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गंगा चली चेतावनी बिंदु की ओर, गलियों में नाव, वरुणा नदी का तटवर्ती इलाका डूबा...

गंगा चली चेतावनी बिंदु की ओर, गलियों में नाव, वरुणा नदी का तटवर्ती इलाका डूबा...
Aug 31, 2026, 06:38 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. वाराणसी में मां गंगा का पानी अब चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है. केंद्रीय जल आयोग के राजघाट, वाराणसी गेज स्थल से 31 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक गंगा का जलस्तर 69.94 मीटर दर्ज किया गया. नदी का जलस्तर फिलहाल 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, राजघाट पर गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का स्तर 71.262 मीटर निर्धारित है. ऐसे में मौजूदा जलस्तर चेतावनी स्तर से करीब 32 सेंटीमीटर नीचे है, जबकि खतरे के निशान से करीब 1.32 मीटर नीचे पानी बह रहा है.


गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर काशी के प्रसिद्ध घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है. जलस्तर बढ़ने से वाराणसी के 84 घाट पानी में डूब गए हैं. घाटों की सीढ़ियां और कई हिस्से पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं. गंगा का पानी लगातार ऊपर आने से घाट किनारे रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं. मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट की गलियों में पानी घुस गया है. जल पुलिस के थाने में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया. सभी घाटों का आपसी संपर्क टूटा है. पानी बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो जल्द ही अस्सी घाट घाट की सड़कों पर पहुंच जाएगा. सिंधिया घाट के रत्नेश्वर महादेव मंदिर के शिखर तक पानी पहुंचने वाला है.

गंगा के बढ़ते पानी का असर नमो घाट पर भी देखने को मिल रहा है. यहां स्थापित प्रसिद्ध ‘नमस्ते’ प्रतिमा का बड़ा हिस्सा पानी में डूब चुका है. प्रतिमा के आसपास भी गंगा का पानी पहुंच गया है, जिससे घाट का नजारा पूरी तरह बदल गया है.


गंगा की सहायक नदी वरुणा भी उफान पर है. पलट प्रवाह का प्रभाव दिखने लगा है. तटवर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. नक्खी घाट इलाके में बाढ़ का पानी घुस गया है. 3 दर्जन से अधिक घर बाढ़ से प्रभावित हैं. लाेग घरों को छोडकर सुरक्षित स्‍थान पर चले गए हैं.


प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी


जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है. सुरक्षा के मद्देनजर नौका संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. इसके साथ ही गंगा के तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं. प्रशासन की ओर से लोगों से गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने और नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की जा रही है. गंगा के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है. यदि पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आने वाले समय में तटवर्ती इलाकों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है.


61 बाढ़ राहत शिविर, 21 बाढ़ चौकियां


गंगा और वरुणा नदियों के जलस्तर में वृद्धि और बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां की हैं. बाढ़ से निपटने के लिए 61 बाढ़ राहत शिविर, 21 बाढ़ चौकियां और 198 नावों का प्रबंध किया गया है. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि आमजन की सुरक्षा, त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए व्यापक एवं बहुस्तरीय तैयारियां की गई हैं. बाढ़ की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए बाढ़ राहत किट का पर्याप्त प्रबंध किया गया है.

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए विभिन्न विभागों एवं बचाव एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर उन्हें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें. राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के ठहरने के साथ-साथ भोजन, पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. बाढ़ राहत शिविरों में कम्युनिटी किचन के माध्यम से प्रतिदिन तीन समय पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है.


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33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.