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आ गया महाशिवरात्रि का पावन पर्व, जाने इसके रात का अद्भुत रहस्य

आ गया महाशिवरात्रि का पावन पर्व, जाने इसके रात का अद्भुत रहस्य
Feb 14, 2026, 01:14 PM
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Posted By Preeti Kumari

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि का पावन पर्व 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा, जो शिव और शक्ति के दिव्य मिलन और महादेव की कृपा प्राप्त करने का सबसे पवित्र दिन होता है. भक्ति का अनोखा रंग हर किसी को अपने रंग में रंग लेता है. फाल्गुन मास की ठंडी-ठंडी हवाओं में भक्ति का रंग घुलने लगा, मंदिरों की घंटियां मन को मंत्रमुग्ध करने लगी. इस पावन बेला के दिन हर भक्त सुबह से ही अपने आराध्य प्रभु शिव की पूजा-अर्चना करता है, जहां भक्ति-भाव के साथ उनका सिंगार, (जल, दूध, बेलपत्र से जलाभिषेक करता है. जिसके बाद "हर-हर महादेव" के जयकारे के साथ भगवान शिवजी का आशीर्वाद लेता हैं.


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महाशिवरात्रि की रात जाने अद्भुत रहस्य


रविवार को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि साधना, संयम और शिवत्व को भीतर महसूस करने का अवसर भी है. लोग मानते हैं कि इस रात में की गई सच्ची प्रार्थना सीधे महादेव तक पहुंचती है. लेकिन आखिर इस पावन रात्रि का वास्तविक महत्व क्या है? किस पूजा से भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं? महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक और धार्मिक रहस्य काफी गहरा है, जो भक्ति और भगवान के मिलन के बीच के रिश्ते को दर्शाती है. कहते है कि जब-जब भक्तों ने सच्चे मन से भगवान शिव को पुकारा है तब-तब उन्होंने ज्योतिर्लिंग के रूप में स्वरूप धारण कर अपने भक्तों को दर्शन दिये है. यह केवल कथा नहीं, बल्कि भक्ति की शक्ति का प्रतीक है. जिस पर कुछ ही लोग विश्वास करते है.


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रामेश्वरम में बालू का शिवलिंग


बड़ी बात तो यह है कि भगवान शिव का दर्शन वहीं पा सकता है जो उन पर तन-मन से उनमें रम जाता और आंख बंद करके अपने प्रभु पर विश्वास करता है, फिर चाहे उसकी नईयां डूबने के रास्ते पर ही क्यों ना खड़ी हो. उदाहरण के तौर पर बता दें कि, जब भगवान राम को लंका पर विजय पाना था तो इससे पहले शक्ति की आवश्यकता हुई, तब उन्होंने रामेश्वरम में बालू का शिवलिंग बनाकर पूजा की थी. उनकी आराधना से प्रसन्न होकर शिव ने विजय का आशीर्वाद दिया.


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यही कारण है कि, रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के प्राकट्य की कथा मानी जाती है. इसी तरह महाभारत काल में अर्जुन ने पाशुपतास्त्र प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया. भगवान शिव किरात (भील) के वेश में प्रकट हुए और अर्जुन की परीक्षा ली. मल्लयुद्ध के बाद उन्हें वरदान दिया गया. जहां यह घटना हुई, वह स्थान आज मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजित है.

BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्र आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। शनिवार को विश्वविद्यालय के कला संकाय लॉन में आयोजित छात्र महापंचायत में छात्रसंघ बहाली और लोकतांत्रिक छात्र अधिकारों को लेकर चर्चा हुई। महापंचायत में शामिल छात्र-छात्राओं ने सर्वसम्मति से 29 अक्टूबर को छात्र मार्च निकालने और इसके बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया।छात्र महापंचायत में तय किया गया कि 29 अक्टूबर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से छात्रसंघ भवन तक मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर धरना शुरू किया जाएगा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन को संगठित और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।महापंचायत में छात्रों ने कहा कि छात्रसंघ विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने और उनके अधिकारों की आवाज उठाने के लिए एक मंच मिलता है। छात्रों के मुताबिक, लंबे समय से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग उठाई जा रही है। अब इस मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों से 29 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उनका कहना है कि छात्र एकजुट होकर छात्रसंघ की बहाली की मांग को प्रभावी तरीके से उठा सकते हैं।ALSO READ : वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शवछात्र महापंचायत के इस फैसले के बाद बीएचयू में छात्रसंघ बहाली का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब 29 अक्टूबर को प्रस्तावित छात्र मार्च और उसके बाद शुरू होने वाले धरने पर सबकी नजर रहेगी।
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी : आदमपुर थाना क्षेत्र के गोलाघाट में शनिवार को नगर निगम के सफाई कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया. उसके शरीर पर चोटों के निशान को देखते हुए हत्‍या की आशंका जताई जा रही है. सूचना के बाद पुलिस शव को कब्‍जे में लेने के साथ अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है.वहीं क्षेत्र में मौत को लेकर तरह - तरह की चर्चा व्‍याप्‍त है. उसके चेहरे, सिर पर गंभीर जख्‍म के निशान मिले हैं.सफाईकर्मी के चचेरे भाई ने बताया कि बीती रात खाना खाकर वह अपने घर गोलाघाट चला गया था. इस बीच शनिवार की सुबह नमो घाट पर एयर शो के समय सफाई कर्मियों ने उसके न आने पर तलाश शुरू की. कुछ लोग उसके घर पहुंचे तो युवक का शव घर के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला. फर्श पर खून फैला था. मृतक के शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान होने की बात सामने आई है.ALSO READ : वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोगघटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले में हत्या या दुर्घटना समेत किसी भी आशंका की पुष्टि नहीं हुई है. मृतक की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है. घटना के कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा.
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी : काशी विद्यापीठ ब्लॉक के मंगलपुर गांव में लोग तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेटस गिरने से परेशान हैं. एक महीने में गांव के 4 लोगों की मौत होने के बाद ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी का भय सता रहा है. सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची. लोगों की जांच हुई तो 10 लोगों में बुखार जैसे लक्षण मिले हैं. जिन लोगों की मौत हुई है, उसके पीछे परिजन डेंगू से मौत की बात कह रहे हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इन्कार किया है.जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार, टीम भेजकर जांच करने के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है. मंगलपुर गांव में अधिकांश लोगों को बुखार है. प्लेटलेटस भी कम होता जा रहा है. जमालूद्दीन (35), गुलाम रब्बानी (66), आयशा बेगम (52) और मद्दर बेगम (48) की मौत हुई है. परिजनों ने मौत की वजह डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियां बताई है. उनका कहना है कि जोड़ों में तेज दर्द, बुखार के साथ ही कई दिनों से प्लेटलेटस भी कम हो रहा था. नुरैन, तौफीक, सलाउद्दीन , जरदार, रामसुंदर पटेल बीमार हैं.परिजनों ने एएनएम को नहीं दी कोई जांच रिपोर्टजिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय का कहना है कि मंगलपुर गांव में कुछ लोगों के एक महीने के भीतर 4 मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच कराई. 10 लोगों में बुखार और मौसमी बीमारी के लक्षण मिले हैं. जरूरी दवाइयां देने के साथ ही उन्हें जागरूक किया जा रहा है. जिन लोगों के मौत की सूचना मिली, उनके घर आशा, एएनएम को भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी गई तो परिजनों ने रिपोर्ट देने से मना कर दिया. डेंगू से मौत हुई है तो परिजन रिपोर्ट क्यों नहीं दे रहे हैं. यह समझ नहीं आ रहा है. एक बार फिर विभागीय टीम गांव में जाएगी.ALSO READ : वाराणसी में पीएम के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, देखें पूरी लिस्टमंगलपुर गांव में टीम भेजकर जांच करवाई गई. परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई रिपोर्ट नहीं दी है, जिससे लोगों के बीमार होने और मौत की वजह की सही जानकारी मिल सके. दो दिन का विशेष अभियान चलाकर लोगों के सेहत की जांच कराई जाएगी।.- डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