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काशी के कोतवाल ने किया नगर भ्रमण, शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

काशी के कोतवाल ने किया नगर भ्रमण, शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब
Jul 16, 2026, 10:48 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति की विश्व राजधानी काशी ने गुरुवार को एक बार फिर उस दिव्य क्षण का साक्षात्कार किया, जब काशी के कोतवाल, न्याय एवं धर्म के अधिष्ठाता भगवान श्री काल भैरव स्वयं अपने भक्तों को दर्शन एवं आशीर्वाद देने नगर भ्रमण पर निकले. जैसे ही स्वर्णिम रथ पर विराजमान बाबा श्री काल भैरव की स्वर्ण-रजत पंचबदन प्रतिमा ने नगर भ्रमण प्रारंभ किया, "हर-हर महादेव" और "जय बाबा काल भैरव" के गगनभेदी उद्घोष से गुंजायमान हो उठा. श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर बाबा का स्वागत किया और विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि तथा जनकल्याण की मंगलकामना की.


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72 साल से निभा रहे परंपरा


सन् 1954 से चली आ रही इस ऐतिहासिक एवं गौरवशाली परंपरा के अंतर्गत स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी, वाराणसी द्वारा आयोजित 72वीं भव्य शोभायात्रा में पूर्वांचल सहित काशी के हजारों श्रद्धालु, स्वर्णकार समाज के सभी संस्थाओं के पदाधिकारी, संत-महात्मा, पीठाधीश्वर, जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्मिलित हुए. धार्मिक उल्लास, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण इस आयोजन ने काशी की प्राचीन परंपरा और स्वर्णकार समाज की धार्मिक एवं सामाजिक एकरूपता का प्रभावशाली परिचय दिया.


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चौखंभा स्थित काठ की हवेली से वैदिक मंत्रोच्चार, अनवरत शंखनाद और डमरुओं की दिव्य ध्वनि के बीच अध्यक्ष घनश्याम सेठ 'बच्चा', महामंत्री राजू वर्मा, कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह, शोभायात्रा मंत्री जनार्दन वर्मा एवं कमेटी के पदाधिकारियों ने भगवान की विधिवत आरती उतारकर शोभायात्रा का शुभारंभ किया. शोभायात्रा में सबसे आगे धर्मध्वजाएं लिए श्रद्धालु चल रहे थे. उनके पीछे ताशा - बाजा, पाइप बैंड, 11 छत्रधारी अश्वों पर सवार देवस्वरूप, आकर्षक धार्मिक झांकियां तथा भगवान राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, मां काली, मां दुर्गा और श्रीहनुमान के सजीव स्वरूप श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहे थे. माता वैष्णो देवी तथा गोविंदेश्वर महादेव की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जबकि डमरुओं की गूंज और शहनाई की मधुर स्वर लहरियों ने वातावरण को पूर्णतः शिवमय बना दिया. न्यू इवेंट प्लानर की टीम द्वारा प्रस्तुत भजनों ने पूरे मार्ग को भक्तिरस में सराबोर कर दिया.


शोभायात्रा के दौरान कमेटी के संस्थापक स्वर्गीय किशुनदास जी एवं स्वर्गीय भिखू सेठ जी की सुसज्जित झांकी श्रद्धांजलि स्वरूप साथ चल रही थी. मार्ग भर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. रास्ते में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने पुष्पवर्षा, आरती एवं शीतल पेय सेवा के माध्यम से बाबा का भव्य स्वागत किया. कमेटी के सभी पदाधिकारी पारंपरिक केसरिया पगड़ी में सनातन संस्कृति की गरिमा का संदेश देते हुए शोभायात्रा का नेतृत्व कर रहे थे.

यह भव्य शोभायात्रा अपने पारंपरिक मार्ग चौखंभा, बीबीहटिया, जतनबर, विशेश्वरगंज, महामृत्युंजय, दारानगर, मैदागिन, बुलानाला, चौक, नारियल बाजार, गोविंदपुरा, ठठेरी बाजार, सोराकुआं एवं गोलघर होते हुए श्री काल भैरव मंदिर पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा की भव्य महाआरती संपन्न हुई तथा प्रतिमा को पुनः मंदिर में प्रतिष्ठित किया गया.


