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भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक प्रौद्योगिकी के सामंजस्य से प्राप्त होगा विकसित भारत का लक्ष्य : प्रो. आनन्द कुमार त्यागी

भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक प्रौद्योगिकी के सामंजस्य से प्राप्त होगा विकसित भारत का लक्ष्य : प्रो. आनन्द कुमार त्यागी
Jan 08, 2026, 12:42 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हिन्दी और अन्य भारतीय भाषा विभाग के अंतर्गत सावित्रीबाई फुले व्याख्यानमाला में ‘भारतीय ज्ञान परम्परा और कृत्रिम मेधा’ विषय पर गुरुवार को व्याख्यान का आयोजन किया गया. कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने भारतीय ज्ञान परम्परा और आधुनिक तकनीक के सामंजस्य पर विशेष जोर दिया.


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प्रो. आनन्द कुमार त्यागी बताया कि कृत्रिम मेधा ने वर्तमान समय में हमारे कार्यों को काफी आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ ही साथ अनेक चुनौतियों को भी उत्पन्न किया है. इसमें नैतिकता के मुद्दे को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है, उन्होंने बताया कि हमारे यहां के साहित्यकार भारतीय ज्ञान परम्परा के बहुत निकट रहे हैं, जिन्होंने अपने साहित्य के माध्यम से भारतीय ज्ञान परम्परा के विविध आयामों पर गंभीर लेखन किया है. नई शिक्षा नीति 2020 पर विशेष बल देते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा और आधुनिक प्रौद्योगिकी को केन्द्र में रखकर ही नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परम्परा और आधुनिक प्रौद्योगिकी के आपसी सामंजस्य और सहयोग से विकसित भारत का निर्माण करना है.


मुख्य वक्ता रांची विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष एवं थावे विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो. जंगबहादुर पाण्डेय ने भारतीय ज्ञान परम्परा पर चर्चा करते हुए काशी की समृद्ध ज्ञान परम्परा का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि काशी भारतीय ज्ञान परम्परा की समृद्ध भूमि रही है। यह भारतीय ज्ञान परम्परा हमें मानवीयता से जोड़कर मोक्ष तक ले जाने की बात करती है। काशी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। काशी अपने समृद्ध भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ-साथ मुक्ति की भूमि के रूप में भी जाना जाता रहा है। कृत्रिम मेधा से भारतीय ज्ञान परंपरा के की अल्पज्ञात पक्षों को सामने लाने में सहूलियत भी हुई है।


प्रो.अनुराग कुमार ने संस्कृत, पाली, प्राकृत और हिन्दी साहित्य की समृद्ध विरासत पर व्याख्यान दिया .उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा मनुष्य और मनुष्यता को आत्मसात कर मानवीय जीवन को नैतिक उन्नयन की ओर ले जाने की बात करता रहा है जिसे आज के कृत्रिम मेधा युग में विशेष रूप से ध्यान रखने की आवश्यकता है.


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संचालन प्रो. प्रीति एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रभारी विभागाध्यक्ष प्रो. अनुकूल चंद राय ने किया. इस अवसर पर मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. नंदिनी सिंह, प्रो. निरंजन सहाय, डॉ. अमरीश राय, डॉ. विजय रंजन आदि उपस्थित रहे.

