सारनाथ में सात माह से बंद है लाइट एंड साउंड शो, पर्यटकों में छाई मायूसी
वाराणसी: भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ में पर्यटक मायूस हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि पुरातत्व खंडहर परिसर में भगवान बुद्ध के जीवन पर आधारित लाइट एंड साउंड शो पिछले सात महीनों से बंद पड़ा है. यह शो खराब उपकरणों और नए उपकरणों के लिए स्क्रिप्ट फाइनल न होने के कारण शुरू नहीं हो पा रहा है. इस स्थिति के चलते पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं, जबकि उनके द्वारा इस शो के माध्यम से भगवान बुद्ध की जीवनी के बारे में जानकारी प्राप्त करने की उम्मीद की जाती है.

करोड़ों की लागत से स्थापित लाइट एंड साउंड शो
लगभग 10 वर्ष पहले 7.88 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित लाइट एंड साउंड शो में वर्तमान में 60 पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था है. हालांकि, बढ़ती भीड़ को देखते हुए नए प्रोजेक्ट में कुर्सियों की संख्या बढ़ाकर 120 करने की योजना बनाई गई है. नई कुर्सियां पर्यटकों के लिए अधिक आरामदायक होंगी. इसके अलावा, पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच भी लगाई जाएंगी, ताकि गाइड और अन्य लोग भी आराम से बैठ सकें.

शो को लेकर पर्यटकों ने जताई आपत्ति
लाइट एंड साउंड सिस्टम के पुराने होने के कारण पर्यटकों को पिक्चर और आवाज स्पष्ट नहीं सुनाई दे रही थी. इस मुद्दे को लेकर पर्यटकों ने कई बार आपत्ति भी जताई. इसके समाधान के लिए पर्यटन विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा, जिसमें 10 वर्ष पुराने और खराब लेंस को बदलने का अनुरोध किया गया. शासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 9.60 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की, जिसमें से एक करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं. इसके बाद कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड (विद्युत) को बजट जारी करते हुए टेंडर करने के निर्देश दिए गए हैं.

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लाइट एंड साउंड शो के स्क्रिप्ट को फाइनल करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक के पास फाइल भेजी गई है. जैसे ही यहां से अनुमोदन मिलेगा, कार्यदायी संस्था काम शुरू करेगी, जिससे पर्यटक जल्द ही लाइट एंड साउंड शो का आनंद उठा सकेंगे. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि लाइट एंड साउंड शो कब से शुरू होगा और पर्यटकों को इसका लाभ कब मिलेगा. इस विषय पर जिम्मेदारों के पास कोई ठोस जवाब नहीं है. सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो की स्थिति पर्यटकों के लिए निराशाजनक बनी हुई है. सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कब यह शो पुनः शुरू होगा और पर्यटक भगवान बुद्ध की जीवनी के इस अद्भुत अनुभव का लाभ उठा सकेंगे.



