी
Dec 10, 2025, 09:45 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - ग्रीन मोबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा के नए दौर की शुरूआत हो चुकी हे. इसी परिप्रेक्ष्‍य में उत्‍तर प्रदेश सरकार ने यूपी ग्रीन हाइड्रोजन नीति–2024 के तहत आईआईटी, बीएचयू और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), गोरखपुर में संयुक्त रूप से ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को औपचारिक मंजूरी दे दी है. इसका निर्णय यूपीनेडा ने लिया है. इसका लक्ष्य ग्रीन हाइड्रोजन आधारित तकनीकों, अनुसंधान, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के सहयोग को मजबूत आधार प्रदान करना है.

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण रेलवे मंत्रालय के सहयोग से गोरखपुर–वाराणसी रेलखंड पर हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की तैयारी है. यह देश की पहली क्षेत्रीय हाइड्रोजन-ईंधन से संचालित ट्रेन होगी. इसके जरिए ऊर्जाक्षमता, सुरक्षित हाइड्रोजन भंडारण, सप्लाई चेन और वास्तविक संचालन से जुड़ी तकनीकों का परीक्षण किया जाएगा. इसी के समानांतर यूपीएसआरटीसी भी इस मार्ग पर ग्रीन हाइड्रोजन बसें चलाने की योजना पर काम कर रहा है. लगभग 50 प्रतिशत अवसंरचना एमएमएमयूटी, गोरखपुर में विकसित की जाएगी.


आईआईटी (बीएचयू) को मिली परियोजना की कमान


सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आईआईटी,बीएचयू को लीड संस्थान की भूमिका सौंपी गई है. संस्थान शोध दिशा, तकनीकी रणनीति, परियोजना समन्वयन और नीतिगत मार्गदर्शन की जिम्मेदारी निभाएगा. सेंटर के संगठन ढांचे में डॉ. प्रीतम सिंह (समन्वयक) और डॉ. जे. वी. तिर्की (सह-समन्वयक) को प्रमुख भूमिकाएँ दी गई हैं.

ग्रीन हाइड्रोजन व स्वच्छ ऊर्जा पर आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में एक इनक्यूबेशन सेंटर भी स्थापित होगा. इसका लक्ष्य हर वर्ष 10 नए स्टार्टअप विकसित करना, यानी अगले पाँच वर्षों में कुल 50 स्टार्टअप्स है. इन्हें तकनीकी सहायता, मेंटरशिप, परीक्षण सुविधाएँ और उद्योगों से कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी. उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल पूर्वी यूपी को देश के अग्रणी स्वच्छ ऊर्जा हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.