शोभायात्रा के पूर्व कमेटी के संरक्षक श्याम सुंदर सिंह के नेतृत्व में अनुज गौतम, संदीप सेठ, जितेंद्र सेठ, संजय सेठ, महेश सिंह आदि ने रथ को तैयार किया. शोभायात्रा के संचालन व्यवस्था में शोभायात्रा मंत्री जनार्दन वर्मा के साथ नागरिक सुरक्षा कोतवाली प्रखंड के स्वयंसेवक वाकी टाकी लेकर कमेटी के पदाधिकारी के साथ कुशल व व्यवस्थित सहयोग किया. सूचना मंत्री संदीप सेठ के नेतृत्व में 15 सदस्य दल रथ खींच रहे थे. मीडिया संयोजक डॉ. कैलाश सिंह विकास एवं किशोर कुमार सेठ ने बताया कि बाबा श्री काल भैरव की यह शोभायात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चेतना और लोककल्याण का विराट उत्सव है. बाबा से विश्व में शांति, भारत की निरंतर उन्नति, समाज की समृद्धि तथा प्रत्येक परिवार के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की गई.


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जनप्रतिनिधि व विशिष्ट जन रहे उपस्थित

आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉक्टर दयाशंकर मिश्र "दयालु", विधायक व पूर्व मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी, पाषर्द संजय विश्वंभरी, मनोज यादव, कनकलता मिश्रा, पूर्व पाषर्द बृजकिशोर दास, रविशंकर सिंह, अशोक सेठ, किशोर सेठ, मनोज सिंह, मनोज सिंह आदि मौजूद रहे. इन अतिथियों को अंगवस्त्र प्रदान कर इनका अभिनंदन किया गया. ईश्वर दयाल सिंह सेठ, महामृत्युंजय मंदिर महंत किशन दीक्षित, शिव गोपाल सर्राफ, कमलेश चंद्र वर्मा, राकेश वर्मा, सुमित वर्मा चंदू, सत्यनारायण सेठ, विजय चौधरी, अन्ना मोरे, संतोष पाटिल आदि भी मौजूद रहे.

नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
वाराणसी : नागपंचमी पर्व को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जैतपुरा स्थित ऐतिहासिक नागकुआं क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर मेला क्षेत्र में सफाई, प्रकाश, जल निकासी और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नागरिक सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी न रहे।नगर आयुक्त ने पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए निर्बाध स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के निर्देश दिए। उन्होंने जलकल और सिविल विभाग के जेई को व्यवस्थाओं को समय से दुरुस्त करने को कहा।ALSO READ: कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथनागकुआं के निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त ने औसानगंज वार्ड का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में सफाई समेत अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागपंचमी के मेला क्षेत्र और आसपास के वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद, जलकल विभाग के जेई, सिविल विभाग के जेई, सफाई निरीक्षक अवनीश दुबे समेत नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
वाराणसीः बीएचयू में पालतू कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल 11 साल के अभिनव से चार दिन बाद रविवार को मिलने प्रो. श्रद्धा सिंह अपने पति के साथ ट्रामा सेंटर पहुंचीं. उन्होंने बच्चे के माता-पिता से हाथ जोड़कर माफी मांगी और भविष्य में कुत्ता नहीं रखने की बात कही. हालांकि बच्चे के माता-पिता ने उनसे नाराजगी जताई. मां ने तो सीधे सवाल कर दिया कि अब क्यों आईं हैं. पिता ने शिकायत किया कि बच्चा अब भी बोल नहीं पा रहा है.ALSO READ: BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकालाप्रोफेसर और उनके पति ने कुत्ते के टीकाकरण का कार्ड दिखाया. साथ ही कहा कि भविष्य में कुत्ता घर में नहीं रखने की बात भी कही। बता दें कि बीते 13 अगस्त की सुबह बीएचयू ट्रामा सेंटर में सीनियर नर्सिंग आफिसर प्रेमाराम दोनों बेटों 11 वर्षीय अभिनव और 13 वर्षीय हर्ष के साथ बीएचयू परिसर में मार्निंग वाक पर निकले थे. वापस लौटने के दौरान कुछ दूर निकल चुके बड़े बेटे को लेने के लिए आगे बढ़ गए. वहीं छोटा बेटा परिसर की ही जोधपुर कालोनी स्थित घर की ओर अकेला जाने लगा. इसी दौरान हिंदी विभाग की प्रो. श्रद्धा सिंह के पालतू कुत्ते ने अभिनव पर हमला कर दिया. वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से बच्चे को कुत्ते से बचाया. गंभीर हालत में उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया. बच्चे को कुत्ते ने इतनी बुरी तरह से काटा था कि उसके सिर व चेहरे पर 50 टांके लगाने पड़े. वहीं आरोप है कि प्रो. श्रद्धा सिंह बच्चे की मदद करने की बजाय वहां से चली गईं. उन्होंने बच्चे पर कुत्ते द्वारा हमले से भी इनकार किया था. वहीं बीएचयू प्रशासन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
वाराणसी : बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के नवनियुक्त प्रभारी पर 11 साल से तैनात केयरटेकर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। केयर टेकर का आरोप है कि मुझ पर कुछ कर्मचारियों के खिलाफ गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाया गया।केयर टेकर ने दावा किया कि दबाव में काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद 28 जुलाई को कुलपति से शिकायत की। इसके अगले ही दिन मुझे ट्रॉमा सेंटर आने से रोक दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी शोकॉज नोटिस के काम से हटा दिया गया।मामले में केयर टेकर ने कुलपति को ई-मेल के जरिए शिकायत करने के साथ सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर प्रभारी बदलाव के लिए आए थे, लेकिन उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाने का आरोपBHU ट्रॉमा सेंटर में 2014 से केयरटेकर के पद पर तैनात सुनील यादव ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है। कहा- 20 जुलाई को नए प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. अजीत कुमार के आने के बाद से मुझे परेशान किया जा रहा था।सुनील ने कहा- कुछ कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने के लिए मुझ पर दबाव बनाया जा रहा था। लिखना था कि वे समय पर ड्यूटी नहीं आते और काम नहीं करते, जबकि कर्मचारी नियमित रूप से काम कर रहे थे।ALSO READ: बीएचयू शिक्षा संकाय का 109वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गयासुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।सुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।मना किया तो ट्रामा में प्रवेश पर रोक लगा दीसुनील ने बताया कि उन्होंने ऐसा लिखने से इनकार किया तो उन पर दबाव बनाया गया और कहा गया कि वह सौरभ सिंह के आदमी हैं। इसके बाद उन्होंने 28 जुलाई को पत्र के माध्यम से कुलपति से शिकायत की। उनका आरोप है कि 29 जुलाई को जब वह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और बताया कि उनके प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।सुनील का कहना है कि उन्हें काम से हटाने से पहले कोई शो-कॉज नोटिस नहीं दिया गया। उन्हें सीधे कहा गया कि वह अगले दिन से काम पर न आएं। उन्होंने इस कार्रवाई को नियमों के खिलाफ बताते हुए मामले में शिकायत की है।सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में शिकायतसुनील यादव ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर ई-मेल के जरिए कुलपति से शिकायत की। इसके बाद जनसुनवाई, सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत दर्ज कराई है।उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर में वर्चस्व की लड़ाई के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। सुनील के मुताबिक, वह 11 साल से काम कर रहे हैं और उन्हें बदले की भावना से हटाया गया है, जिससे उन पर मानसिक दबाव बना हुआ है।सुनील ने दावा किया कि जब उन्होंने कार्रवाई का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि वीसी ने निर्देश दिया है कि जो भी गलत दिखाई दे, उसे हटा दिया जाए।