ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर सजेगा मां बागेश्वरी क्लब का पंडाल...
वाराणसी : के अलईपुर क्षेत्र में वरुणा नदी के किनारे मां शैलपुत्री का प्राचीन मंदिर स्थित है। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण देवी को शैलपुत्री नाम मिला। मां का वाहन वृषभ यानी बैल है। उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का फूल सुशोभित है। मान्यता है कि मां शैलपुत्री के दर्शन-पूजन से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवरात्र के पहले दिन मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर बनेगा मां बागेश्वरी क्लब का पंडाल
वाराणसी के जैतपुरा में मां बागेश्वरी क्लब की ओर से इस बार ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर दुर्गा पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है। हर साल कुछ अलग करने की कोशिश करने वाला यह क्लब इस बार पंडाल के जरिए देशभक्ति और भारतीय सेना के पराक्रम का संदेश देगा। पंडाल में मां दुर्गा को योद्धा यानी वारियर के रूप में दिखाया जाएगा, जो महिषासुर का वध करती नजर आएंगी।
बंगाल के कारीगर तैयार कर रहे हैं पंडाल
मां बागेश्वरी क्लब के पंडाल को तैयार करने के लिए पश्चिम बंगाल से कारीगर बुलाए गए हैं। करीब 50 कारीगर लगातार निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं। पंडाल के आकार और डिजाइन के आधार पर इसे तैयार करने में डेढ़ से दो महीने का समय लगता है। इसके निर्माण में लकड़ी और रंगीन कपड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है। नवरात्र नजदीक आने के साथ ही काम में तेजी आ गई है और पंडाल धीरे-धीरे आकार लेने लगा है।
लेजर शो में दिखेगा ऑपरेशन सिंदूर
इस बार दुर्गा पूजा उत्सव में ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित लेजर शो प्रमुख आकर्षण होगा। इसके लिए मुंबई से विशेषज्ञों की टीम आएगी। पंडाल के बाहरी हिस्से पर होने वाले इस शो में भारतीय लड़ाकू विमानों, भारत के मानचित्र और हिमालय पर्वत को प्रदर्शित करने की तैयारी है। लेजर शो के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई और भारतीय सेना के पराक्रम को दर्शाया जाएगा। कुछ मिनट के इस प्रदर्शन के जरिए लोगों तक देशभक्ति का संदेश पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
ALSO READ : रामनगर रामलीला से बाइक चोरी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार, तीन मोटरसाइकिल बरामद...
वारियर के रूप में नजर आएंगी मां दुर्गा
मां बागेश्वरी क्लब के पंडाल में केवल सजावट ही नहीं, बल्कि मां दुर्गा की प्रतिमा भी ऑपरेशन सिंदूर की थीम के अनुरूप होगी। मां दुर्गा को योद्धा के रूप में तैयार किया जा रहा है। प्रतिमा मिट्टी से बनाई जा रही है, जबकि इसकी ऊपरी परत पर सिल्वर फॉयल का इस्तेमाल किया जाएगा। मां की पोशाक भी वारियर की वेशभूषा से प्रेरित होगी। मुख्य प्रतिमा के साथ अन्य प्रतिमाओं को भी इसी थीम पर तैयार किया जा रहा है। प्रतिमा को ऊंचा और आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है तथा इसे पंडाल परिसर में ही तैयार किया जा रहा है।
इस तरह जैतपुरा का मां बागेश्वरी क्लब इस बार दुर्गा पूजा के जरिए धार्मिक आस्था के साथ देशभक्ति का संदेश देने की तैयारी कर रहा है।