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नेपाल के चुनावी नतीजों ने केपी ओली की बढ़ाई बीपी,  बालेन शाह ने मारी बाजी
नेपाल के चुनावी नतीजों ने केपी ओली की बढ़ाई बीपी, बालेन शाह ने मारी बाजी
नेपाल में बीते गुरुवार को हुए राष्ट्रीय चुनाव के बाद से वोटों की गिनती आज सुबह से शुरू हो चुकी है. पिछले साल हुए Gen-Z हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद से यह देश में पहला आम चुनाव हुआ है. जो 77 सतहत्तर जिलों में 23 हजार केंद्रों पर मतदान हुआ, इसके आने वाले नतीजों पर हर किसी की निगाहें टिकी हुई है. ये वहीं विरोध प्रदर्शन है जिसके चलते पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गठबंधन सरकार गिर गई थी. बता दें, नेपाल में हुए आम चुनावों में लगभग 60 प्रतिशत वोटिंग हुई है. चुनाव में पूर्व पीएम केपी शर्मी ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल यानि (यूनिफाइड मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) सीपीएन (यूएमएल), शेर बहादुर देउबा की नेपाली कांग्रेस और पुष्प दहल प्रजंड की CPN (माओइस्ट सेंटर) के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला है. जहां बालेन शाह की पार्टी आरएसपी ने 69 उनहत्तर सीटों से ज्यादा की बढ़त बनाती नजर आ रही है. वहीं केपी शर्मा ओली की पार्टी सीपीएन यूएमएल केवल 5 सीटों पर आगे चल रही है.बालेन शाह की सुनामी के आगे बिखरे ओलीवहीं, नेपाली कांग्रेस भी 5 सीटों पर ही अपनी बढ़त बनाए हुए है. तो वहीं, नेपाली कम्‍युनिस्‍ट पार्टी 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. केपी ओली खुद भी बालेन शाह की सुनामी के आगे पिछड़ते ही जा रहे हैं. काठमांडू के मेयर रह चुके पूर्व रैपर बालेंद्र शाह यानि (बालेन) करीब 6100 (इकसठ) सौ वोटों से ओली से आगे चल रहे हैं. बालेन की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी भी इस चुनावी मैदान में हुंकार भरती नजर आई हैं. युवाओं में बेहद लोकप्रिय बालेन नेपाल के पुराने दिग्गजों को कड़ी चुनौती दे रहे हैं.49 (उनचास) साल के गगन थापा भी प्रधानमंत्री बनने की रेस में हैं. वह नेपाली कांग्रेस में टूट के बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी के नए प्रमुख हैं. आपको बता दें, बलेंद्र शाह यानि (बालेन शाह) नेपाल के एक प्रमुख युवा राजनेता, स्ट्रक्चरल इंजीनियर और पूर्व रैपर हैं, जिन्होंने मई 2022 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के 15वें मेयर के रूप में चुनाव जीतकर इतिहास रचा था. लेकिन इस साल जनवरी 2026 में मेयर पद से इस्तीफा देने के बाद से वह अब 2026 के आम चुनावों के लिए राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानि(RSP) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में चर्चा में हैं.यह भी पढ़े: इंग्लैंड के वेलिंगबोरो के मेयर की महापौर से शिष्टाचार भेंट, शहरी विकास पर हुई चर्चागजब की बात तो यह है कि, नेपाल में राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी बंपर जीत की ओर बढ़ रही है. Gen-Z के फेवरेट बालेंद्र शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री ओली को काफी पीछे छोड़ दिया है. कोसी, मदेश, बागमती, लुंबीनी लगभग सभी प्रांतों में राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी बढ़त बनाए हुए है. बता दें. मतगणना शुरू होने के 24 घंटे के भीतर सीधे 165 सीटों (एफपीटीपी) के परिणाम जारी करने का दावा किया है. नेपाल के आम चुनाव के शुरुआती रुझान सियासी समीकरण बदलने के संकेत दे रहे हैं। शुरुआती आंकड़ों में बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी पारंपरिक दलों को कड़ी चुनौती देती दिख रही है। करीब 60 फीसदी मतदान के बीच केपी शर्मा ओली और गगन थापा जैसे बड़े नेता भी चुनावी मैदान में हैं। इस चुनाव में भ्रष्टाचार और सिस्टम में बदलाव सबसे बड़े मुद्दों के तौर पर उभरकर सामने आए हैं
इंग्लैंड के वेलिंगबोरो के मेयर की महापौर से शिष्टाचार भेंट, शहरी विकास पर हुई चर्चा
इंग्लैंड के वेलिंगबोरो के मेयर की महापौर से शिष्टाचार भेंट, शहरी विकास पर हुई चर्चा
