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डीएम ने बढ़ाया लखपति दीदियों का हौसला, कार्यों की सराहना कर दिए ये निर्देश

डीएम ने बढ़ाया लखपति दीदियों का हौसला, कार्यों की सराहना कर दिए ये निर्देश
Apr 19, 2026, 12:23 PM
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Posted By Preeti Kumari

The DM encouraged the Lakhpati sisters, praised their work and gave these instructions.


वाराणसी: यूपी के वाराणसी में जिलाधिकारी महोदय सत्येंद्र कुमार और मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किये जा रहे विभिन्न आजीविका परक गतिविधियों को परखा तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से वार्ता करते हुए उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की गयी एवं महत्वपूर्ण सुझाव व निर्देश दिए.


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भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी सबसे पहले विकासखण्ड आराजीलाइन गांव के महमदपुर ग्राम पंचायत में पहुंचे जहां पर उन्होंने शीतला माता स्वयं सहायता समूह के द्वारा किये जा रहे दोना पत्तल कार्य का निरीक्षण किया. महिलाओं द्वारा अवगत कराया गया कि क्लस्टर में कार्य किया जा रहा है, गावं पंचायत में लगभग 30 मशीनें लगी हैं. समूह की सदस्य सीमा पटेल द्वारा अवगत कराया गया कि समूह से ₹ 3 लाख ऋण एवं ₹ 2 लाख मुद्रा योजना अंतर्गत ऋण लेकर कार्य किया जा रहा है . सीमा देवी ने अवगत कराया कि पहले उनके पति बाहर जाकर काम करते थे.


अब वो स्वयं अपने पति के साथ मिलकर अन्य लोगों को कार्य देने में सक्षम हो सकी हैं जो उनकी आत्मनिर्भरता का परिणाम है . जिलाधिकारी महोदय द्वारा बिजली कनेक्शन को सोलर के साथ जोड़ने के निर्देश दिए गए, जिससे बिजली का बिल कम हो सके एवं आमदनी बढ़ सके तथा फर्स्ट एड बॉक्स रखने के लिए भी निर्देशित किया गया. निरीक्षण के दूसरे चरण में जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी विकासखण्ड सेवापुरी के करधना ग्राम पंचायत पहुंचे जहां पर उन्होंने मां संतोषी स्वयं सहायता समूह के द्वारा गुड़ बनाने के कार्य का निरीक्षण किया. समूह से जुड़ी 14 महिलाएं इस कार्य को कर रही हैं.


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शेड का निर्माण कराने का आदेश


महिलाओं द्वारा बताया गया कि उन्होंने सामुदायिक निवेश निधि से ₹ 50 हजार तथा एसवीईपी योजना अंतर्गत ₹ 65 हज़ार ऋण लिया था समूह की सदस्य अंजू द्वारा बताया गया कि प्रत्येक महिला को प्रति दिवस 300 से 500 की आई हो जाती है. जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि ग्राम पंचायत में ही भूमि का आवंटन कराते हुए पृथक से शेड का निर्माण कराया जाए। जहाँ भट्ठी एवं गुड़ निर्माण की इकाई को अलग-अलग तथा महिलाओं के द्वारा पैकेट बनाने पैकेजिंग करने गुड़ को बांधने आदि कार्य को अलग करने के निर्देश दिए गए जिससे महिलाओं को कार्य करने में सुविधा हो सके एवं उनको कार्य के लिए बेहतर स्थल उपलब्ध हो सके. साथ ही उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्लांट के पास से जुड़ी सड़क को पक्की सड़क बनाया जाय.


सरकारी योजनाओं से संतृप्त करने के निर्देश


अगले चरण में जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जनपद में एन.सी.एल. के सी.एस.आर. फण्ड से कराये जा रहे कार्यों के स्थलीय निरीक्षण करने विकासखण्ड चोलापुर के सुन्गुलपुर ग्राम पंचायत पहुंचे, वहां पर उपस्थति मुसहर परिवार की महिलाओं से कार्य की जानकारी ली. सुन्गुलपुर में दोना पत्तल की यूनिट एवं चप्पल निर्माण की दो यूनिट लगायी गयी है. चप्पल निर्माण के लिए उपलब्ध कराई गयी कच्ची सामग्री को तकनीकी रूप से परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए जिससे बाजार में सम्बंधित चप्पल का बाजार दर गुणवत्ता के आधार पर निर्धारित किया जा सके. सम्बंधित मुसहर परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से संतृप्त करने के भी निर्देश दिए गए.


