गंगा एक स्थान पर, भागवत सर्वत्र कोने-कोने में मिलती है : अभिराम दास जी महाराज

वाराणसी : राजघाट-भदऊ चुंगी स्थित श्री साईं धाम अपार्टमेंट के बेसमेंट में श्री काशी विश्वनाथ भगवान के तत्वावधान में 6 से 12 अगस्त तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा रस महोत्सव का बुधवार को समापन हुआ. सात दिवसीय कथा के समापन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और अतिथियों ने प्रसाद ग्रहण किया.
कथा शुरू होने से पहले मुख्य यजमान प्रदीप मिश्रा ने श्रीमद्भागवत पोथी की विधिवत पूजा-अर्चना की. इसके बाद कथावाचक वृंदावन धाम से पधारे अभिराम दास जी महाराज का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया.
समापन अवसर पर कथा व्यास अभिराम दास जी महाराज ने कहा कि “गंगा दो है, एक के लिए उस स्थान पर जाना होगा, दूसरा भागवत है, जो सर्वत्र कोने-कोने में मिलती है.” उन्होंने कहा कि भगवत भक्ति एक भाव है और भागवत स्वयं गंगा के समान है। गंगा के दर्शन के लिए हरिद्वार, प्रयागराज और काशी जैसे तीर्थों पर जाना पड़ता है, लेकिन श्रीमद्भागवत की महिमा ऐसी है कि इसका श्रवण हर स्थान पर किया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि लक्ष्मी भगवान की शक्ति हैं और उनके पति श्रीनारायण हैं. भगवान द्वारिकाधीश के स्वरूप में भी लक्ष्मी का विशेष महत्व है. लक्ष्मी के बिना श्रीनारायण का स्वरूप पूर्ण नहीं माना जाता.
कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र का भावपूर्ण मंचन किया गया. सुदामा चरित्र के माध्यम से श्रद्धालुओं को मित्रता, सरलता, संतोष और भगवान के प्रति अटूट भक्ति का संदेश दिया गया. कथा के दौरान उपस्थित श्रोतागण भावविभोर नजर आए
श्रीमद्भागवत कथा रस महोत्सव में शहर दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विश्वनाथ धाम के पं. श्रीकांत मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कैलाश सिंह विकास, सुरेश पाण्डेय, दिनेश पाण्डेय, भजन गायक राकेश तिवारी और विकास प्राधिकरण सदस्य अम्बरीष सिंह भोला सहित अन्य विशिष्ट लोग मौजूद रहे.
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कथा श्रवण करने वालों में डॉली मिश्रा, प्रदीप कुमार मिश्र, पूजा मिश्रा, रीता मिश्रा, रुद्र मिश्र, सिद्धांत मिश्र, सचिन मिश्र, मुकुंद लाल शर्मा, मयंक शर्मा, शुचि शर्मा, आशीष मिश्रा और रिया मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। कथा के समापन के बाद आयोजित भंडारे में सभी ने प्रसाद ग्रहण किया.