वाराणसी: इंग्लैंड केवेलिंगबोरो नगर के मेयर राज मिश्रा ने आज वाराणसी प्रवास के दौरान वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी से उनके कक्ष में शिष्टाचार भेंट की. इस अवसर पर महापौर द्वारा उन्हें अंगवस्त्रम एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया. इस दौरान नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल सहित नगर निगम के पार्षदगण भी उपस्थित रहे। मुलाकात के दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों के मध्य शहरी विकास, जनसुविधाओं के विस्तार तथा विभिन्न जनकल्याणकारी विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई.उल्लेखनीय है कि राज मिश्रा वर्तमान में इंग्लैंड के वेलिंगबोरो टाउन काउंसिल के मेयर हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद के निवासी हैं तथा 13 मई 2025 को वेलिंगबोरो टाउन काउंसिल के पाँचवें मेयर के रूप में निर्वाचित हुए. उनका कार्यकाल 13 मई 2025 से 13 मई 2026 तक है. वे यूनाइटेड किंगडम की प्रमुख राजनीतिक पार्टी Conservative Party से जुड़े हुए हैं.किसान परिवार में जन्मे श्री राज मिश्रा ने चंडीगढ़ से बी.टेक तथा लंदन से कंप्यूटर साइंस में एम.टेक की डिग्री प्राप्त की है. इसके अतिरिक्त उन्होंने Massachusetts Institute of Technology से डेटा साइंस में प्रमाणन भी हासिल किया है. राजनीति में आने से पूर्व वे सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों तक कार्यरत रहे तथा यूके के रक्षा मंत्रालय एवं बैंकिंग सेक्टर में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.यह भी पढ़ें: अब चार रंगों के डस्टबिन से होगा कूड़ा निस्तारण, भवन स्वामियों को मिलेंगे चार प्रकार के बिन्सअपने वर्तमान कार्यकाल में उन्होंने स्थानीय चैरिटी Veterans Community Network तथा Louisa Gregory’s Hospice Campaign को सहयोग देने का संकल्प लिया है. इसके अतिरिक्त अक्टूबर 2025 में उन्होंने उत्तर प्रदेश में एआई डेवलपमेंट सॉल्यूशन प्रोजेक्ट के अंतर्गत लगभग 2500 करोड़ रुपये के संभावित निवेश की घोषणा भी की थी. इस अवसर पर उपस्थित पार्षदगण में सुरेश कुमार चौरसिया, सिंधु सोनकर, मदन दूबे, प्रवीण राय, सुरेश पटेल आदि जनप्रतिनिधियों ने दोनों नगरों के मध्य सहयोग एवं संवाद को भविष्य में और सुदृढ़ करने की आशा व्यक्त की. स्वागत जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने किया.
अब चार रंगों के डस्टबिन से होगा कूड़ा निस्तारण, भवन स्वामियों को मिलेंगे चार प्रकार के बिन्स
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वाराणसी: नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैकिंग के लिए लगातार प्रयासरत है. हालांकि इसके लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है. इसे देखते हुए निगम अब प्रत्येक वार्ड में चार अलग-अलग श्रेणियों के डस्टबिन और जागरूकता स्टिकर वितरित करने का निर्णय लिया है ताकि शतप्रतिशत कूड़े का पृथ्थक्कीकरण (सोर्स सेग्रिगेशन) किया जा सके.स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम का लक्ष्य है कि 'सोर्स सेग्रिगेशन' यानी घर से ही कचरा अलग-अलग होकर निकले. इसके लिए जागरूकता स्टिकर घरों के बाहर लगाए जा रहे हैं. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जो नागरिक इस नियम का पालन करेंगे, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए और जो सहयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें स्वच्छता के नियमों का पाठ पढ़ाया जाए. इस क्रम में अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने स्वास्थ्य विभाग से प्रत्येक वार्ड के लिए चार रंगों के कूड़ेदान (बिन्स) जारी देने का निर्देश दिया है. उन्होंने अभियान के पहले चरण में प्रत्येक वार्ड के कम से कम 30 ऐसे भवन स्वामियों को चिन्हित करने जो शत-प्रतिशत कूड़ा पृथक्करण का पालन कर रहे हैं या इसके लिए तत्पर हैं.यह भी पढ़ें: वरिष्ठ नाटककार, रंगकर्मी और निर्देशक नाट्य मोतीलाल गुप्ता का निधनइन नागरिकों को मॉडल के रूप में डस्टबिन और जागरूकता स्टिकर दिए भी जा रहे हैं, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हो सकें. अपर नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि कूड़ा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वह डस्टबिन वितरण और स्टिकर चिपकाने की फोटो साक्ष्य के साथ रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराएं. इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए वाट्स-एप ग्रुप और निर्धारित प्रारूप का उपयोग किया जा रहा है. अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे वार्डों में जाकर सीधे लोगों को गीला, सूखा और हानिकारक कचरा अलग रखने के लिए जागरूक करें.