वाराणसी में रोपवे परियोजना के काम में तेजी, मंडलायुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण
वाराणसी में रोपवे परियोजना के काम में तेजी, मंडलायुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण
वाराणसी. में निर्माणाधीन रोपवे परियोजना को जल्द पूरा करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने गोदौलिया, गिरजाघर और रथयात्रा सहित विभिन्न रोपवे स्टेशनों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था, आर्ट वर्क और फिनिशिंग कार्यों का जायजा लिया।मंडलायुक्त ने गोदौलिया स्टेशन पर बोर्डिंग-डिबोर्डिंग के लिए चल रहे निर्माण कार्य को देखा। वहीं गिरजाघर स्टेशन पर बन रहे कंट्रोल रूम की प्रगति की जानकारी ली। रथयात्रा स्टेशन पर भी निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से परियोजना के अलग-अलग हिस्सों की जानकारी लेते हुए कहा कि गोदौलिया, गिरजाघर समेत सभी स्टेशनों के बचे हुए कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। साथ ही नियमित स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करने और निर्माण में आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।मंडलायुक्त ने कहा कि रोपवे परियोजना वाराणसी की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और शहर में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।ALSO READ : ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़कगौरतलब है कि वाराणसी रोपवे परियोजना के तहत कैंट स्टेशन से रथयात्रा तक का कार्य पूरा हो चुका है। रथयात्रा से आगे के स्टेशनों पर अलाइनमेंट चेक का कार्य जारी है। परियोजना को नवंबर तक पूरा करने के लक्ष्य के साथ अंतिम तैयारियां तेजी से चल रही हैं।निरीक्षण के दौरान वाराणसी रोपवे की परियोजना निदेशक पूजा मिश्रा समेत रोपवे के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़क
ऐढ़े में बनेगा आधुनिक पशु अस्पताल, खुशहाल नगर में बुजुर्गों के लिए बनेगी इंटरलॉकिंग सड़क
वाराणसी. नगर निगम क्षेत्र में पशु कल्याण और विकास कार्यों को गति देने के लिए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सोमवार को ऐढ़े स्थित गौशाला और खुशहाल नगर के पीछे निर्माणाधीन सीनियर केयर सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को पशुओं की चिकित्सा व्यवस्था बेहतर करने के साथ निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय से पूरा कराने के निर्देश दिए।ऐढ़े गौशाला में वर्तमान में कच्चे शेल्टर में संचालित पशु चिकित्सा व्यवस्था को आधुनिक पशु अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। नगर आयुक्त ने इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा। अस्पताल में आम नागरिकों को अपने पालतू पशुओं के इलाज की सुविधा भी मिल सकेगी। उन्होंने पशुओं के उपचार संबंधी सभी कार्य पशु कल्याण अधिकारी की निगरानी में कराने के निर्देश दिए।गौशाला में गर्मी से पशुओं को राहत देने के लिए टीन शेड के नीचे पर्याप्त संख्या में पंखे लगाने, बाउंड्रीवॉल के किनारे पौधरोपण करने और प्रवेश द्वार स्थित गार्ड रूम के पास खाली भूमि पर इंटरलॉकिंग कराने को कहा गया। पशुओं के आवागमन के लिए मैजिक वाहन उपलब्ध कराने तथा परिसर में इंटरलॉकिंग और ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।ALSO READ : नरहरि जयंती पर स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान ने किया निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरणइसके बाद नगर आयुक्त ने खुशहाल नगर के पीछे निर्माणाधीन सीनियर केयर सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने सेंटर तक पहुंचने वाले मार्ग को सुगम बनाने के लिए 15वें वित्त आयोग से तत्काल इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की हिदायत दी।निरीक्षण के दौरान पशुचिकित्साधिकारी डॉ. विजय अमृत राज, सहायक अभियंता, अवर अभियंता (सिविल) समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नरहरि जयंती पर स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान ने किया निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरण
नरहरि जयंती पर स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान ने किया निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरण
वाराणसी. संत शिरोमणि नरहरि जी के जन्मोत्सव के अवसर पर सोमवार को स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान के महिला प्रकोष्ठ की ओर से निःशुल्क फलाहारी प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। गोविंदपुरा मोड़ चौराहे पर हुए आयोजन में श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया।फलाहारी प्रसाद में साबूदाना, आलू, फल और अन्य व्रत सामग्री शामिल रही। आयोजन के दौरान लोगों को प्रसाद वितरित करने के साथ संत नरहरि महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। सेवा कार्य में महिला प्रकोष्ठ के सदस्यों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सेवा भावना भी देखने को मिली।ALSO READ : लंबित प्रवेश प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग को लेकर छात्रों ने बीएचयू प्रशासन को सौंपा ज्ञापनकार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सरिता सर्राफ माधवी मिश्रा, शिखा शर्मा, प्रेमासेठ, सुनीता सोनी, कनक वर्मा, संगीता, सुनीता, विभा किरण वर्मा, सुनीता बेबी, श्रवण सेठ, विशाल सेठ, अरविंद सेठ, रवि सर्राफ, ईश्वर चंद वर्मा, कमल सेठ, विष्णुदयाल सेठ, रॉनिक वर्मा, आनंद वर्मा, संजय सर्राफ, सुनील सेठ, मनु सेठ, तन्नू सेठ और विवेक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।