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महिलाओं से मशीन को चलाने तथा दोना पत्तल के बाज़ार की उपलब्धता एवं बिक्री के संबंध में जानकारी ली गयी एवं और बेहतर तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए. साथ ही जिलाधिकारी द्वारा सामग्रियों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समय - समय पर विभिन्न संस्थानों जैसे अटल इनक्यूबेशन सेंटर आदि से समन्वय करने के निर्देश दिए गए जिससे की बेहतर उत्पाद का निर्माण इकाइयों के द्वारा लगातार किया जा सके एवं बाजार में काशी प्रेरणा ब्रांड की साख की निरंतर भी बनी रहे.


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इस अवसर पर उपायुक्त स्वत: रोजगार श्री पवन कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी आराजीलाइन, खंड विकास अधिकारी सेवापुरी, खण्ड विकास अधिकारी चोलापुर तथा नायब तहसीलदार अपने -अपने क्षेत्र में भ्रमण के समय उपस्थित रहीं.


आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से डिजिटल होगी स्वास्थ्य सेवाएं, काशी में विशेषज्ञों ने साझा की कार्ययोजना
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से डिजिटल होगी स्वास्थ्य सेवाएं, काशी में विशेषज्ञों ने साझा की कार्ययोजना
वाराणसी : आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन एवं डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बुधवार को रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, सिगरा, वाराणसी में एबीडीएम कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, स्वास्थ्य संस्थानों तथा निजी क्षेत्र के चिकित्सकों एवं अधिकारियों ने भाग लिया. कार्यक्रम में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश की सचिव रितु माहेश्वरी, साचीज की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अर्चना वर्मा और मंडलायुक्त वाराणसी एस. राजलिंगम भी उपस्थित रहे. सचिव रितु माहेश्वरी ने अपने संबोधन में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत प्रदेश एवं जनपद स्तर पर हुई प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी. साचीज की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अर्चना वर्मा ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के बीच बेहतर डिजिटल समन्वय के संबंध में जानकारी दी.उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को एबीडीएम के डिजिटल सिस्टम के साथ समन्वित रूप से संचालित करने से लाभार्थियों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए सेवाओं की प्रक्रिया को अधिक सुगम और प्रभावी बनाया जा सकता है. उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग और आवश्यक प्रक्रियाओं को अपनाने पर जोर दिया. मंडलायुक्त वाराणसी एस. राजलिंगम ने कहा कि कार्यशाला के दौरान एबीडीएम के संबंध में दी गई जानकारी को मंडल के स्वास्थ्य संस्थानों में प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा. उन्होंने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सभी संबंधित विभागों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई.कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन पी सिंह ने उपस्थित सभी अतिथियों, अधिकारियों और चिकित्सकों का स्वागत किया. उन्होंने एबीडीएम के प्रभावी क्रियान्वयन में स्वास्थ्य विभाग और संबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला. कार्यशाला का संचालन संयुक्त निदेशक डॉ. मोहित सिंह द्वारा किया गया. कार्यक्रम में तीनों मंडलों से आए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों, निजी मेडिकल कॉलेजों एवं निजी चिकित्सालयों के चिकित्सा अधीक्षकों सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों ने भाग लिया. प्रतिभागियों ने एबीडीएम के क्रियान्वयन, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं, स्वास्थ्य रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और स्वास्थ्य संस्थानों में इसके उपयोग से संबंधित विषयों पर अपने विचार और अनुभव साझा किए.ALSO READ : सारनाथ में पुलिसिंग का रियलिटी चेक, विवेचना से साइबर सुरक्षा तक परखी तैयारीकार्यशाला में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी एवं निजी क्षेत्र के अधिक से अधिक स्वास्थ्य संस्थानों को एबीडीएम से जोड़कर डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाए, ताकि मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिक सुगम और व्यवस्थित तरीके से मिल सके. कार्यक्रम में नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सैगल, हेरिटेज मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक डॉ. सिद्धार्थ राय, आई एम ए अध्यक्ष डॉ. अनुराग टंडन और पंडित महामना कैंसर केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आकाश ने मंच साझा किया. कार्यक्रम के अंत में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक जिला महिला चिकित्सालय वाराणसी डॉ. मनीषा सिंह सेंगर ने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अतिथियों और तीनों मंडलों के प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया. उन्होंने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, अधिक से अधिक स्वास्थ्य संस्थानों को एबीडीएम से जोड़ने और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया. उनका कहना था कि एबीडीएम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल माध्यम से अधिक व्यवस्थित, सुगम और मरीज-केंद्रित बनाना है.
सारनाथ में पुलिसिंग का रियलिटी चेक, विवेचना से साइबर सुरक्षा तक परखी तैयारी
सारनाथ में पुलिसिंग का रियलिटी चेक, विवेचना से साइबर सुरक्षा तक परखी तैयारी
वाराणसी: पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने मंगलवार 22 सितंबर को थाना सारनाथ का निरीक्षण कर सर्किल सारनाथ के अंतर्गत आने वाले थानों की पुलिसिंग, लंबित एवं कालबाधित विवेचनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर पुलिसिंग और जनसुनवाई को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए. लंबित और कालबाधित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए प्रत्येक मामले में गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य संकलन, प्रभावी पर्यवेक्षण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया.‘थाना गोद लेने’ की पहल के तहत संबंधित अधिकारियों को थानों की कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और पुलिसकर्मियों के कल्याण की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए. निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों से साइबर सुरक्षा, प्रतिबिम्ब एप, सीसीटीएनएस, आरटीसी, जेडएफडी, फॉरेंसिक जांच, साक्ष्य संकलन, सीडीआर और आईडीपीआर से जुड़े विषयों की जानकारी ली गई. पुलिस आयुक्त ने तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया.मिशन शक्ति केंद्र की महिला पुलिसकर्मियों को विद्यालयों, हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा महिलाओं और छात्राओं से संवाद बढ़ाने को कहा गया. इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच, महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई और 1090, 112 व 1930 हेल्पलाइन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए.रिक्रूट बने सवालों के ‘स्मार्ट’ जवाबपुलिस आयुक्त ने नए रिक्रूट आरक्षियों से साइबर अपराध, नए कानून, सीसीटीएनएस और फॉरेंसिक सहित विभिन्न विषयों पर सवाल किए. बेहतर प्रदर्शन करने वाले 6 रिक्रूट आरक्षियों को ₹500-₹500 का नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया. इनमें अनुप्रिया पटेल — थाना चोलापुर, पूनम देवी — थाना चौबेपुर, प्रियांशु दूबे — थाना चौबेपुर, रजत शाही — थाना सारनाथ, प्रियंका देवी — थाना सारनाथ और गार्गी सिंह — थाना सारनाथ शामिल हैं.पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों और थाना प्रभारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने, जाम की स्थिति रोकने और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए. थाना परिसर में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, आगंतुकों के लिए बेहतर व्यवस्था, महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग शौचालय और पुलिस मेस में स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया. निरीक्षण के दौरान डीसीपी वरुणा जोन राजेश कुमार पाण्डेय, एडीसीपी वरुणा जोन लिपि नगायच सहित संबंधित एसीपी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे.
बीएचयू केंद्रीय कार्यालय का घेराव, चीफ प्रॉक्टर को हटाने की उठाई मांग, सुरक्षाकर्मियों से हुई धक्का मुक्की
बीएचयू केंद्रीय कार्यालय का घेराव, चीफ प्रॉक्टर को हटाने की उठाई मांग, सुरक्षाकर्मियों से हुई धक्का मुक्की
वाराणसी : बीएचयू में चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ छात्र लामबंद हो गए हैं. इसी क्रम में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रों ने विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया. छात्रों के केंद्रीय कार्यालय की ओर बढ़ने की सूचना पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम मौके पर पहुंच गई और छात्रों को रोकने का प्रयास किया. इस दौरान छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर को तत्काल पद से हटाने की मांग की. अपनी मांगों को लेकर परिसर में दीवार लेखन का भी सहारा लिया. हालांकि कई स्‍थानों पर लेखने को मिटाने का प्रयास भी किया गया.छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर छात्र संगठनों में नाराजगी है. आरोप है कि छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद उनके खिलाफ जांच कमेटियां गठित की जाती हैं और उन्हें कार्यालय बुलाकर पूछताछ के नाम पर मानसिक रूप से परेशान किया जाता है.छात्र पल्लव ने कहा कि चीफ प्रॉक्टर के निर्देश पर कई मामलों में छात्रों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की घटनाएं हुई हैं. उनका कहना है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने वाले छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है. इसी को लेकर एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रॉक्टोरियल व्यवस्था में तत्काल बदलाव की मांग की है.छात्रों ने रखीं नौ प्रमुख मांगें• चीफ प्रॉक्टर व प्रोक्टोरियल बोर्ड को तत्काल बर्खास्त किया जाए.• छात्रों पर दर्ज मुकदमे व दंडात्मक कार्रवाई वापस ली जाए.• छात्रों के उत्पीड़न व अभद्रता पर तत्काल रोक लगे.• 12 सितंबर की प्रेक्षागृह आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो.• विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी व्यक्तियों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगे.• संवेदनशील स्थानों पर CCTV व डार्क स्पॉट पर स्ट्रीट लाइट लगे.• मधुवन उद्यान सहित सार्वजनिक स्थलों की निगरानी बढ़े; नशाखोरी पर रोक लगे.• खाद्य दुकानों पर CCTV व अनिवार्य रेट लिस्ट हो.• सुरक्षाकर्मियों के वेतन-सेवा शर्तों में समानता व उत्पीड़न पर रोक सुनिश्चित हो.